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कब्ज हो या पेट फूलना…सभी दिक्कतों को दूर करेगा सनाय का पौधा, बस जान लें इस्तेमाल का सही तरीका

Last Updated:August 26, 2026, 17:01 IST

Senna Leaves Benefits: गांव-कस्बों में मिलने वाला सनाय का पौधा भले ही आम नजर आए, लेकिन आयुर्वेद में इसे कब्ज की समस्या के लिए उपयोगी जड़ी-बूटी माना जाता है. इसकी पत्तियों और फलियों में पाए जाने वाले सेनोसाइड्स आंतों की गति बढ़ाकर मल त्याग को आसान बनाने में मदद करते हैं. हालांकि सनाय का सेवन हर किसी के लिए सही नहीं है और इसे लंबे समय तक या अधिक मात्रा में लेने से पेट में मरोड़, दस्त और कमजोरी जैसी परेशानी हो सकती है. आयुर्वेद विशेषज्ञ के अनुसार, कब्ज की समस्या में इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह और सही मात्रा में ही करना चाहिए.

गांव और कस्बों में कई ऐसे औषधीय पौधे मिलते हैं, जिनका इस्तेमाल आयुर्वेद में लंबे समय से होता आ रहा है. इन्हीं में से एक सनाय भी है. इसे आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी माना जाता है. इसकी सूखी पत्तियों और फलियों का इस्तेमाल मुख्य रूप से कब्ज की समस्या में किया जाता है. हालांकि, इसका सेवन सही मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा मात्रा में लेने से नुकसान हो सकता है.

लोकल 18 से बातचीत में वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति बताते हैं कि सनाय एक छोटा झाड़ीदार औषधीय पौधा है. इसकी पत्तियों में सेनोसाइड्स नामक प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं. ये आंतों की गतिविधि बढ़ाकर मल त्याग को आसान बनाने में मदद करते हैं. आयुर्वेद के साथ आधुनिक चिकित्सा में भी सेन्ना का इस्तेमाल सीमित समय के लिए कब्ज दूर करने वाले रेचक के रूप में किया जाता है.

विष्णु दत्त प्रजापति के अनुसार सनाय का सबसे प्रमुख इस्तेमाल कब्ज की समस्या में किया जाता है. जिन लोगों का कई दिनों तक पेट साफ नहीं होता, उन्हें चिकित्सक की सलाह पर सीमित मात्रा में इसका सेवन कराया जा सकता है. यह आंतों की गतिविधि बढ़ाकर मल त्याग को आसान बनाने में मदद करती है. हालांकि, इसे रोजाना लंबे समय तक नहीं लेना चाहिए. लगातार इस्तेमाल करने से इसकी आदत पड़ सकती है और सामान्य मल त्याग प्रभावित हो सकता है.

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वैद्य के मुताबिक, कुछ लोगों को खाना खाने के बाद पेट भारी लगने या गैस जैसी परेशानी भी होती है. आयुर्वेद में सनाय का इस्तेमाल कुछ दूसरी जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर किया जाता है. इसका उद्देश्य पेट साफ रखने और पाचन से जुड़ी परेशानी में मदद करना होता है. हालांकि, हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है, इसलिए बिना चिकित्सकीय सलाह के इसका सेवन करना ठीक नहीं है.

ग्रामीण इलाकों में सूखी सनाय की पत्तियों से काढ़ा या चूर्ण बनाने की परंपरा भी देखने को मिलती है. लेकिन इसे कितनी मात्रा में लेना है, यह व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य के हिसाब से अलग हो सकता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक मरीज की स्थिति देखकर इसकी मात्रा तय करते हैं. बिना सलाह ज्यादा मात्रा में सनाय लेने से पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है.

सनाय हर व्यक्ति के लिए सही नहीं होती. गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और छोटे बच्चों को इसका सेवन बिना डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए. आंतों में सूजन, तेज या गंभीर पेट दर्द जैसी समस्या होने पर भी इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. लगातार दस्त की स्थिति में भी सनाय लेने से बचना जरूरी है.

जरूरत से ज्यादा सनाय लेने पर पेट में मरोड़, दस्त, कमजोरी और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ज्यादा समय तक लगातार सेवन करने पर शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बिगड़ सकता है. इससे आंतों की सामान्य कार्यप्रणाली भी प्रभावित होने का खतरा रहता है. इसलिए इसे जरूरत के अनुसार और विशेषज्ञ की सलाह से ही इस्तेमाल करना बेहतर है.

आयुर्वेद विशेषज्ञ वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति का कहना है कि सनाय उपयोगी औषधीय पौधा है, लेकिन इसे रोजाना घरेलू नुस्खे की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अगर कब्ज की समस्या बार-बार होती है तो सबसे पहले खान-पान और दिनचर्या पर ध्यान देना चाहिए. पर्याप्त पानी पीना, हरी सब्जियां और फल खाना और नियमित शारीरिक गतिविधि रखना मददगार हो सकता है. समस्या बनी रहने पर चिकित्सक से सलाह लेकर ही सनाय का इस्तेमाल करें.

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August 26, 2026, 17:01 IST

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