थार की तपिश में कमाई का सहारा! बीकानेर में बढ़ी ‘हरा सोना’ की मांग, 1300 रुपए तक बिक रही सूखी

Last Updated:April 20, 2026, 08:59 IST
Khejri Sangri Benefits: बीकानेर में भीषण गर्मी के बीच खेजड़ी के पेड़ों पर लगने वाली हरी सांगरी ग्रामीणों के लिए राहत और कमाई का बड़ा जरिया बन गई है. लोग सुबह से ही खेतों में जाकर सांगरी तोड़ रहे हैं. बाजार में हरी सांगरी 200 से 300 रुपए किलो और सूखी सांगरी 1200 से 1300 रुपए किलो तक बिक रही है. सांगरी न सिर्फ पारंपरिक व्यंजन का हिस्सा है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. इससे ग्रामीणों की आय बढ़ रही है और इसे स्टोर कर भविष्य में बेचने की भी तैयारी की जा रही है.
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बीकानेर. थार के तपते रेगिस्तान में जहां भीषण गर्मी आमजन के लिए चुनौती बन जाती है, वहीं प्रकृति का एक अनमोल उपहार इन दिनों ग्रामीणों के लिए राहत और आय का बड़ा साधन बन रहा है. हम बात कर रहे हैं खेजड़ी के पेड़ पर लगने वाली हरी सांगरी की, जिसे राजस्थान की शाही और महंगी सब्जियों में गिना जाता है. इन दिनों बीकानेर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लोग खेजड़ी के पेड़ों से हरी सांगरी तोड़ने में जुटे हुए हैं.
गांवों में सुबह से ही लोग खेतों और ढाणियों की ओर निकल पड़ते हैं और खेजड़ी के पेड़ों से कच्ची सांगरी तोड़ते हैं. यह सांगरी बाद में घरों में सब्जी के रूप में उपयोग की जाती है, वहीं कई लोग इसे बाजार में बेचकर अच्छी आमदनी भी कर रहे हैं. स्थानीय ग्रामीण विनोद कुमार बताते हैं कि खेजड़ी को ‘कल्पवृक्ष’ कहा जाता है, क्योंकि यह पेड़ हर मौसम में किसी न किसी रूप में लाभ देता है. गर्मियों में इस पर लगने वाली कच्ची फलियां ही सांगरी कहलाती है.
1300 रूपए किलो तक बिकती है सूखी सांगरी
विशेषज्ञों के अनुसार, खेजड़ी का पेड़ जितनी अधिक गर्मी सहता है, उतनी ही अच्छी गुणवत्ता की सांगरी देता है. यही वजह है कि भीषण गर्मी के बावजूद ग्रामीण उत्साह के साथ सांगरी तोड़ने में लगे हुए हैं. कच्ची हरी सांगरी को उबालकर स्वादिष्ट सब्जी बनाई जाती है, जो राजस्थान के पारंपरिक व्यंजनों में खास स्थान रखती है. इसके अलावा सांगरी का उपयोग कड़ी में डालकर और अचार बनाने में भी किया जाता है. बाजार में इन दिनों सांगरी के अच्छे दाम मिल रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की आमदनी में इजाफा हो रहा है. बीकानेर क्षेत्र में हरी सांगरी 200 से 300 रुपए प्रति किलो तक बिक रही है, जबकि सूखी सांगरी की कीमत 1200 से 1300 रुपए प्रति किलो तक पहुंच चुकी है. यही कारण है कि कई परिवार सांगरी को सुखाकर स्टोर भी कर रहे हैं, ताकि बाद में अधिक कीमत पर इसे बेचा जा सके.
सेहत के लिए भी फायदेमंद है सांगरी
सिर्फ स्वाद ही नहीं, सांगरी स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. मुकेश के अनुसार, सांगरी में फाइबर और सैपोनिन जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. इसके नियमित सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है, हड्डियों को मजबूती मिलती है और यह डायबिटीज तथा हृदय रोगों में भी लाभकारी साबित होती है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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Location :
Bikaner,Rajasthan
First Published :
April 20, 2026, 08:59 IST



