भंवरी देवी हत्याकांड पर उबाल, हजारों लोगों ने घेरा फलोदी कलेक्ट्रेट, बोले- पहले अफसर हटाओ

जोधपुर. लोहावट के बहुचर्चित भंवरी देवी विश्नोई हत्याकांड को लेकर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. हत्याकांड के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को हजारों की संख्या में लोग फलोदी पहुंचे और जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया. पूर्व विधायक किशनाराम विश्नोई के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई. प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की. साथ ही लोहावट थानाधिकारी और उप अधीक्षक को फलोदी जिले से हटाने की मांग भी रखी गई.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक दोनों अधिकारियों को जिले से नहीं हटाया जाता, तब तक वे कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे रहेंगे. इधर, मामले की जांच के लिए गठित SIT भी लगातार पड़ताल में जुटी है. डीआईजी देवेंद्र बिश्नोई के नेतृत्व में SIT ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और अब तक हुई जांच की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली है.
हजारों लोगों ने किया कलेक्ट्रेट का घेरावलोहावट और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग फलोदी जिला मुख्यालय पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर पहुंचकर हत्याकांड के जल्द खुलासे की मांग की. पूर्व विधायक किशनाराम विश्नोई के नेतृत्व में लोगों ने राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में हत्यारों की गिरफ्तारी के साथ ही मामले की जांच को लेकर भी कई मांगें रखी गईं. प्रदर्शनकारियों ने लोहावट थानाधिकारी और उप अधीक्षक को फलोदी जिले से हटाने की मांग की है. लोगों ने साफ कहा कि जब तक दोनों अधिकारियों को जिले से नहीं हटाया जाता, तब तक कलेक्ट्रेट के बाहर धरना जारी रहेगा. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन से जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग होती रही.
16 दिन बाद भी हत्यारों का सुराग नहींभंवरी देवी की हत्या को 16 दिन से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई है. इसी वजह से इलाके में नाराजगी बढ़ती जा रही है. ग्रामीणों और पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें पुलिस की अब तक की कार्रवाई से संतोष नहीं है. घटना 27 जुलाई की रात लोहावट क्षेत्र के जंभेश्वर नगर गांव में हुई थी. बताया गया कि भंवरी देवी रात में घर के बाहर सो रही थीं. इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया. अपनी मां को बचाने के लिए उनकी दोनों बेटियां भी आगे आईं, लेकिन हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया. हमले में भंवरी देवी की मौत हो गई, जबकि उनकी दोनों बेटियां घायल हो गईं. एक बेटी का जोधपुर एम्स में इलाज चल रहा है, जबकि दूसरी बेटी घर पर उपचार करा रही है. परिवार के सामने एक तरफ मां को खोने का दुख है तो दूसरी तरफ घायल बेटियों के इलाज की चिंता भी बनी हुई है.
पूर्व विधायक किशनाराम समेत लोग लगातार आंदोलन परहत्याकांड के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोहावट के पूर्व विधायक किशनाराम विश्नोई पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. उनके साथ करीब 115 लोग अनशन पर बैठे हैं. बारिश और खराब मौसम के बावजूद अनशनकारी लोहावट पुलिस थाने के बाहर डटे हुए हैं. इस आंदोलन को अब आसपास के क्षेत्रों से भी समर्थन मिल रहा है. बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी प्रदर्शन में शामिल हो चुके हैं. लोगों का कहना है कि जब तक भंवरी देवी के हत्यारे गिरफ्तार नहीं होते और परिवार को न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा.
फलोदी बंद का भी किया गया था आह्वानहत्याकांड को लेकर फलोदी बंद का भी आह्वान किया गया. व्यापार संघ और कांग्रेस की ओर से बंद को समर्थन दिया गया. बंद और कलेक्ट्रेट घेराव का मुख्य मुद्दा यही रहा कि पुलिस जल्द से जल्द हत्याकांड का खुलासा करे और आरोपियों को गिरफ्तार करे. लोगों का कहना है कि घटना को काफी समय बीत गया है, लेकिन अभी तक हत्या के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान सामने नहीं आई है. यही सवाल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.
SIT ने संभाली जांच, घटनास्थल का भी किया निरीक्षणमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है. डीआईजी देवेंद्र बिश्नोई के नेतृत्व में SIT मामले की जांच कर रही है. टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े अधिकारियों से अब तक की जांच के बारे में जानकारी ली. SIT अलग-अलग पहलुओं को सामने रखकर जांच आगे बढ़ा रही है. अधिकारियों से चर्चा के बाद टीम ने जांच में सामने आए तथ्यों और अब तक जुटाई गई जानकारी को भी देखा है. पुलिस का कहना है कि मामले का जल्द खुलासा करने के लिए जांच जारी है.
क्या हुआ था 27 जुलाई की रात27 जुलाई की रात जंभेश्वर नगर गांव में भंवरी देवी घर के बाहर सो रही थीं. इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया. उनकी दोनों बेटियां मां को बचाने के लिए पहुंचीं तो हमलावरों ने उन पर भी हमला किया. भंवरी देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दोनों बेटियां घायल हो गईं. इसके बाद से ही पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन 16 दिन बीतने के बाद भी हत्या के आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. इसी देरी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ा है. अब फलोदी कलेक्ट्रेट के घेराव और धरने के बाद आंदोलन और तेज हो गया है. प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों को हटाने और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग रखी है. लोगों ने साफ कर दिया है कि जब तक भंवरी देवी के परिवार को न्याय नहीं मिलता और मामले का खुलासा नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की SIT जांच और अगली कार्रवाई पर सबकी नजर है.



