मुर्गियों के चीखने पर दौड़ा फार्म मालिक, बाड़े में दिखा 8 फीट लंबा अजगर; एक मुर्गी का कर चुका था शिकार

Last Updated:August 24, 2026, 08:44 IST
Python in Poultry Farm: कोटा के रावतभाटा रोड स्थित एक मुर्गी फार्म में रविवार शाम 7 से 8 फीट लंबा अजगर घुस आया. अजगर ने बाड़े में एक मुर्गी का शिकार कर लिया. मुर्गियों के चिल्लाने पर फार्म संचालक अब्दुल सलाम को घटना का पता चला. सूचना पर पहुंचे स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे लाडपुरा के जंगल में छोड़ दिया. घटना की जानकारी वन विभाग को भी दी गई है. मानसून में वन्यजीव दिखने पर विशेषज्ञों ने तुरंत टीम को सूचित करने की सलाह दी है.
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Kota Snake Rescue: कोटा में मुर्गी फार्म में घुसा अजगर, स्नेक कैचर ने किया रेस्क्यू
Kota: राजस्थान के कोटा शहर स्थित रावतभाटा रोड पर रविवार शाम को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मुर्गी फार्म में अचानक विशालकाय अजगर आ घुसा. करीब 7 से 8 फीट लंबे इस अजगर ने मुर्गियों के बाड़े में पहुंचकर एक मुर्गी का शिकार कर लिया. घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इसके बाद स्नेक कैचर को सूचना दी गई, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया.
जानकारी के मुताबिक रावतभाटा रोड पर स्थित मुर्गी फार्म में रविवार शाम को मुर्गियां अचानक जोर-जोर से चिल्लाने लगीं और इधर-उधर भागने लगीं. मुर्गियों के इस असामान्य व्यवहार को देखकर फार्म संचालक अब्दुल सलाम को किसी खतरे का शक हुआ. जब उन्होंने बाड़े में जाकर देखा तो एक कोने में 7 से 8 फीट लंबा अजगर बैठा दिखाई दिया, जो एक मुर्गी को अपना शिकार बना चुका था. यह नजारा देखते ही फार्म में काम कर रहे लोगों के हाथ-पांव फूल गए.
स्नेक कैचर ने किया सुरक्षित रेस्क्यूअजगर को देखते ही अब्दुल सलाम ने तुरंत स्नेक कैचर गोविंद शर्मा को फोन कर घटना की जानकारी दी. सूचना मिलने के कुछ ही देर में स्नेक कैचर गोविंद शर्मा उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने सावधानी बरतते हुए बाड़े में मौजूद अजगर को काबू में करने का प्रयास शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद विशालकाय अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया, जिससे फार्म संचालक और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली.
लाडपुरा के जंगल में सुरक्षित छोड़ा गयारेस्क्यू के बाद स्नेक कैचर ने अजगर को लाडपुरा क्षेत्र के घने जंगल में ले जाकर उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रिलीज कर दिया. इसके साथ ही पूरी घटना की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को भी दे दी गई. स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि मानसून और मौसम में बदलाव के दौरान अक्सर वन्यजीव भोजन या सुरक्षित जगह की तलाश में इंसानी आबादी वाले इलाकों की ओर आ जाते हैं.
वन विभाग और विशेषज्ञों की चेतावनीविशेषज्ञों के अनुसार बारिश के दिनों में सांप और अजगर जैसे जीव बिलों में पानी भरने के कारण बाहर निकलते हैं. ऐसे में आम लोगों को सलाह दी जाती है कि आबादी वाले इलाकों या घरों में वन्यजीव दिखने पर खुद उन्हें पकड़ने की कोशिश न करें. ऐसी स्थिति में तुरंत प्रशिक्षित स्नेक कैचर या वन विभाग की टीम को सूचित करना चाहिए ताकि हादसे से बचा जा सके.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Kota,Kota,Rajasthan
First Published :
August 24, 2026, 08:44 IST



