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What is the secret to long life? | किस भगवान को पूजने से टलती है अकाल मृत्यु और लोग जीते हैं लंबी उम्र? गूगल जेमिनी और ChatGPT टूल्स से मिल ये जवाब

नई दिल्ली. भारत में लोग देवी-देवताओं की पूजा आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ खुद और अपने सगे-संबंधियों के लंबी उम्र के लिए भी करते हैं. खासकर मां-बाप अपने पुत्रों और पोते-पोतियों के लिए अलग-अलग भगवान के शरण में जाते हैं. भारत में 84 लाख से भी अधिक देवी-देवता हैं, जिनकी पूजा की जाती हैं. सनातन धर्म में देवी-देवताओं की पूजा स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना भी छिपी होती है. भारत के लोग अपने बाल-बच्चों की अकाल मृत्यु से लेकर अमीर बनने के लिए पूजा करते हैं. अक्सर आम लोगों के मन में यह धारणा और गहरा विश्वास रहता है कि कुछ विशेष देवी-देवताओं की आराधना करने से अकाल मृत्यु का संकट टल जाता है और इंसान दीर्घायु या लंबी उम्र जीता है. लॉर्ड विष्णु, लॉर्ड शिवा और लॉर्ड गणेशा के साथ लोग लक्ष्मी, पार्वती और राम भक्त हनुमान की पूजा करते हैं. ऐसे में गूगल जेमिनी और चैट जीपीटी जैसे एआई टूल्स ने लंबी उम्र के लिए एक-दो ऐसे भगवान का नाम बोला है, जिनका कद हिंदू देवी-देवताओं से थोड़ा अलग है.

भारत की इस प्राचीन लोक मान्यता और जन-धारणा को लेकर गूगल जेमिनी और चैटजीपीटी जैसे आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स से सवाल किया गया और एक विस्तृत रिसर्च की गई, तो विज्ञान, आस्था और मानवीय मनोविज्ञान का एक बेहद दिलचस्प संगम सामने आया है. भारत में अमूमन भगवान विष्णु के सभी अवतार की चर्चा होती है. विष्ण पालक हैं इसलिए उनके मत्स्य अवतार, कूर्म अवतार, वराह अवतार, नरसिंह अवतार, वामन अवतार, परशुराम अवतार, राम अवतार, कृष्ण अवतार, बुद्ध अवतार और कल्कि अवतार की चर्चा होती है. कलियुग के अंत में धर्म की पुनर्स्थापना के लिए भगवान का भविष्य में होने वाला कल्कि अवतार है, जो अभी नहीं हुआ है. इसके बाद लोग भगवान शंकर और दुर्गा यानी शक्ति की पूजा करते हैं. आइए जानते हैं कि भारत के लोग किस शक्ति को लंबी उम्र का प्रदाता मानते हैं और इस पर एआई का क्या विश्लेषण है.

अरब की 3 देवियां और उनकी शक्तियां. (Photo: AI)

जन-धारणा में ‘टॉप’ पर कौन? अकाल मृत्यु हरने वाले देव

भारतीय समाज में सदियों से यह गहरी मान्यता है कि मृत्यु और आयु का निर्धारण सर्वशक्तिमान के हाथों में है. जब बात लंबी उम्र और संकटों से रक्षा की आती है, तो आम लोगों के मन में मुख्य रूप से दो महाशक्तियों का नाम सबसे ऊपर आता है.

महाकाल (भगवान शिव): ‘अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चंडाल का, काल उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का.’ इस प्रसिद्ध पंक्ति के अनुसार, भगवान शिव को ‘मृत्युंजय’ यानी मृत्यु पर विजय पाने वाले माना जाता है. लोक मान्यता है कि भगवान शिव की आराधना और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने वाले इंसान के आसपास यमराज भी फटकने से डरते हैं. गंभीर बीमारियों से मुक्ति और लंबी उम्र के लिए शिव साधना को सर्वश्रेष्ठ माना गया है.

महाबली हनुमान: हनुमान जी को सनातन धर्म में ‘अष्टसिद्धि नवनिधि के दाता’ और ‘चिरंजीवी’ यानीअमर माना गया है. हनुमान चालीसा की चौपाई ‘नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा’ पर करोड़ों भारतीयों का अटूट विश्वास है. लोगों का मानना है कि हनुमान जी की भक्ति शारीरिक कष्टों को दूर कर मानसिक रूप से इतना मजबूत बना देती है कि इंसान लंबी और स्वस्थ जिंदगी जीता है.

गूगल जेमिनी और चैटजीपीटी (AI) का क्या है टेक?

जब इस विषय पर एआई मॉडल गूगल जेमिनी और चैटजीपीटी से राय मांगी गई, तो उन्होंने किसी एक भगवान को वैज्ञानिक रूप से ‘लंबी उम्र’ देने की बात की पुष्टि तो नहीं की. क्योंकि विज्ञान ईश्वर की भौतिक उपस्थिति को नहीं मापता, लेकिन एआई ने ‘आस्था और स्वास्थ्य’ के बीच के उस गहरे संबंध को जरूर उजागर किया जो लंबी उम्र का कारण बनता है.

धार्मिक ग्रंथों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, नवग्रहों में ‘शनि देव’ को आयु का कारक माना गया है.

‘टॉप-10 देवी-देवता इस शक्ति के सामने कहीं नहीं टिकते!’

धार्मिक ग्रंथों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, नवग्रहों में ‘शनि देव’ को आयु का कारक माना गया है और भगवान शिव को काल का भी काल यानी ‘महाकाल’ कहा गया है. लोक कथाओं में यह विश्वास भरा हुआ है कि जब यमराज भी किसी के प्राण लेने आते हैं, तो शिव या हनुमान जी की शरण में गए भक्त को वे छू भी नहीं पाते.

एआई इस पर निष्कर्ष देते हुए कहता है कि भारत में लोगों के मन में यह धारणा बेहद मजबूत है कि “श्रद्धा और विश्वास में ही जीवन की शक्ति है.” चाहे वह शिव की आराधना हो, हनुमान जी का सिंदूर वंदन हो या मार्कंडेय ऋषि की तरह महामृत्युंजय का पाठ यह अटूट विश्वास इंसान के अवचेतन मन को इतनी असीम शांति और ऊर्जा से भर देता है कि उसका सीधा सकारात्मक असर उसकी सेहत और उम्र पर पड़ता है. यही वजह है कि भारत में आस्था को दीर्घायु जीवन का सबसे बड़ा गुप्त ‘टॉनिक’ माना जाता है.

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