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Who Should Avoid Overeating Almons Know Common Risks | किन लोगों को बादाम से करना चाहिए परहेज

Almonds Common Side Effects: बादा को बेहद ताकतवर और फायदेमंद ड्राई फ्रूट माना जाता है. बादाम में प्रोटीन, हेल्दी फैट, विटामिन E, फाइबर, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. कई लोग रोज बादाम का सेवन करते हैं, क्योंकि इसे ब्रेन के लिए लाभकारी माना जाता है. सर्दियों के मौसम में बादाम खाने से शरीर को गर्मी और एनर्जी मिलती है. यही वजह है कि लोग सर्दी के मौसम में जमकर बादाम खाना पसंद करते हैं. बादाम को सभी लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है. कुछ हेल्थ प्रॉब्लम्स से जूझ रहे लोगों को इससे दूरी बनानी चाहिए, क्योंकि उन लोगों के लिए बादाम का सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है. चलिए जानते हैं कि किन लोगों को बादाम से परहेज करना चाहिए.

किडनी स्टोन के मरीज
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों को किडनी स्टोन की समस्या है, उन्हें बादाम का सेवन बेहद कम या डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए. बादाम ऑक्सलेट से भरपूर होते हैं, जो किडनी में कैल्शियम के साथ मिलकर स्टोन बना सकते हैं. अगर किसी व्यक्ति की किडनी पहले से कमजोर है, तो हाई ऑक्सलेट फूड्स अवॉइड करने चाहिए. बादाम ही नहीं, बल्कि किडनी स्टोन के मरीजों को काजू, पालक और चुकंदर जैसे फूड्स का सेवन भी बेहद सावधानी के साथ करना चाहिए.

हाई ब्लड प्रेशर के मरीज

हाइपरटेंशन यानी हाई बीपी के मरीजों को भी बादाम का सेवन बेहद सावधानी के साथ करना चाहिए. ऐसे लोगों के लिए बादाम का ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है. बादाम में मौजूद मैग्नीशियम और हेल्दी फैट हार्ट के लिए फायदेमंद माने जाते हैं, लेकिन बादाम में काफी मात्रा में पोटैशियम भी होता है. पोटैशियम ब्लड प्रेशर की दवाओं के साथ रिएक्ट कर सकता है. पोटैशियम इन दवाओं के संतुलन को बिगाड़ सकता है. इसके अलावा भुने या पैक्ड बादाम में सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है, जो हाइपरटेंशन वाले लोगों में BP बढ़ाने और सूजन पैदा करने का जोखिम बढ़ाता है.

कमजोर डाइजेशन वाले लोग

जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर है, उन्हें भी बादाम का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसा करना उनके लिए समस्याएं बढ़ा सकता है. बादाम में मौजूद फाइबर, टैनिन और कड़ा छिलका IBS, गैस्ट्राइटिस, इंडाइजेशन या स्लो डाइजेशन वाले लोगों में ब्लोटिंग, गैस, कब्ज और पेट दर्द बढ़ा सकता है. जिनका पाचन तंत्र सेंसिटिव है, उनके लिए बादाम की थोड़ी मात्रा भी परेशानी का कारण बन सकती है. भिगोए हुए बादाम अपेक्षाकृत हल्के होते हैं, लेकिन लगातार परेशानी होने पर इन्हें बंद करना पड़ सकता है.

एसिडिटी से परेशान लोग

एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स से परेशान लोगों के लिए बादाम हमेशा फायदेमंद नहीं होते हैं. बादाम में फैट की मात्रा अधिक होने के कारण यह पेट को धीमे खाली होने देता है, जिससे एसिड बनना बढ़ सकता है और रिफ्लक्स के लक्षण बढ़ सकते हैं. कुछ लोगों के लिए बादाम की फाइबर मात्रा भी छाती में जलन, भारीपन और गैस बढ़ा सकती है. अगर बादाम खाने से एसिडिटी बढ़े, तो इनसे परहेज करना ही बेहतर है.

वेट कंट्रोल करने वाले लोग

वजन कंट्रोल कर रहे लोगों के लिए भी बादाम का सेवन सीमित होना चाहिए. बादाम कैलोरी डेंस होते हैं, यानी कम मात्रा में भी बहुत ज्यादा ऊर्जा देते हैं. बार-बार या जरूरत से ज्यादा बादाम खाने से कैलोरी बढ़ जाती है और वजन घटाने के प्रयास धीमे पड़ सकते हैं. बादाम में मौजूद हेल्दी फैट भी ज्यादा मात्रा में फैट स्टोरेज बढ़ा सकते हैं. वजन कम करने वाली डाइट में रोजाना 6 से 8 बादाम पर्याप्त माने जाते हैं. अगर आप मोटापे से जूझ रहे हैं, तो बादाम खाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लें.

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