जब प्रोड्यूसर ने किशोर कुमार से जबरन करवाई एक्टिंग, फिल्म में थे कालजयी गाने, मूवी ने अंधाधुंध छापे पैसे

Last Updated:May 01, 2026, 17:16 IST
Kishore Kumar Sad Songs : बॉलीवुड के लीजेंड सिंगर किशोर कुमार ने अपने करियर के हर तरह के गाने गाए हैं. वैसे तो किशोर दा जोशीले अंदाज में रोमांटिक गाने बहुत ही खूबसूरती से गाते थे लेकिन कई फिल्मों में उन्होंने विरह-वेदना से भरे दर्दभरे गाने भी गाए हैं. 58 साल पहले उन्होंने एक फिल्म में एक ही गाने के दो वर्जन गाए थे. पहला गाना रोमांटिक था जो कि प्यार के इजहार का जरिया बन गया. इसी गाने का सैड वर्जन भी किशोर दा ने गाया था जो कभी रिलीज ही नहीं हुआ. यूट्यूब पर इस गाने का सैड वर्जन उपलब्ध है. इस गाने को सुनते ही आंखें भर आएंगी. वो सुपरहिट फिल्म कौन सी थी, वो गाना कौन सा था, आइये जानते हैं……
70 का दशक शुरू होने से पहले ही किशोर कुमार की आवाज का जादू लोगों के दिलों पर छाने लगा था. 1968 में एक ऐसी फिल्म आई थी जिसमें किशोर दा ने जबर्दस्त एक्टिंग की थी. अपनी एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत लिया था. इस फिल्म के गाने भी उन्होंने गाए थे. हम 1968 में रिलीज फिल्म ‘पड़ोसन’ की बात कर रहे हैं. वैसे तो इस फिल्म के लीड एक्टर सुनील दत्त और सायरा बानो थे लेकिन किशोर दा ने छोटे से रोल में महफिल लूट ली थी. उन्होंने ऑनस्क्रीन गाने गाए. म्यूजिकल कॉमेडी वाली इस फिल्म के गाने बहुत पॉप्युलर हुए थे. मूवी भी हिट निकली. आज इस फिल्म की गिनती कल्ट फिल्मों में होती है. इस फिल्म में किशोर दा ने ‘मेरी सामने वाली खिड़की में…’ गाने का सैड वर्जन भी गाया था मगर यह सॉन्ग कभी रिलीज नहीं हुआ. आइये जानते हैं इस फिल्म से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स…….
बॉलीवुड की सदाबहार फिल्मों में शुमार ‘पड़ोसन’ एक म्यूजिकल कॉमेडी फिल्म थी जिसका डायरेक्शन ज्योति स्वरूप ने किया था. फिल्म में सुनील दत्त, सायरा बानो लीड रोल में थे. महमूद-किशोर कुमार और ओमप्रकाश अहम भूमिकाओं में थे. फिल्म की कहानी बहुत ही शानदार थी. कर्णप्रिय गानों और महमूद-किशोर कुमार की कॉमेडी ने समा बांध दिया था. फिल्म का म्यूजिक आरडी बर्मन ने कंपोज किया था. गाने राजेंद्र कृष्ण ने लिखे थे. डायलॉग-स्क्रीनप्ले राजेंद्र कृष्ण ने ही लिखा था. कहानी अरुण चौधरी ने लिखी थी.
‘पड़ोसन’ फिल्म का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था. फिल्म में कुल 9 गाने रखे गए थे. फिल्म का एक गाना बहुत मशहूर हुआ जिसके बोल थे : ‘मेरे सामने वाली खिड़की में एक चांद का टुकड़ा रहता है…’ इस गाने का इस्तेमाल प्यार के लिए इजहार के लिए जाता है. फिल्म के अन्य पॉप्युलर सॉन्ग ”एक चतुर नार, करके श्रृंगार..’, ‘कहना है आज तुमसे ये पहली बार’ जैसे सॉन्ग शामिल हैं.
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‘मेरे सामने वाली खिड़की में एक चांद का टुकड़ा रहता है…’ गाने को किशोर कुमार ने गाया था. पर्दे पर गाना सुनील दत्त पर फिल्माया जाता है और किशोर दा इस गाने को ऑनस्क्रीन गाते नजर आते हैं. किशोर कुमार इस गाने पर कॉमिक अंदाज में जबर्दस्त एक्टिंग करते नजर आते हैं. ऐसे में गाना सुनने का मजा दोगुना हो जाता है.
‘मेरे सामने वाली खिड़की में एक चांद का टुकड़ा रहता है…’ सॉन्ग के दो वर्जन थे. इसका सैड वर्जन भी किशोर दा ने गाया था लेकिन कभी रिलीज नहीं हुआ. ना ही सैड वर्जन फिल्म में रखा गया. हालांकि सैड वर्जन वाला यह गाना यूट्यूब पर उपलब्ध है. यानी पिछले 58 साल से किशोर दा का यह गाना रिलीज होने का इंतजार कर रहा है.
मजेदार बात यह है कि पड़ोसन फिल्म 1952 में आई बांग्ला फिल्म पाशेर बाड़ी का रीमेक थी. पाशेर बाड़ी लेखक अरुण चौधरी की एक लघुकथा पर आधारित थी. यह भी कहा जाता है कि किशोर दा इस फिल्म को नहीं करना चाहते थे. महमूद लगभग एक माह तक उनका पीछा करते रहे. फिर भी बात नहीं बनी तो महमूद ने किशोर कुमार के घर के बाहर तंबू लगा लिया. पूरी रात तंबू से किशोर कुमार से फिल्म करने के लिए आवाज लगाते रहे. थक-हारकर उन्होंने फिल्म के लिए हामी भर दी.
फिल्म का एक गाना ‘मेरी प्यारी बिंदु’ को किशोर दा ने कोरियोग्राफ किया था. दरअसल, कोरियाग्राफर उस दिन आया ही नहीं था. महमूद फिल्म को टालना नहीं चाहते थे. फिल्म में महमूद और सुनील दत्त के बीच गायन का मुकाबला होता है. महमूद का कैरेक्टर किशोर कुमार के कैरेक्टर विद्यापति से हार जाता है. मन्नाडे ने महमूद के लिए आवाज दी थी. आरडी बर्मन ने जब मन्नाडे ओ बताया कि आपको फिल्म में किशोर कुमार से हारना है, तो वह नाराज हो गए. महमूद ने जब मन्नाडे को पूरी सिचुएशन बताई वो भी हंस पड़े.
पड़ोसन मूवी 1968 में कमाई के मामले में छठे नंबर पर रही थी. फिल्म का कुल बजट लगभग 80 लाख रुपये था. फिल्म में वर्ल्डवाइड 2.8 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक हिट साबित हुई थी.
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