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राजेश खन्ना से शाहिद कपूर तक की 7 फिल्में, जिन्हें भजनों ने बनाया ब्लॉकबस्टर, एक ने ‘शोले’ को दी टक्कर

Last Updated:September 08, 2026, 04:00 IST

भारतीय सिनेमा में ऐसी कई बेहतरीन फिल्में बनी हैं, जिनके गानों ने भी उनकी सफलता में जबरदस्त योगदान दिया है. ये फिल्में अपने कंटेंट और लोकप्रिय गीतों के कारण बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुईं. हालिया रिलीज फिल्म ‘हनुमान अंश’ इसी कड़ी में शामिल हैं. इस फिल्म में सारे के सारे भजन लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं. लोग जमकर इनकी तारीफ कर रहे हैं.

बाबा नीम करौली के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लोग बहुत पसंद कर रहे हैं. मौजूदा समय में फिल्म का क्रेज एक अगले ही लेवल पर पहुंच चुका है. अपनी कहानी, कलाकारों का अभिनय, शानदार निर्देशन के साथ-साथ फिल्म में शामिल भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ और पार्वती (जब जिद पे आ गई पार्वती…) जैसे कई गीतों को फिल्म की लोकप्रियता बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में माना जा रहा है.

‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ की लोकप्रियता अभी कुछ वैसी ही दिख रही है जैसी ‘जय संतोषी मां’ के भजनों और ‘कांतारा’ के ‘वराह रूपम’ के दौरान देखने को मिल रही थी.

‘हनुमान अंश’ की शानदार सफलता के बीच, हम आपको भारतीय सिनेमा की उन प्रमुख फिल्मों के बारे में बताएंगे, जिन्हें उनके गानों ने और भी खास बना दिया. ‘हनुमान अंश’ के चर्चित गीतों का प्रसार मुख्य रूप से सोशल मीडिया, यूट्यूब शॉर्ट्स और रील्स के जरिए हुआ, जबकि पुरानी फिल्मों में रेडियो, कैसेट और टीवी की भूमिका थी.

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जय संतोषी मां (1975) – यह आध्यात्मिक विषयों पर बनी भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जाती है. कम बजट में बनी इस फिल्म ने उस दौर में ब्लॉकबस्टर फिल्म शोले को टक्कर दी थी. इसके भजन ‘मैं तो आरती उतारूं रे संतोषी माता की’ और अन्य भक्ति गीतों ने इसे जन-जन तक पहुंचाया था. फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी और इसने भक्ति फिल्मों की दिशा बदल दी थी. ये फिल्म शोले जैसी क्लासिक फिल्म के साथ रिलीज हुई थी. इसके बावजूद ये ब्लॉकबस्टर बनी और शोले को टक्कर भी दी. जय संतोषी मां को देखने के लिए दूर-दराज के गांव के लोग बंबई शहर बेलगाड़ियों में बैठकर आते थे. फिल्म में अनीता गुहा ने लीड रोल प्ले किया था. लोग उन्हें सच में मां देवी का रूप मानने लगे थे और उन्हें पूजने लगे थे.

अवतार (1983) – राजेश खन्ना और शबाना आजमी अभिनीत फिल्म की अपार सफलता का श्रेय प्रसिद्ध भक्ति गीत ‘चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है’ और किशोर कुमार के गाए गाने ‘यह सारी दुनिया है आती जाती’ को जाता है. फिल्म रिलीज के 43 साल बाद भी यह गीत देश के हर माता के जगराते और नवरात्र पर्व की अनिवार्य धुन बना हुआ है.

आशिकी (1990) – इस फिल्म के ब्लॉकबस्टर होने की मुख्य वजह इसका सदाबहार संगीत था, जिसके इर्द-गिर्द निर्देशक महेश भट्ट ने पूरी कहानी बुनी थी. ‘धीरे धीरे से’ गाना आशिकी फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी में से एक था. इसके मधुर संगीत ने 90 के दशक में इस फिल्म को जबरदस्त चर्चा में ला दिया था. ‘नजर के सामने जिगर के पास’ ने सिनेमाघरों में फिल्म रिलीज होने से पहले ही कैसेट के जरिए घर-घर तक पहुंच चुके थे. लोग सिर्फ इन गानों को सुनने और उसका जादू महसूस करने के लिए सिनेमाघरों की तरफ खींचे चले आए थे. आज भी फिल्म के गाने ऑल टाइम क्लासिक में शुमार हैं.

हम आपके हैं कौन (1994) – ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’, ‘पहला-पहला प्यार’ और ‘जुता दे दो पैसे ले लो’ जैसे गानों ने भारतीय शादियों और त्योहारों के माहौल को पूरी तरह बदल दिया. इन गीतों ने केवल लोकप्रियता ही नहीं हासिल की बल्कि फिल्म की सफलता में अहम भूमिका अदा की थी. इस फिल्म के ऑडियो कैसेट और सीडी ने उस समय बिक्री के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, जिससे फिल्म का प्रचार घर-घर तक पहुंच गया.

विवाह (2006) – 2000 के दशक के मध्य में जब बॉलीवुड में पॉप और रीमिक्स गानों का चलन बढ़ रहा था, तब ‘विवाह’ के गानों ने अपनी सादगी और शास्त्रीय स्पर्श से लोगों को आकर्षित किया था. ‘मिलन अभी आधा अधूरा है’, ‘मुझे हक है’, ‘दो अनजाने अजनबी’ जैसे गानों ने नायक और नायिका के बीच शुरुआती झिझक और आकर्षण को खूबसूरती से बयां करता है. फिल्म का एक और गीत ‘राधे कृष्ण की ज्योति अलौकिक’ काफी लोकप्रिय हुआ था. इसने पूरी फिल्म की कहानी की नींव रखने में एक बेहद महत्वपूर्ण और मार्गदर्शक भूमिका निभाई थी.

कांतारा (2022) – ऋषभ शेट्टी द्वारा निर्देशित कन्नड़ ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कांतारा’ की अभूतपूर्व सफलता में इसके गाने ‘वराह रूपम’ का सबसे बड़ा योगदान रहा है. इस गाने ने न केवल दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा, बल्कि फिल्म को एक ब्लॉकबस्टर से सांस्कृतिक पहचान में बदल दिया. इस गाने ने कर्नाटक की तटीय संस्कृति की पारंपरिक के ‘भूताकोला’ को दुनिया के सामने बहुत प्रभावशाली ढंग से पेश किया. गाने के आध्यात्मिक और दिव्य संगीत ने दर्शकों के साथ एक गहरा भावनात्मक और धार्मिक जुड़ाव बनाया.

मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान गीत बुंदेलखंड के प्रसिद्ध दृष्टिबाधित लोक कलाकार द्वारा गाया गया है. फिल्म की रिलीज के बाद यह इंटरनेट पर सुनामी की तरह वायरल हुआ. सुनील लोधी के तंबूरे के साथ गाए इस भजन को लोगों ने इतना पसंद किया कि फिल्म की सफलता के बाद यह गाना देश भर में हर किसी की जुबान पर चढ़ गया.

पार्वती (जब जिद पे आ गई पार्वती…) – गायक साधु तिवारी ने इस गीत में बुंदेली टच लाकर माता पार्वती के उस अडिग संकल्प और कठोर तप के बारे में बताया, जिसमें उन्होंने भगवान शिव को ही अपना पति पाने की जिद ठान ली थी. फिल्म रिलीज के बाद इस गाने ने न सिर्फ इंस्टाग्राम पर लोकप्रियता हासिल की बल्कि, युवा पीढ़ी को अपना दीवाना बना लिया है.

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September 08, 2026, 04:00 IST

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