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क्या है 34 बीघा का ‘प्रॉफिट फॉर्मूला’? किसान ने दिखाई आधुनिक खेती की राह, बिना केमिकल के हो रही बम्पर कमाई

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खेती में बनाई पहचान! ज्वेलर किसान की स्मार्ट फार्मिंग से हो रही जबरदस्त कमाई

Last Updated:April 27, 2026, 17:39 IST

Organic Farming 34 Bigha Rajasthan: पेशे से ज्वेलर रहे नितिन खंडेलवाल ने अपनी दूरदर्शिता से कृषि क्षेत्र में सफलता की नई इबारत लिखी है. उन्होंने अपनी 34 बीघा जमीन पर पूरी तरह से जैविक खेती को अपनाया है, जिससे वे आज बेहतरीन मुनाफा कमा रहे हैं. नितिन न केवल रसायनों के बिना शुद्ध उपज ले रहे हैं, बल्कि ड्रिप सिंचाई तकनीक के माध्यम से पानी की बचत और उत्पादकता को भी बढ़ावा दे रहे हैं. उनकी यह पहल पारंपरिक किसानों के लिए प्रेरणा है कि कैसे आधुनिक तकनीक और जैविक पद्धतियों के तालमेल से खेती को एक लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है.

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Alwar News: अलवर जिले के किसान कृषि के क्षेत्र में नए-नए नवाचार करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. अलवर जिले के कुछ इलाके डार्क जॉन में आता है. जिले के कुछ इलाकों में आज भी किसान अपने खेत में बोरिंग करवाते हैं तो पानी जिनकी किस्मत में हैं उनके खेत में पानी लगता है. ऐसे में अगर पानी लग भी जाता है तो 300 फिट से ज्यादा गहरा बोरिंग में पानी लगता है. ऐसे में निरंतर गिरते भूजल स्तर के कारण किसान अब नई नई तनीक से खेती कर रहे हैं ताकि कम पानी में फसल कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं. अलवर जिले के किसान रासायनिक उर्वरकों को छोड़ अब युवा किसान जैविक खेती की ओर रुख कर रहा है.

अलवर शहर के ज्वेलर दुकानदार नितिन खंडेलवाल पिता के द्वारा 34 बीघा खेत में जैविक खेती करते थे लेकिन अब बेटा नितिन पिता की विरासत को संभालते हुए जैविक खेती कर शुद्ध और रासायनिक मुक्त फसल तैयार कर रहे हैं. किसान नितिन खंडेलवाल अपनी ज्वेलर्स की दुकान के साथ अपने अलवर शहर के समीप चिकानी में 34 बीघा जमीन पर बने फार्म में जैविक खेती की शुरुआत कर उन्नत किस्म से फसल को तैयार करने की नई नई जानकारी जुटाते हैं. जिसमें 17 बीघा में फलदार पेड़ अनार, अमरूद, आम, जामुन, आमला, करोंझा सहित अन्य फलदार पेड़ लगा रहे हैं. बाकी 17 बीघा में जैविक तरीके से गेहूं, बाजार सहित अन्य फसल को जैविक तरीके से कर रहे हैं.

किसानों के लिए सब्सिडी दी जा रहीनितिन खंडेलवाल ने बताया कि खेती करने के लिए उन्होंने इजराइल तकनीक बूंद बूंद पद्धति से फसल को पानी दे रहे हैं. वहीं नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर खेती कर रहे हैं. वहीं बिजली बचत के लिए सोलर पैनल लगाकर बिजली की बचत कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि जैविक खेती करने फैसला इसलिए कि अभी रसायनिक खाद का उपयोग कर फसल तैयार की जा रही है, जिनके साइड इफेक्ट भी काफी खतरनाक होते हैं, ऐसे में लोगों को ऑर्गेनिक तरीके से की जाने वाली खेती से निकलने वाली फसल रोगों को उपलब्ध की जा रही है. साथ ही जैविक खेती करने के लिए सरकार द्वारा भी किसानों के लिए सब्सिडी दी जा रही है. सरकार किसानों को वार्मिग कंपोस्ट जैविक खाद, ड्रिप लाइन, सोलर सहित विभिन्न ऐसी योजना है जो किसानों के लिए चलाई जा रही है और सब्सिडी दी जा रही है.

किसान अपने खेत में गर्मी में सबसे ज्यादा बिकने वाला तरबूज की डिमांड अलवर में है पिछले साल किसान को अच्छा दाम मिल गया था वहीं इस बार उन्होंने अच्छे किस्म के बीज से तरबूज तैयार किए हैं.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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Location :

Alwar,Rajasthan

First Published :

April 27, 2026, 17:39 IST

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