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10mm का किडनी स्टोन निकालने के लिए कौन सी सर्जरी करानी चाहिए? यूरोलॉजिस्ट से समझिए

Best Surgery for Kidney Stone: किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी की समस्या अब कॉमन हो गई है. बड़ी संख्या में युवा इसका शिकार हो रहे हैं. कई बार छोटे स्टोन दवाओं और पर्याप्त पानी पीने से अपने आप बाहर निकल जाते हैं, लेकिन जब स्टोन का आकार बढ़ जाता है, तो इलाज के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है. खासकर 10mm का किडनी स्टोन अपने आप निकलने की संभावना कम होती है. इतना बड़ा स्टोन असहनीय दर्द, पेशाब में खून, बार-बार इंफेक्शन या किडनी में सूजन जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि 10mm के स्टोन के लिए कौन-सी सर्जरी सबसे बेहतर होती है.

दिल्ली के मलकागंज स्थित पाठक स्टोन एंड यूरोलॉजी सेंटर के सीनियर यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमरेंद्र पाठक ने को बताया 5mm से छोटे ज्यादातर स्टोन अपने आप निकल सकते हैं, जबकि 5 से 10mm के स्टोन कुछ मामलों में दवाओं की मदद से बाहर आ सकते हैं. हालांकि 10mm का स्टोन अपने आप निकलने की संभावना काफी कम होती है. खासकर अगर स्टोन पेशाब की नली में फंस जाए, दर्द हो और पेशाब में रुकावट हो रही है, तो सर्जरी का जरूरत पड़ सकती है. ऐसे मामलों में डॉक्टर स्टोन की स्थिति, आकार और मरीज की कंडीशन को देखकर सर्जरी की सलाह देते हैं.

किडनी स्टोन की सर्जरी कौन सी हैं?

यूरेटेरोस्कोपी : अगर किडनी स्टोन यूरेटर यानी किडनी और ब्लैडर को जोड़ने वाली नली में फंसा हो, तो यूरेटेरोस्कोपी (URS) की सलाह दी जाती है. इस प्रक्रिया में एक पतली दूरबीन जैसी ट्यूब पेशाब के रास्ते अंदर डालते हैं और लेजर की मदद से स्टोन को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ देते हैं. इसके बाद ये टुकड़े अपने आप बाहर निकल जाते हैं या उन्हें निकाल दिया जाता है. इस प्रक्रिया में शरीर पर कोई चीरा नहीं लगाया जाता और रिकवरी अपेक्षाकृत जल्दी होती है.

एक्स्ट्राकॉर्पोरियल शॉक वेव लिथोट्रिप्सी : किडनी स्टोन का आकार, जगह और कठोरता सही हो, तो डॉक्टर एक्स्ट्राकॉर्पोरियल शॉक वेव लिथोट्रिप्सी (ESWL) की सलाह दे सकते हैं. इस तकनीक में शरीर के बाहर से शॉक वेव्स भेजकर स्टोन को छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है, ताकि वे पेशाब के साथ बाहर निकल सकें. हालांकि सभी 10mm के स्टोन के लिए यह तकनीक एक समान प्रभावी नहीं होती है. इसकी सफलता स्टोन के प्रकार और उसकी कंडीशन पर निर्भर करती है.

मिनी पीसीएनएल : अगर 10mm का स्टोन किडनी के अंदर ऐसी जगह है जहां ESWL या URS प्रभावी नहीं हैं या स्टोन बहुत सख्त है, तो डॉक्टर मिनी पर्क्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (Mini PCNL) की सलाह दे सकते हैं. इसमें पीठ पर एक छोटा-सा चीरा लगाकर विशेष उपकरण की मदद से स्टोन को निकाल दिया जाता है. यह प्रक्रिया जटिल स्टोन के लिए प्रभावी मानी जाती है.

10mm स्टोन के लिए कौन सी सर्जरी बेस्ट?

डॉक्टर पाठक की मानें तो हर मरीज के लिए एक ही सर्जरी सबसे बेहतर नहीं होती है. सही विकल्प स्टोन के आकार, उसकी स्थिति, कठोरता, इंफेक्शन की मौजूदगी, किडनी की कार्यक्षमता और मरीज की अन्य स्वास्थ्य समस्याओं पर निर्भर करता है. इसलिए किसी भी प्रक्रिया का चुनाव यूरोलॉजिस्ट की जांच और इमेजिंग रिपोर्ट जैसे CT स्कैन या अल्ट्रासाउंड के आधार पर ही किया जाता है. अगर किडनी स्टोन के साथ तेज और असहनीय कमर या पेट दर्द, पेशाब में खून, बुखार, ठंड लगना, पेशाब करने में कठिनाई, बार-बार उल्टी या पेशाब बंद होने जैसी समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. संक्रमण के साथ किडनी स्टोन एक मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है और समय पर इलाज न मिलने पर किडनी को नुकसान पहुंच सकता है.

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