बीकानेर कांग्रेस में सिंबल चोरी पर घमासान, पूर्व पार्षद ने अध्यक्ष समेत 3 पर कराया केस

बीकानेर. राजस्थान के बीकानेर में नगर निगम चुनाव के बीच कांग्रेस में सिंबल को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है. वार्ड नंबर 50 से प्रत्याशी चयन को लेकर पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल, देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग और वार्ड 50 से कांग्रेस प्रत्याशी नवरत्न डागा के खिलाफ सदर थाने में मामला दर्ज करवाया है. दीपक अरोड़ा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस की ओर से उनके बेटे मोहित अरोड़ा का सिंबल पक्का बताया गया था, लेकिन बाद में कूटरचित सिंबल तैयार कर नवरत्न डागा को पार्टी प्रत्याशी बना दिया गया. उन्होंने इसे सिंबल चोरी और धोखाधड़ी बताते हुए पुलिस से पूरे मामले की जांच की मांग की है.
शिकायत के बाद पुलिस ने तीनों को आरोपी बनाया है और मामले में अनुसंधान शुरू कर दिया है. दूसरी ओर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे बदनाम करने की साजिश बताया है. चुनाव से ठीक पहले सिंबल विवाद के पुलिस तक पहुंचने से कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है. अब पुलिस जांच में सिंबल जारी करने की प्रक्रिया और पूरे विवाद की वास्तविकता सामने आएगी.
मोहित अरोड़ा का सिंबल पक्का होने का दावा
पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा का कहना है कि वार्ड नंबर 50 से उनके बेटे मोहित अरोड़ा को कांग्रेस का सिंबल दिया जाना तय हो चुका था. अरोड़ा के मुताबिक उन्होंने इस संबंध में पार्टी के जिला पर्यवेक्षकों और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल गहलोत से भी बातचीत की थी. उनका दावा है कि पार्टी नेताओं की ओर से उन्हें चुनाव की तैयारियों में जुटने के लिए कहा गया था. दीपक अरोड़ा का आरोप है कि इसके बाद अचानक सिंबल को लेकर पूरी स्थिति बदल गई. उन्होंने आरोप लगाया कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने कूटरचित सिंबल तैयार कर नवरत्न डागा को पार्टी प्रत्याशी बना दिया. अरोड़ा का कहना है कि इसी पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया है.
सिंबल चोरी और धोखाधड़ी के आरोप
दीपक अरोड़ा ने अपनी शिकायत में सिंबल चोरी, धोखाधड़ी और कूटरचित सिंबल तैयार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि पुलिस जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि वार्ड 50 के लिए कांग्रेस का वास्तविक सिंबल किसके नाम जारी हुआ था और बाद में प्रत्याशी बदलने की प्रक्रिया किस तरह हुई. उनका आरोप है कि उनके बेटे को प्रत्याशी बनाए जाने की बात कहकर चुनावी तैयारियों में लगाया गया, लेकिन बाद में दूसरे व्यक्ति को पार्टी प्रत्याशी बना दिया गया. इसी को लेकर उन्होंने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है.
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोपों को बताया झूठा
वहीं, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने दीपक अरोड़ा के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. मेघवाल का कहना है कि उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से कुछ लोग दीपक अरोड़ा को आगे करके इस तरह की कार्रवाई करवा रहे हैं. उन्होंने सिंबल को लेकर लगाए गए आरोपों को गलत बताया है. मेघवाल के मुताबिक पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आएगी. उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को स्वीकार नहीं किया है.
पुलिस ने शुरू किया अनुसंधान
सदर थानाधिकारी रमेश कुमार के अनुसार दीपक अरोड़ा की ओर से थाने में शिकायत दी गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके बेटे मोहित अरोड़ा को वार्ड नंबर 50 से कांग्रेस का सिंबल दिया गया था, लेकिन बाद में कूटरचित सिंबल तैयार कर नवरत्न डागा का नामांकन करवाया गया. थानाधिकारी ने बताया कि शिकायत में शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल, देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग और प्रत्याशी नवरत्न डागा को आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी और सिंबल चोरी से जुड़े आरोपों की जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब दस्तावेजों, सिंबल जारी करने की प्रक्रिया और नामांकन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेगी.
चुनाव से पहले कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी खींचतान
नगर निगम चुनाव से ठीक पहले सामने आए इस विवाद ने बीकानेर कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को फिर चर्चा में ला दिया है. इससे पहले भी शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष से मारपीट का मामला सामने आया था. इसके बाद दीपक अरोड़ा और मोहित अरोड़ा को पार्टी से निष्कासित किए जाने की कार्रवाई को लेकर भी विवाद हुआ था. अब सिंबल चोरी का मामला पुलिस तक पहुंचने से पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और ज्यादा सामने आ गई है. फिलहाल पूरे मामले में पुलिस का अनुसंधान जारी है. सिंबल किसे और किस प्रक्रिया के तहत जारी किया गया, बाद में प्रत्याशी के नाम में बदलाव कैसे हुआ और कूटरचित सिंबल के आरोपों में कितनी सच्चाई है, इसका खुलासा जांच के बाद ही होगा. हालांकि चुनाव से पहले सामने आए इस विवाद ने बीकानेर में कांग्रेस की चुनावी तैयारियों और अंदरूनी एकजुटता पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं.



