तनाव कैसे दूर करें? संत प्रेमानंद महाराज ने बताए ऐसे आसान उपाय, अपनाने से मिनटों में दूर हो जाएगी टेंशन!

Last Updated:December 06, 2025, 23:38 IST
Premanand Baba Say Stress Remove Tips: आज के दौर में तनाव में कौन नहीं है? किसी को काम का तनाव, किसी को रिश्तों का, किसी को पैसों का तो किसी. तनाव दूर करने के लिए वृंदावन के प्रेमानंद महाराज ने कुछ उपाय बताए हैं, जिन्हें करने से चिंता और डिप्रेशन कम हो सकता है.
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प्रेमानंद महाराज ने बताए तनाव दूर करने के उपाय.
Premanand Baba Say Stress Remove Tips: आज के दौर में तनाव में कौन नहीं है? दुनियाभर में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो, जो तनाव में न जी रहा हो. टीएजर्स हों या बुजुर्ग सब इसकी चपेट में हैं. किसी को काम का तनाव, किसी को रिश्तों का, किसी को पैसों का तो किसी को भविष्य की टेंशन है. इस स्थिति में कई बार ऐसा भी होता है कि सब कुछ ठीक रहने के बावजूद भी मन उदास रहता है. ऐसा होने से इंसान धीरे-धीरे डिप्रेशन का शिकार होने लगता है. बता दें कि, तनाव एक स्वाभाविक मानवीय प्रतिक्रिया है जो चुनौतियों या बदलावों के कारण होती है. इससे निपटने के लिए इंसान हर संभव प्रयास करता है. इसके बाद भी परेशानी कम होने का नाम नहीं लेती है. अगर आपके साथ भी ऐसा
तनाव से जुड़ी ऐसी ही समस्या को लेकर एक युवक वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज जी के दरवार में पहुंचा. युवक ने समस्या बताई तो बाबा ने तनाव दूर करने के कुछ आसान उपाय बताएं. यदि आप भी कुछ इस तरह की समस्या से जूझ रहे हैं तो इन उपायों को फॉलो कर सकते हैं. आइए जानते हैं बाबा प्रेमानंद महाराज के इन उपायों के बारे में-
प्रेमानंद महाराज ने बताए तनाव दूर करने के उपाय
भगवान का चिंतन करें: प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, चिंता चिता के समान होती है, लेकिन लोग फिर भी इससे निकल नहीं पाते हैं. उनका कहना है कि, अगर दिमाग खाली हो तो गंदगी ही भरेगी, इसलिए भगवान का चिंतन जरूरी है. क्योंकि, जब हमारे दिमाग में भगवती का चिंतन होगा तो हम चिंता को दो
द्वेष को नष्ट कर दो: विवेक तो वही है कि एक क्षण में द्वेष को नष्ट कर दो और आनंदपूर्वक भगवत चिंतन में लगो. इसके अलावा, आध्यात्म के बिना आप इन नेगेटिव भावों को रोक नहीं सकते. कितनी भी भारी चिंता हो उसे हम भगवान के चिंतन से नष्ट कर सकते हैं.
दिमाग से निकल जाएगी चिंता: जो व्यक्ति हमें बुरा कहे तो सोचें कि मेरे ही किसी पाप का दंड मुझे मिल रहा है. ये बेचारा तो निर्दोष है. इसे तो निमित्त बनाया जा रहा है. बड़े धन्य हो भगवान, जो मेरे किए हुए कर्म का दंड देकर हमें पवित्र कर रहे हो. जब भगवान का नाम जपते हैं तो विवेक जागृत होता है और विवेक एक मिनट में चिंता को हटा देता है.
About the AuthorLalit Kumar
ललित कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 साल से अधिक का अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी. इस दौरान वे मेडिकल, एजुकेशन और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को कवर किया करते थे. पत्रकारिता क…और पढ़ें
First Published :
December 06, 2025, 23:38 IST
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तनाव कैसे दूर करें? प्रेमानंद महाराज ने बताए ऐसे टेंशन दूर करने के सरल उपाय



