मां ने किया खाना बनाने का काम, बेटी ने प्रोड्यूसर से रचाई थी शादी, अमिताभ बच्चन-शशि कपूर संग दी कई हिट फिल्में

Last Updated:April 24, 2026, 04:31 IST
अपने दौर की वो खूबसूरत एक्ट्रेस जिन्हें इंडस्ट्री में पहचान ‘शम्मी’ के नाम से मिली. शुरुआत में कई फिल्मों में लीड रोल निभाए, लेकिन बाद में सपोर्टिंग एक्ट्रेस बनकर रह गई थी ये हीरोइन. आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन फिल्मों में उनके किरदार आज भी सिनेलवर्स के दिलों में जिंदा हैं.
नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा में कई ऐसे कलाकार हुए हैं जिन्होंने लीड रोल कम किए, लेकिन अपने सपोर्टिंग किरदारों से लोगों के दिलों में खास जगह बना ली. ऐसी ही एक एक्ट्रेस थीं शम्मी, जिन्हें पूरी दुनिया ‘शम्मी आंटी’ के नाम से जानती है.कम ही लोग जानते हैं कि उनका असली नाम नरगिस रबादी था और उनके नाम के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी छुपी हुई है.
शम्मी का जन्म 24 अप्रैल 1929 को मुंबई में एक पारसी परिवार में हुआ था. बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां पर आ गई. घर चलाने के लिए उनकी मां धार्मिक सभाओं में खाना बनाती थीं.
पढ़ाई पूरी करने के बाद शम्मी ने एक कंपनी में सेक्रेटरी की नौकरी भी की. लेकिन किस्मत उन्हें फिल्मों में ले आई. महज 18 साल की उम्र में उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा.साल 1949 में उन्हें फिल्म उस्ताद पेड्रो में काम करने का मौका मिला. फिल्म के निर्माता शेख मुख्तार उनकी प्रतिभा से काफी प्रभावित हुए और उन्हें रोल दे दिया.
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लेकिन उस समय पहले से ही नरगिस दत्त इंडस्ट्री में बड़ा नाम थीं. नाम के टकराव से बचने के लिए नरगिस रबादी को अपना नाम बदलना पड़ा.यहीं से उनका नया नाम ‘शम्मी’ रखा गया. शुरुआत में उन्हें यह नाम पसंद नहीं आया, लेकिन धीरे-धीरे यही नाम उनकी पहचान बन गया और आगे चलकर लोग उन्हें प्यार से ‘शम्मी आंटी’ कहने लगे.
उस्ताद पेड्रो के बाद शम्मी को फिल्म मल्हार में लीड रोल मिला, जो काफी हिट रही. इसके बाद उनका फिल्मी सफर आगे बढ़ता गया.समय के साथ उन्होंने लीड रोल छोड़कर सपोर्टिंग किरदारों में काम करना शुरू किया और यहीं उन्हें सबसे ज्यादा पहचान मिली. दिल अपना और प्रीत पराई, हाफ टिकट, द ट्रेन, कुदरत और हम साथ-साथ हैं जैसी फिल्मों में उनके किरदार आज भी याद किए जाते हैं.
शम्मी ने 30 साल की उम्र में फिल्म निर्माता सुल्तान अहमद से शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल पाया और सात साल बाद दोनों अलग हो गए. उनकी कोई संतान नहीं थी.
90 के दशक और 2000 के शुरुआती सालों में उन्होंने दादी के रोल में खूब नाम कमाया. कुली नंबर 1, हम, गुरुदेव और गोपी किशन जैसी फिल्मों में उनकी एक्टिंग लोगों को खूब पसंद आई.उन्होंने अपने करियर में 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. आखिरी बार वह साल 2013 में फिल्म शिरीन फरहाद की तो निकल पड़ी में नजर आई थीं, जिसमें उनके साथ बोमन ईरानी थे.
बता दें कि नरगिस जिन्हें ‘शम्मी आंटी’ के नाम से जाना जाता है, अपने छह दशक के करियर में उन्होंने 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया.डेब्यू 1949 उन्होंने ‘उस्ताद पेड्रो’ से किया. बाद में वह दिल अपना और प्रीत पराई, हाफ टिकट, अमिताभ की खुदा गवाह, कुली नंबर 1, हम साथ-साथ हैं, स्वर्ग, और शशि कपूर संग जब जब फूल खिले,शिरिन फरहाद की तो निकल पड़ी जैसी लोकप्रिय फिल्मों में अभिनय किया. 6 मार्च 2018 को 88 साल की उम्र में ‘शम्मी आंटी’ ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन अपनी यादगार एक्टिंग से वह आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं.
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April 24, 2026, 04:31 IST



