ब्रह्मा चेलानी ने दुनिया के सामने लाया अमेरिका का दोगलापन – pakistan father of islamic bomb nuclear weapon donald trump messanger Brahma Chellaney

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‘इस्लामिक बम’ बनाने वाला अमेरिका का मैसेंजर, ब्रह्मा चेलानी ने खोल दी पोल
Last Updated:April 19, 2026, 08:46 IST
Pakistan News: पाकिस्तान परमाणु हथिार प्रसार का पुरोधा है. अब्दुल कदीर खान ने जिस तरह से न्यूक्लियर वेपन से जुड़े फॉर्मूले को कई देशों को सौंपा उससे पूरी दुनिया में अलग ही तरह का संकट पैदा हो गया. अब ईरान जंग में उसी पाकिस्तान को अमेरिका ने अपना मैसेंजर बना रखा है. रणनीतिक मामलों के एक्सपर्ट ब्रह्मा चेलानी ने अमेरिका के दोहरे मापदंड को उधेड़ कर रख दिया है.
रणनीतिक मामलों के जानकार डॉ. ब्रह्मा चेलानी ने पाकिस्तान पर अमेरिका के दोहरे मानदंड को उजागर किया है. (फाइल फोटो/Reuters)
Pakistan News: अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया तो सपने में भी नहीं सोचा था कि उसका परिणाम इतना गंभीर होगा. शायद ही किसी को अंदाजा था कि ईरान जंग छिड़ने से ग्लोबल लेवल पर एनर्जी क्राइसिस की स्थिति पैदा हो जाएगी. आज पूरी दुनिया पश्चिम एशिया में छिड़ जंग की आग में झुलस रही है. होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के चलते एशिया से लेकर यूरोप तक में ऊर्जा संकट की स्थिति पैदा हो गई है. पेट्रोल-डीजल और गैस की कमी कई देशों में देखी जा रही है. इस बीच, वेस्ट एशिया में जारी जंग को खत्म कराने के लिए पाकिस्तान की मेजबानी में इस्लामाबाद में वार्ता भी हुई, जो बेनतीजा रही. दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान फिलहाल डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के लिए इस मामले में मैसेंजर बना हुआ है. रणनीतिक मामलों के जानकार ब्रह्मा चेलानी ने अमेरिका के इसी दोगलेपन की धज्जियां उड़ाते हुए पाकिस्तान के पुराने पाप और वॉशिंगटन की हिप्पोक्रेसी को उजागर किया है.
ब्रह्मा चेलानी ने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट शेयर कर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच पक रही खिचड़ी के बारे में विस्तार से बात की है. उन्होंने लिखा, ‘अमेरिका की पश्चिम एशिया नीति को लेकर एक दिलचस्प और विरोधाभासी स्थिति सामने आई है. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump (जो ईरान पर दबाव बनाने के लिए लगातार आक्रामक रुख अपनाते रहे) अब उसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए पाकिस्तान की मदद लेने को मजबूर दिख रहे हैं. करीब 40 दिनों तक जारी हवाई हमलों और दबाव के बावजूद ईरान को उसके शुरुआती परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के लिए राजी नहीं किया जा सका. ऐसे में ट्रंप सरकार ने अब पाकिस्तान को तेहरान के साथ संवाद का माध्यम बनाने की रणनीति अपनाई है. अमेरिका ने पाकिस्तान को अपना मैसेंजर बनाया है.’
The irony is stark. Failing to achieve through 40 days of escalating aerial bombardment what he sought — Iran’s agreement to dismantle its nascent nuclear capability — Trump has turned to Pakistan as his messenger to Tehran. Yet Pakistan is the very country that coined the idea…



