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LPG Booking Update: LPG खरीद पर भारत की नीति में बड़ा बदलाव, अब कहीं नहीं होगी रसोई गैस की किल्लत

LPG Booking Update: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत सरकार ने रसोई गैस (LPG) की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है. घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अब भारत सिर्फ पारंपरिक स्रोतों पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया के कई देशों से स्पॉट (तत्काल) खरीद के जरिए गैस मंगाई जा रही है.

इस बारे में टाइम्स ऑफ इंडिया ने सरकारी सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट छापी है. रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने हाल के हफ्तों में अमेरिका सहित कई देशों से एलपीजी के अतिरिक्त कार्गो बुक किए हैं. ये शिपमेंट जून और जुलाई तक भारत पहुंचने की उम्मीद है, जिससे बाजार में किसी तरह की कमी न रहे.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार पहले भारत अपनी लगभग 60 फीसदी एलपीजी जरूरत आयात के जरिए पूरी करता था. हालांकि अब घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है, जिससे आयात पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो रही है. उन्होंने साफ कहा कि सरकार की प्राथमिकता देश के अंदर गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है और इसके लिए जहां से भी संभव होगा, वहां से गैस खरीदी जाएगी.

भारत में रोजाना करीब 80,000 टन एलपीजी की जरूरत

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत में रोजाना करीब 80,000 टन एलपीजी की जरूरत होती है. हाल के समय में घरेलू उत्पादन को लगभग 20 फीसदी बढ़ाकर 46,000 टन प्रतिदिन तक पहुंचाया गया है. इसके बावजूद जो कमी रह जाती है, उसे पूरा करने के लिए आयात के विकल्पों को बढ़ाया गया है.

पहले भारत की लगभग 90 फीसदी एलपीजी सप्लाई खाड़ी देशों- यूएई, कतर, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और ओमान से आती थी. लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद भारत ने अपनी रणनीति बदलते हुए अब अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से भी बड़े स्तर पर खरीद शुरू कर दी है. इससे सप्लाई चेन ज्यादा सुरक्षित और विविध हो गई है.

सरकार ने यह भी बताया कि करीब आठ लाख टन एलपीजी की सुनिश्चित सप्लाई पहले ही बुक की जा चुकी है और यह भारत की ओर आ रही है. खास बात यह है कि युद्ध के बाद जब सप्लाई रूट प्रभावित हुए तब भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर भारत पहुंचे 10 जहाजों में से 9 में रसोई गैस ही थी. यह इस बात का संकेत है कि सरकार इस सेक्टर को लेकर कितनी सक्रिय है.

स्पॉट खरीद की यह नीति संकट से निपटने में बेहद कारगर

विशेषज्ञों का मानना है कि स्पॉट खरीद की यह नीति अल्पकालिक संकट से निपटने में बेहद कारगर है. इससे भारत को तुरंत जरूरत के अनुसार गैस मिल जाती है और कीमतों पर भी कुछ हद तक नियंत्रण रखा जा सकता है. साथ ही अलग-अलग देशों से खरीद करने से किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम होती है जो भविष्य में भी फायदेमंद साबित हो सकता है.

उपभोक्ताओं के लिहाज से यह राहत भरी खबर है. नए कदमों के बाद आने वाले महीनों में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत की संभावना बेहद कम हो गई है. सरकार का कहना है कि चाहे हालात कितने भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, देश में रसोई गैस की सप्लाई बाधित नहीं होने दी जाएगी.

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