ना नौकरी, ना पैसे… फिर भी 19 साल का सुमित साइकिल से घूम रहा पूरा भारत, युवाओं को दे रहा नशा छोड़ने का संदेश

Last Updated:May 17, 2026, 09:22 IST
Barmer Drug Free India Mission: 19 वर्षीय सुमित अपनी अनोखी साइकिल यात्रा के जरिए पूरे देश में नशा मुक्ति का संदेश फैलाने में जुटा हुआ है. आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद उसने समाज में बदलाव लाने का सपना नहीं छोड़ा. पढ़ाई बीच में छोड़ने के बाद भी सुमित ने हार मानने के बजाय युवाओं को जागरूक करने का रास्ता चुना. वह साइकिल से भारत के अलग-अलग राज्यों और गांवों में पहुंचकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में समझा रहा है. उसकी इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना है. कई जगहों पर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने उसका स्वागत भी किया.
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बाड़मेर. जिस उम्र में युवा कैरियर और पढ़ाई की चिंता में लगे रहते हैं उसी उम्र में उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के खटीमा निवासी 19 वर्षीय सुमित राजभर ने एक अलग राह चुनी है. सुमित बिना घर से एक रुपया लिए साइकिल पर भारत भ्रमण पर निकले हैं. उनका मकसद युवाओं को नशे से दूर रखना और उनमें देशभक्ति की भावना जगाना है.
आज के दौर में जहां युवा सोशल मीडिया और आधुनिक जीवनशैली में व्यस्त रहते हैं वहीं उत्तराखंड के खटीमा निवासी 19 वर्षीय सुमित राजभर ने समाज को नई दिशा देने का बीड़ा उठाया है. सुमित ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई बीच में छोड़कर एक अनोखी यात्रा शुरू की है. वह बिना किसी आर्थिक सहारे के केवल साइकिल के दम पर पूरे भारत को नापने निकले हैं. सुमित साइकिल से 13 हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी कर बाड़मेर पहुँचे है.
हर शहर-गांव में युवाओं को दे रहे संदेशसाइकिल यात्रा के दौरान सुमित गांवों, कस्बों और शहरों में युवाओं से मिलते हैं. वह उन्हें नशे से होने वाले नुकसान के बारे में बताते हैं और जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने की अपील कर रहे हैं. सुमित का कहना है कि आज नशा युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है. अगर युवा सही दिशा में आगे बढ़ें तो देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है. इसी सोच के साथ वह साइकिल यात्रा के जरिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं.
घर से बिना पैसे निकले, लोगों का सहयोग बन रहा सहारासुमित बताते हैं कि जब उन्होंने इस यात्रा का फैसला लिया तब उन्होंने घरवालों से एक रुपया तक नहीं लिया. रास्ते में जहां लोग मदद कर देते हैं वहीं भोजन मिल जाता है और रात को कहीं रुकने की व्यवस्था हो जाती है. सुमित लोकल18 से बातचीत करते हुए बताते है कि कई बार मंदिर या सामाजिक संस्थाएं भी उन्हें ठहरने की जगह दे देती हैं. उनका कहना है कि लोगों का प्यार और सहयोग ही इस सफर की सबसे बड़ी ताकत है.
9 महीने से चल रही यात्रा, 14 राज्यों की यात्रा की पूरीखटीमा के सुमित लगभग 19 हजार किलोमीटर की इस साहसिक यात्रा में देश भर के बारह ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगे. वे बताते है कि करीब 9 महीने से उनकी यात्रा चल रही है और अब तक 14 राज्यो से होकर अब राजस्थान के बाड़मेर में है. वे अब तक उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश,झारखंड, बिहार, उड़ीसा, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल,महाराष्ट्र, गुजरात होते हुए राजस्थान के बाड़मेर पहुँचे है.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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Location :
Barmer,Rajasthan



