Rajasthan

देसी स्वाद और सेहत का खजाना है छाछ राबड़ी, गर्मियों में सेहत के लिए है वरदान, जानें घर पर बनाने की विधि

Last Updated:May 14, 2026, 15:21 IST

Rajasthani Buttermilk Rabri Recipe: राजस्थान की पारंपरिक छाछ राबड़ी गर्मियों में खूब पसंद की जाती है. जौ के दलिया और मसालेदार छाछ से तैयार यह देसी व्यंजन शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. महेश जंगम के अनुसार इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स गैस, एसिडिटी और पेट की गर्मी से राहत देने में मददगार होते हैं. जौ का दलिया ऊर्जा और प्रोटीन से भरपूर होता है, जिससे शरीर लंबे समय तक तरोताजा बना रहता है. ग्रामीण इलाकों में इसे नाश्ते और दोपहर के भोजन में खास तौर पर खाया जाता है.

छाछ राबड़ी राजस्थान का पारंपरिक देसी व्यंजन है. इसे जौ के दलिया और मसालेदार छाछ से तैयार किया जाता है. इसका स्वाद हल्का खट्टा और बेहद स्वादिष्ट होता है. गर्मी के मौसम में यह शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जाती. करौली आयुर्वेद चिकित्सालय के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. महेश जंगम बताते हैं कि छाछ राबड़ी शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करती है. छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं. यह पेट की गर्मी, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में भी फायदेमंद मानी जाती है. घर पर इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है.

छाछ राबड़ी में इस्तेमाल होने वाला जौ का दलिया प्रोटीन और ऊर्जा से भरपूर होता है. इसे खाने से शरीर में कमजोरी महसूस नहीं होती और दिनभर ताजगी बनी रहती है. गर्मियों में अधिक पसीना आने से शरीर में पानी और जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने लगती है. ऐसे में यह पारंपरिक देसी नाश्ता शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. आयुर्वेद के अनुसार छाछ और जौ का मिश्रण पाचन के लिए भी लाभकारी माना जाता है. यही वजह है कि राजस्थान में गर्मी के मौसम में छाछ राबड़ी को खास महत्व दिया जाता है.

छाछ राबड़ी बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में ताजी छाछ लें. इसमें स्वादानुसार नमक, जीरा और थोड़ा सा भुना जीरा मिलाएं. इसके बाद तैयार राबड़ी को छाछ में डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दें, ताकि वह अच्छी तरह नरम होकर स्वाद को सोख ले. इससे इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है. चाहें तो ऊपर से राई और करी पत्ते का तड़का भी लगा सकते हैं. यह तड़का छाछ राबड़ी की खुशबू और स्वाद दोनों को बढ़ा देता है. गर्मियों में इसे ठंडा परोसना ज्यादा पसंद किया जाता है.

Add as Preferred Source on Google

हल्की खट्टी छाछ और जौ के दलिया से तैयार की जाने वाली राबड़ी शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाने में मदद करती है. राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में लोग इसे सुबह के नाश्ते या दोपहर के भोजन में खाना पसंद करते हैं. तेज गर्मी और लू के मौसम में यह शरीर में पानी की कमी नहीं होने देती और हाइड्रेट बनाए रखने में सहायक मानी जाती है. जौ में मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देते हैं. इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और ताजगी बनी रहती है.

राजस्थान की पारंपरिक खानपान संस्कृति हमेशा मौसम के अनुसार रही है. भीषण गर्मी में शरीर को ठंडा और ऊर्जा से भरपूर रखने के लिए गांवों में आज भी कई देसी व्यंजन बनाए जाते हैं. इन्हीं पारंपरिक व्यंजनों में छाछ राबड़ी का खास स्थान है. यह स्वादिष्ट देसी नाश्ता गर्मियों के मौसम में बड़े चाव से खाया जाता है. जौ के दलिया और छाछ से तैयार होने वाली यह राबड़ी स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. ग्रामीण इलाकों में लोग इसे सुबह या दोपहर में खाना पसंद करते हैं, जिससे शरीर लंबे समय तक तरोताजा बना रहता है.

आज के फास्ट फूड के दौर में राजस्थान की छाछ राबड़ी स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल मानी जाती है. यह पारंपरिक व्यंजन गर्मियों में शरीर को ठंडक देने के साथ ऊर्जा भी प्रदान करता है. जौ का दलिया और छाछ मिलकर इसे पौष्टिक बनाते हैं, जो पाचन के लिए भी लाभकारी माना जाता है. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. यदि गर्मी के मौसम में आप कुछ हल्का, ठंडा और हेल्दी खाना चाहते हैं, तो घर पर छाछ राबड़ी जरूर बनाकर देखें. इसका स्वाद आपको पारंपरिक राजस्थानी खानपान की याद दिला देगा.

राजस्थान में देसी छाछ राबड़ी गर्मी के मौसम में बाजारों में बड़ी मात्रा में उपलब्ध रहती है, लेकिन इसे घर पर बनाना बेहद आसान है. इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में जौ का आटा या दलिया लें और उसमें थोड़ा नमक मिलाएं. अब इसमें पानी डालकर पतला घोल तैयार करें. इसके बाद तवे या कढ़ाई में हल्का सा तेल डालकर घोल की पतली परत फैलाएं और धीमी आंच पर पकाएं. पकने के बाद इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें. इन्हीं टुकड़ों को राबड़ी या रावड़ी कहा जाता है, जिन्हें बाद में छाछ में मिलाकर खाया जाता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj