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प्लेइंग XI से बाहर बैठने की आदत नहीं, व्यंकटेश अय्यर का दर्द आया बाहर, बताया कैसे बनाएंगे आगे रास्ता?

नई दिल्ली. वेंकटेश अय्यर चाहते हैं कि वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की प्लेइंग इलेवन में लगातार खेलें, लेकिन वह टीम की जरूरतों को समझते हैं और खुश हैं कि मैनेजमेंट ने उन्हें उनकी भूमिका साफ-साफ बता दी है. कोलकाता नाइट राइडर्स की आईपीएल 2024 जीत का हिस्सा रहे वेंकटेश ने आईपीएल 2026 से पहले आरसीबी जॉइन किया, लेकिन अभी तक सिर्फ एक मैच खेले हैं क्योंकि टीम के टॉप और मिडिल ऑर्डर में जगह बनाना मुश्किल है.

वेंकटेश अय्यर ने मीडिया से कहा, ‘बैठकर मैच देखना मेरी आदत नहीं है, लेकिन टीम का माहौल है और मैं टीम को सबसे ऊपर रखता हूं, तो मेरी जिम्मेदारी है कि मैं उस माहौल का पालन करूं.’ वेंकटेश जानते हैं कि आरसीबी अपनी टीम में बदलाव करने से हिचकिचाएगी क्योंकि पिछले साल इसी कॉम्बिनेशन ने उन्हें पहली आईपीएल ट्रॉफी दिलाई थी.

प्लेइंग ऐलेवन में घुसना आसान नहीं

वेंकटेश अय्यर ने कहा, ‘हम डिफेंडिंग चैंपियंस हैं, तो उस कॉम्बिनेशन को बदलना जिसने आपको चैंपियन बनाया, हमेशा सही फैसला नहीं होता. मैं टीम में नया हूं, तो मेरी जिम्मेदारी है कि मैं जानूं कि मैं क्या रोल निभा सकता हूं. इसका क्रेडिट मो (बोबट), एंडी (फ्लावर) और डीके (दिनेश कार्तिक) को जाता है. उन्होंने मेरी भूमिका को लेकर बहुत साफ बात की है. हां, बाहर बैठना मुश्किल है, सच कहूं तो इसकी तैयारी नहीं कर सकते. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मैं उनकी प्लानिंग में नहीं हूं. ये कब खेलूंगा, इसका सवाल है, ना कि खेलूंगा या नहीं.

खुद को मोटिवेट रखना जरूरी

आरसीबी ने 31 साल के वेंकटेश को आईपीएल 2025 की नीलामी में 7 करोड़ रुपये में खरीदा, जबकि पहले केकेआर ने उन्हें 23.75 करोड़ रुपये में लिया था. उनकी कीमत में गिरावट की तरह, आरसीबी में मैच खेलने के मौके भी कम हुए हैं, लेकिन वेंकटेश का मोटिवेशन कम नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, ‘आसान नहीं है, लेकिन मोटिवेट रहना बहुत जरूरी है क्योंकि आप जल्दी ही हताश हो सकते हैं, मेहनत करना छोड़ सकते हैं. मैं अपने दिमाग को ऐसे ट्रेन करता हूं कि हर मैच खेलने के लिए तैयार हूं.

कोलकाता से इमोशनल कनेक्शन

इम्पैक्ट प्लेयर रूल के चलते कुछ भी हो सकता है. साथ ही, मैं हमेशा खुद को कल से बेहतर बनाने की सोचता हूं. सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, जिंदगी में भी मैं देखता हूं कि कहां हूं. पिछले कुछ साल अच्छे रहे हैं, अब मेरी शादी हो गई है, परिवार है, तो ये सब मुझे मोटिवेट करता है.’ क्या केकेआर ने उन्हें छोड़ने पर कोई पछतावा है? उन्होंने कहा, ‘मैंने केकेआर में काफी समय बिताया, बहुत कुछ सीखा. अगर कहूं कि कोई इमोशनल कनेक्शन नहीं है, तो झूठ होगा. मेरे और अभिषेक नायर (केकेआर कोच) के बीच अच्छी बातचीत हुई, उन्होंने बताया कि टीम को क्या चाहिए. अगर टीम के लिए अच्छा है, तो मैं कुछ भी कर सकता हूं.

पाटीदार के पावर हिटिंग से हैरानी

डीके और पाटीदार की तारीफ करते हुए वेंकटेश ने कहा, ‘मैंने कार्तिक से टी20 बैटिंग के बारे में बहुत कुछ सीखा है. सबसे जरूरी है बैटिंग में फ्लेक्सिबल रहना. वह मुझे सिर्फ बैटिंग पर काम करवा रहे हैं, कैसे सिचुएशन को समझूं, कैसे दूसरों से आगे रहूं और मेहनत के साथ स्मार्ट बनूं.’ आरसीबी कप्तान रजत पाटीदार, जो वेंकटेश के एमपी अंडर-19 दिनों के साथी हैं, उनकी सादगी से वेंकटेश बहुत प्रभावित हैं. उन्होंने कहा, ‘रजत की सबसे बड़ी ताकत है उसकी सोच और बैटिंग में सादगी. लोग उसकी बाउंड्री क्लियर करने की क्षमता से हैरान हैं, लेकिन असल में ये उसकी सादगी है. वह टफ भी है. मैंने उसे सालों में बदलते नहीं देखा, वह वही पुराना रजत है जिसे मैं अंडर-19 में पसंद करता था.

रेड बॉल स्किल्स को अपग्रेड करना

आईपीएल नेट सेशन में रेड बॉल गेम सुधारना आसान नहीं है, लेकिन वेंकटेश यही कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘कमरे में बैठकर बोर हो जाता हूं, इसलिए ज्यादा समय वहां नहीं बिताना चाहता. मुझे लगता है कि मैंने अपनी रेड बॉल बॉलिंग पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया है, तो मैं ऐसे खिलाड़ियों से बात करता हूं जिन्होंने रेड बॉल क्रिकेट बहुत खेला है. पिछले साल (केकेआर में) मेरे पास मिशेल स्टार्क थे, इस साल जोश हेजलवुड हैं. तो मेरी बातचीत उनसे रेड बॉल बॉलिंग सुधारने पर होती है

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