कमर दर्द होने पर बिस्तर पर पड़े रहना सही या गलत? डॉक्टर से जानें क्या है बेहतर तरीका

फरीदाबाद: आजकल कमर दर्द की समस्या केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं है. लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करने, लगातार एक ही पोस्चर में रहने और रोजाना एक्सरसाइज नहीं करने की वजह से युवा भी कमर दर्द से परेशान हो रहे हैं. ऐसे में कमर में दर्द होते ही कई लोग बिस्तर पर लेटकर पूरा दिन आराम करने लगते हैं. लोगों को लगता है कि ज्यादा आराम करने से कमर का दर्द जल्दी ठीक हो जाएगा… लेकिन क्या हर कमर दर्द में बेड रेस्ट जरूरी है. दर्द होने पर क्या रोजमर्रा के काम किए जा सकते हैं और एक्सरसाइज करना कितना सही है. कमर दर्द कब सामान्य है और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है. इन सभी सवालों के जवाब फरीदाबाद स्थित सर्वोदय हॉस्पिटल के फिजियोथेरेपी और पुनर्वास विभाग की ग्रुप हेड डॉ धीरजा बब्बर ने Local18 से बातचीत में दिए हैं.
कमर दर्द में आराम करें पर बेड रेस्ट नहीं
डॉ धीरजा बब्बर बताती हैं कि अगर कमर दर्द आपकी किसी एक्टिविटी की वजह से आया है तो आप रेस्ट करेंगे तो बेहतर रहेगा. लेकिन बेड रेस्ट नहीं करना है. हमें अपनी सामान्य एक्टिविटी को जारी रखना चाहिए, इससे रिकवरी बेहतर रहती है. ज्यादा समय तक बेड रेस्ट करने से कमर का दर्द और ज्यादा बढ़ सकता है. इसलिए दर्द होने पर शरीर को पूरी तरह निष्क्रिय करने के बजाय अपनी सामान्य गतिविधियों को क्षमता के अनुसार जारी रखना बेहतर रहता है.
दर्द के दौरान रोजमर्रा के काम कर सकते हैं
डॉ धीरजा बब्बर बताती हैं कि कमर दर्द होने पर रोजमर्रा की सामान्य एक्टिविटी को जारी रखा जा सकता है. हालांकि इस दौरान वजन उठाने वाले काम और अचानक आगे झुकने वाली गतिविधियों को अवॉइड करना चाहिए. सामान्य एक्टिविटी को कंटिन्यू रख सकते हैं, लेकिन बहुत ज्यादा देर तक लगातार खड़े रहने से बचना चाहिए. कमर में दर्द होने पर काम करते समय अपने पोस्चर का भी ध्यान रखना जरूरी है, ताकि कमर पर अनावश्यक दबाव न पड़े.
गलत एक्सरसाइज से दर्द बढ़ सकता है
डॉ धीरजा बब्बर बताती हैं कि अगर आपके पास गाइडेड एक्सरसाइज है और किसी विशेषज्ञ ने आपको सही एक्सरसाइज सजेस्ट की है तो वही करने से फायदा होगा. अगर हम अपने मन से क्रंचेज या ऐसी कोई एक्सरसाइज करने लगें, जिससे दर्द बढ़ जाए तो वह आपको नुकसान दे सकती है. इसलिए कमर दर्द में बिना सही जानकारी के कोई भी एक्सरसाइज शुरू नहीं करनी चाहिए. जिस एक्सरसाइज से दर्द बढ़ रहा हो उसे करने से बचना चाहिए और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से सही एक्सरसाइज की सलाह लेनी चाहिए.
पैरों में सुनपन हो तो तुरंत डॉक्टर दिखाएं
डॉ धीरजा बब्बर बताती हैं कि अगर कमर से पैर में दर्द आ रहा है, पैर में झनझनाहट या सुनपन महसूस हो रहा है या पैर बिल्कुल सुन्न होने लगे हैं तो यह चिंता का विषय है. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. डॉ धीरजा बब्बर बताती हैं कि आजकल लोगों का बैठने का काम ज्यादा बढ़ गया है और डेली बेसिस पर लोग एक्सरसाइज नहीं कर रहे हैं. इसकी वजह से बैक की फिटनेस प्रभावित होती है और लोगों को कमर दर्द की समस्या होने लगती है. इसलिए रोजाना शरीर को एक्टिव रखना भी जरूरी है.
बार बार दर्द हो तो कारण की जांच जरूरी
डॉ धीरजा बब्बर बताती हैं कि अगर किसी व्यक्ति को लगातार बार बार कमर दर्द हो रहा है तो उसका प्रॉपर इलाज करवाना चाहिए. जरूरत पड़ने पर एक्सरे या MRI करवाकर यह पता लगाना चाहिए कि कमर दर्द क्यों हो रहा है और इसकी जड़ क्या है. इसके बाद फिजियोथेरेपी और एक्सरसाइज की सलाह के साथ पोस्चर करेक्शन किया जा सकता है. इससे कमर दर्द के बार बार होने की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है. लगातार दर्द को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर इसकी जांच और सही उपचार कराना जरूरी है.
सुबह उठते समय कमर का खास ध्यान रखें
डॉ धीरजा बब्बर बताती हैं कि सुबह सुबह जब भी हम उठते हैं तो सबसे पहले पैरों के पंजों को ऊपर नीचे चलाना चाहिए, ताकि खून का दौरा बेहतर हो सके. इसके बाद हमें साइड करवट लेकर बैठना चाहिए. अचानक सीधे उठने से कमर में स्टिफनेस बढ़ सकती है. इसलिए बिस्तर से उठते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और शरीर को धीरे धीरे एक्टिव करना चाहिए. इस तरह सुबह उठते समय थोड़ी सावधानी बरतने से कमर पर अचानक पड़ने वाले दबाव से बचने में मदद मिल सकती है.



