NRI Return To India | NRI Viral Post: अमेरिका में 23, 56 करोड़ की संपत्ति, फिर भी क्यों भारत लौटने को बेताब हुआ NRI, खुद बताई असल वजह

NRI Return To India: अमेरिका में बसना लाखों भारतीयों का सपना होता है. बेहतर नौकरी, शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊंची कमाई और वैश्विक अवसरों की वजह से हर साल बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचते हैं. लेकिन क्या सिर्फ पैसा और सुविधाएं ही इंसान को संतुष्ट कर सकती हैं? सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट ने इसी सवाल को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. 23 साल तक अमेरिका में रहने और करीब 56 करोड़ रुपए (60 लाख डॉलर) की संपत्ति बनाने वाले एक भारतीय मूल के NRI ने अब भारत लौटने की इच्छा जताई है. हैरानी की बात यह है कि यह फैसला आर्थिक मजबूरी की वजह से नहीं, बल्कि भावनात्मक कारणों से लिया जा रहा है. NRI का कहना है कि अमेरिका में सफलता हासिल करने के बावजूद उसे आज भी कभी-कभी खुद को एक ‘बाहरी व्यक्ति’ यानी आउटसाइडर जैसा महसूस होता है. यही भावना उसे अपने वतन की ओर वापस खींच रही है.
रेडिट पर शेयर की गई इस पोस्ट ने हजारों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. कुछ लोगों ने NRI के फैसले का समर्थन किया, जबकि कई लोगों ने उसे जल्दबाजी न करने की सलाह दी. अमेरिका में दो दशक से ज्यादा समय बिताने के बाद भी अगर किसी व्यक्ति को अपनापन महसूस नहीं हो रहा, तो यह केवल व्यक्तिगत कहानी नहीं बल्कि प्रवासी जीवन की एक बड़ी सच्चाई भी हो सकती है. NRI ने बताया कि उसने अमेरिका में करियर बनाया, निवेश किया, संपत्ति जोड़ी और आर्थिक रूप से खुद को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया. इसके बावजूद उसे यह महसूस होने लगा कि जीवन में केवल पैसा ही सब कुछ नहीं होता. उम्र बढ़ने के साथ परिवार, समुदाय और भावनात्मक सुरक्षा की अहमियत और ज्यादा बढ़ जाती है.
NRI की पोस्ट
23 साल बाद भी क्यों नहीं मिला अपनापन?
NRI ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘जब मैं पहली बार अमेरिका आया था, तब मैं बहुत उत्साहित था. मुझे सचमुच ऐसा लगा था कि मैं दुनिया के केंद्र में पहुंच गया हूं. भारत में जहां मैं बड़ा हुआ, उसकी तुलना में यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर और जीवन स्तर काफी अधिक एडवांस महसूस होता था.’
उसने आगे बताया कि अमेरिका आने का उसका सपना भी अन्य प्रवासियों की तरह बेहतर भविष्य बनाना था. शुरुआती सालों में सब कुछ नया और रोमांचक लगा, लेकिन समय के साथ वह उत्साह कम होने लगा और उसकी जगह अपनापन तलाशने की भावना ने ले ली.
NRI ने अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा, ‘मेरी आय मुख्य रूप से वेतन और इक्विटी मुआवजे से आती है. इसके अलावा मैं लंबे समय से अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में निवेश करता रहा हूं, इससे मेरी संपत्ति लगातार बढ़ती गई. आज मेरा इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो लगभग 60 लाख डॉलर का है और इसके अलावा भी मेरी अन्य संपत्तियां हैं.’
उसने साफ किया कि भारत लौटने का विचार पैसों से जुड़ा नहीं है. उसके अनुसार, ‘यह अब केवल आर्थिक फैसला नहीं रह गया है. अमेरिका में इतने सालों तक रहने के बाद भी मुझे कभी-कभी खुद को एक बाहरी व्यक्ति जैसा महसूस होता है. एक छोटा लेकिन लगातार बनी रहने वाली दूरी महसूस होती है, जिसे शब्दों में बताना मुश्किल है. चाहे आप कितनी भी सफलता हासिल कर लें, कभी-कभी ऐसा लगता है कि आप उस जगह का पूरी तरह हिस्सा नहीं बन पाए हैं.’
उम्र बढ़ने के साथ बढ़ी नई चिंताएं
NRI ने अपनी पोस्ट में भविष्य को लेकर चिंताएं भी साझा कीं. उसने लिखा, ‘मैं यह भी सोचने लगा हूं कि उम्र बढ़ने के साथ अमेरिका में जीवन कैसा होगा. समुदाय का सहयोग, परिवार से जुड़ाव और भावनात्मक सुरक्षा जैसे सवाल अब मेरे सामने हैं. मुझे पूरी तरह भरोसा नहीं है कि यहां मुझे वही सुकून और अपनापन मिल पाएगा, जो कहीं और मिल सकता है.’
उसका कहना है कि आर्थिक सुरक्षा के बावजूद इंसान को ऐसे लोगों की जरूरत होती है, जिनके साथ वह अपने सुख-दुख साझा कर सके. यही वजह है कि अब वह भारत लौटने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रहा है.
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
NRI की पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई. एक यूजर ने सलाह देते हुए लिखा, ‘शायद पहले भारत की एक लंबी यात्रा करके देखिए. वहां पहुंचने के बाद आपकी भावनाएं वास्तविकता से मेल खाती हैं या नहीं, यह समझना जरूरी है.’ एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘जाइए भाई जाइए. आपने अच्छी-खासी संपत्ति बना ली है. 60 लाख डॉलर और अन्य संपत्तियां कोई छोटी बात नहीं हैं. दिल्ली में अपनी रिटायरमेंट लाइफ का आनंद लीजिए.’
समुदाय और परिवार को बताया सबसे बड़ा सहारा
एक तीसरे यूजर ने लिखा, ‘आप दुनिया में कहीं भी रहें, आपको ऐसे करीबी दोस्तों या परिवार की जरूरत होती है जिन पर आप भरोसा कर सकें और जिनके साथ अपनी परेशानियां और उपलब्धियां साझा कर सकें. यही असली समुदाय है. अगर आपके पास ऐसा समुदाय है, तो आप धरती पर कहीं भी खुश रह सकते हैं.’
वहीं एक अन्य व्यक्ति ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘आज का भारत 23 साल पहले वाले भारत से काफी बदल चुका है. मैं यह नहीं कह रहा कि आपको इसकी जानकारी नहीं होगी, लेकिन साल में दो हफ्ते के लिए आना और हमेशा के लिए बस जाना, दोनों अलग बातें हैं. जैसा दूसरे लोगों ने कहा, फैसला लेने से पहले छह महीने की लंबी छुट्टी बिताकर देखिए.’
क्या यह सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी है?
कई लोग मानते हैं कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है. दुनिया भर में बसे कई प्रवासी भारतीय आर्थिक सफलता हासिल करने के बाद अपने मूल देश लौटने पर विचार करते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह परिवार, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामाजिक पहचान होती है. हालांकि भारत लौटने का फैसला आसान नहीं होता, क्योंकि वर्षों में देश और समाज दोनों बदल चुके होते हैं.
NRI के पास कितनी संपत्ति है?
NRI ने अपनी पोस्ट में बताया कि उसका निवेश पोर्टफोलियो लगभग 60 लाख डॉलर यानी करीब 56 करोड़ रुपए का है. इसके अलावा उसके पास अन्य संपत्तियां भी हैं. यह संपत्ति मुख्य रूप से वेतन, इक्विटी मुआवजे और अमेरिकी टेक शेयरों में लंबे समय तक किए गए निवेश से बनी है.
वह भारत लौटना क्यों चाहता है?
NRI के अनुसार यह फैसला आर्थिक नहीं बल्कि भावनात्मक है. अमेरिका में 23 साल बिताने के बाद भी उसे कभी-कभी खुद को ‘आउटसाइडर’ महसूस होता है. वह परिवार, समुदाय और भावनात्मक सुरक्षा को लेकर चिंतित है और मानता है कि शायद भारत में उसे ज्यादा अपनापन मिल सकता है.
सोशल मीडिया पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही. कुछ ने उसके फैसले का स्वागत किया और कहा कि अब उसे भारत लौटकर जीवन का आनंद लेना चाहिए. वहीं कई लोगों ने सलाह दी कि स्थायी रूप से लौटने से पहले वह भारत में छह महीने या उससे अधिक समय बिताकर देखे, क्योंकि 23 साल में भारत काफी बदल चुका है.


