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सरकार का चला डंडा तो सीधी हुई Meta, भारत में डिलीट किए 1.60 लाख अकाउंट्स

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Last Updated:July 08, 2026, 06:57 IST

पिछले सप्ताह इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को नोटिस जारी कर इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़े सभी विज्ञापनों और कंटेंट को हटाने को कहा था. मंत्रालय ने कंपनी से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है.

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सरकार का चला डंडा तो सीधी हुई Meta, भारत में डिलीट किए 1.60 लाख अकाउंट्सZoomबच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापन मामले में भारत सरकार ने मेटा को नोटिस जारी किया था.

नई दिल्‍ली. इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को लेकर केंद्र सरकार की सख्ती के बाद मेटा ने कहा है कि बच्चों का यौन शोषण एक घिनौना अपराध है और वह अपने सभी प्लेटफॉर्म पर इससे संबंधित सामग्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है. मेटा के मुताबिक पिछले 6 महीने में भारत में 1.60.लाख संदिग्ध अकाउंट हटाए गए हैं.

पिछले सप्ताह इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को नोटिस जारी कर इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़े सभी विज्ञापनों और कंटेंट को हटाने को कहा था. मंत्रालय ने कंपनी से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है. आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को मेटा को तलब करने के आदेश दिए थे. केंद्र सरकार की सख्ती का साफ असर दिखने लगा है. अब मेटा ने बताया है कि बच्चों के यौन शोषण और ऑनलाइन अपराध रोकने के लिए वह क्या क्या कदम उठा रहा है.

एआई के जरिए हो रही संदिग्‍ध सामग्री की पहचान

मेटा के मुताबिक पिछले 6 महीने में भारत में 1.60.लाख संदिग्ध अकाउंट हटाए गए हैं. एआई की सहायता से संदिग्ध लिंक, बच्चों के शोषण से जुड़ी गतिविधियों और संदिग्ध व्यवहार की पहचान की जाती है. इसी तकनीक के जरिए पिछले वर्ष फेसबुक और इंस्टाग्राम से दुनिया भर में 40 लाख से अधिक संदिग्ध अकाउंट हटाए थे.

मेटा के मुताबिक विज्ञापनों की भी जांच होती है जिससे कि ऐसे नेटवर्क या गलत सामग्री को बढ़ावा न मिले. मेटा ने कहा कि सरकार या अन्य एजेंसियों की ओर से मामला उठाए जाने से पहले ही उसके ऑटोमेटेड सिस्टम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले विज्ञापनों और उनसे जुड़े अकाउंट को बंद कर दिया था.

आरोपों को किया खारिज

मेटा पर यह आरोप लगते रहे हैं कि वह बच्चों से जुड़े विज्ञापनों को किसी विशेष या अनुचित रुचि रखने वाले लोगों तक जानबूझकर पहुंचाती है. कंपनी ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह ऐसा कभी नहीं करती.

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