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बॉलीवुड की 10 आइकॉनिक ‘मां’, जिनके डायलॉग ने फिल्मों को बनाया ब्लॉकबस्टर, 1 के 31 साल बाद भी बनते हैं मीम्स

Last Updated:May 10, 2026, 15:50 IST

बॉलीवुड फिल्मों में मां के किरदारों की अपनी एक अलग ही अहमियत होती है. कुछ फिल्मों की तो कहानी ही मां के इर्द-गिर्द बुनी गई है. इन फिल्मों में मां के किरदार को लोगों ने खूब पसंद किया. मदर्स डे 2026 के मौके पर जानते हैं बॉलीवुड की ऐसी ही 10 आइकॉनिक मां के बोले डायलॉग्स के बारे में जिन्होंने फिल्म को ब्लॉकबस्टर बना दिया.

नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा में कई ऐसी फिल्में बनाई गई हैं, जिनमें मां के किरदारों में एक्ट्रेस ने इतिहास रच दिया. इन फिल्मों में डायलॉग्स इतने दमदार और इमोशनल रहे कि सालों बाद भी लोगों के जहन में बसे हैं. मदर्स डे के मौके पर हम आपको उन्हीं फिल्मों के बारे में बता रहे हैं.

इनमें पहली है, नरगिस और सुनील दत्त की फिल्म ‘मदर इंडिया’. इस फिल्म में नर्गिस के डायलॉग ने लोगों को हिला कर रखा दिया था. ‘मेरे दूध का कर्ज चुकाने का वक्त आ गया है’. इस डायलॉग ने बॉक्स ऑफिस को हिलाकर रख दिया ता. मां के त्याग और उसके संघर्ष को दिखाने वाली ये फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी.

 दीना पाठक की गोलमाल का डायलॉग ‘क्या इसी दिन के लिए तुम्हें पाल-पोसकर बड़ा किया था?’. ये डायलॉग इस फिल्म में काफी पसंद किया गया था. रत्ना के इस डायलॉग पर खूब तालियां बजी थीं.

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इसके अलावा अमिताभ बच्चन की फिल्म दीवार ने तो इतिहास ही रच दिया था. फिल्म में निरुपा रॉय का डायलॉग ‘तू अभी इतना भी अमीर नहीं हुआ कि अपनी मां को खरीद सके’ लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया था. निरुपा के ये डायलॉग आज भी लोगों के जहन में बसा है.

साल 1995 में आई फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे में फरीदा जलाल ने मां के किरदार में फैंस का दिल जीत लिया था. इस फिल्म में उनका बोला गया डायलॉग, ‘जब लड़की जवान हो जाती है ना, तो मां उसकी मां नहीं रहती, सहेली बन जाती है.’ यह लाइन मां-बेटी के रिश्ते को खूबसूरती से दिखाती है.

शाहरुख खान, सलमान खान की जोड़ी वाली फिल्म ‘करण अर्जुन’ के यूं तो कई डायलॉग पसंद किए गए थे. लेकिन राखी द्वारा बोल गया डायलॉग ‘मेरे करण अर्जुन आएंगे’, ने एक अमिट छाप छोड़ी है. आज 31 साल बाद भी इस डायललॉग पर मीम्स बनते हैं.

सके अलावा हम आपके हैं कौन ने तो परिवार की एक नई कहानी को लोगों के सामने रखा था. फिल्म में कई डायलॉग बहुत मशूहर हुए थे. लेकिन रीमा लागू द्वारा कहा गया डायलॉग हमारी बेटियां सिर्फ हमारी नहीं, हमारे घर की रोशनी है, लोगों ने काफी पसंद किया था.

इसके आलावा फिजा, मां में जया प्रदा, मॉम में श्रीदेवी , मुगल-ए-आजम और ओम जय जगदीश जैसी फिल्मों में भी तो कई ऐसे डायलॉग बोले गए हैं, जिन्होंने इन फिल्मों को ब्लॉकबस्ट बनाने में अहम भूमिका निभाई है.

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