World

Kim Jong Un Nuclear Factory- किम जोंग उन ने अमेरिका को राख करने का बना लिया प्लान? नॉर्थ कोरिया अब सिर्फ परमाणु फैक्ट्री! 2030 तक 250 वॉरहेड्स

Last Updated:November 29, 2025, 20:15 IST

Kim Jong Un Nuclear Factory: नॉर्थ कोरिया तेजी से एक परमाणु फैक्ट्री में बदल रहा है. योंगब्योन में नए रिएक्टर, यूरेनियम एनरिचमेंट प्लांट और वेस्ट वॉल्ट्स दिखाते हैं कि किम जोंग उन अब बड़े पैमाने पर न्यूक्लियर उत्पादन बढ़ा रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गति जारी रही तो 2030 तक नॉर्थ कोरिया 200–250 वॉरहेड्स का मालिक बन सकता है. यह दुनिया के लिए खतरे की सबसे बड़ी चेतावनी है. (सभी फोटो Reuters)

नॉर्थ कोरिया अब सिर्फ मिसाइलें चलाने वाला देश नहीं, बल्कि एक पूरी परमाणु फैक्ट्री में बदल चुका है. किम जोंग उन ने अपने वैज्ञानिकों को साफ निर्देश दिया है कि 2025 तक न्यूक्लियर क्षमता को कई गुना बढ़ाना है. लेटेस्ट सैटेलाइट तस्वीरें दिखाती हैं कि योंगब्योन में रिएक्टर, नई बिल्डिंग्स और प्लांट लगातार विस्तार पर हैं.

विशेषज्ञों के मुताबिक योंगब्योन आज एक फुल प्रोडक्शन लाइन जैसा दिखता है. जहां नए वॉरहेड्स के लिए लगातार फ्यूल बनाया जा रहा है. किम ने पिछले महीने ‘Hwasong-20’ दिखाकर दावा किया कि यह अमेरिका के किसी भी हिस्से को मिटा सकता है. उनकी आक्रामक टेस्टिंग ने दुनिया को साफ संदेश दिया है कि वे पीछे हटने वाले नहीं.

सैटेलाइट तस्वीरों में 5 मेगावाट वाले पुराने रिएक्टर की लगातार हीट सिग्नेचर नजर आए हैं, जो बताता है कि प्लूटोनियम तैयार किया जा रहा है. इसके पास ही बने लाइट वॉटर रिएक्टर में भी प्री-ऑपरेशनल टेस्टिंग चल रही है. इससे आने वाले सालों में नॉर्थ कोरिया और एडवांस वॉरहेड डिजाइन तैयार कर सकेगा.

Add as Preferred Source on Google

सबसे बड़ा बदलाव नई यूरेनियम एनरिचमेंट फैसिलिटी है, जहां महीनों के भीतर विशाल भवन तैयार हो गया. हीट एक्सचेंजर्स और ढंके हुए कॉरिडोर बताते हैं कि भीतर हाई-ग्रेड यूरेनियम पर काम हो रहा है. विशेषज्ञ कहते हैं कि यह किम के एक्सपोनेंशियल न्यूक्लियर विस्तार का सबसे साफ सबूत है.

हैरानी यह भी है कि भारी बाढ़ से डैम के क्षतिग्रस्त होने पर इंजीनियरों ने तुरंत अस्थायी बांध बनाकर प्रोजेक्ट जारी रखा. पास में नए वेस्ट स्टोरेज वॉल्ट तैयार किए गए हैं. जो दर्शाता है कि नॉर्थ कोरिया अब अस्थायी नहीं बल्कि स्थाई परमाणु उत्पादन बढ़ा रहा है. ज्यादा वेस्ट का मतलब ज्यादा न्यूक्लियर मटीरियल.

अलग-अलग आकलन बताते हैं कि नॉर्थ कोरिया के पास करीब 50 वॉरहेड्स तैयार हैं और इतने मटीरियल का स्टॉक है जिससे 90 और बनाए जा सकते हैं. कुछ अध्ययनों के मुताबिक नॉर्थ कोरिया के पास दो टन तक हाई एनरिच्ड यूरेनियम हो सकता है, जो दर्जनों अतिरिक्त वॉरहेड्स के लिए काफी है.

रक्षा विश्लेषकों का अनुमान है कि मौजूदा रफ्तार जारी रही तो 2030 तक नॉर्थ कोरिया 200–250 वॉरहेड्स तक पहुंच सकता है. किम अब मिनिएचराइज्ड वॉरहेड्स, बूस्टेड फिशन बम और मल्टी-वॉरहेड मिसाइलों पर फोकस कर रहे हैं. Hwasong-20, Hwasong-18 और Hwasong-17 जैसे ICBMs अमेरिका तक आसानी से पहुंच सकते हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस से तकनीकी सहयोग ने किम को और मजबूत बना दिया है. 2022 में पास हुए कानून नॉर्थ कोरिया को शुरुआती हमले की स्थिति में टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन के इस्तेमाल की अनुमति देते हैं. अगर यह रफ्तार नहीं रुकी, तो नॉर्थ कोरिया सिर्फ परमाणु हथियार वाला देश नहीं, बल्कि उन्हीं हथियारों से परिभाषित देश बन जाएगा.

First Published :

November 29, 2025, 20:15 IST

homeworld

किम जोंग उन का न्यूक्लियर मिशन तेज, 2030 तक 250 वॉरहेड्स, कौन निशाने पर?

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj