हीरोइन बनने आई थी बन गई विलेन, राजेश खन्ना-अमिताभ बच्चन संग दी हिट फिल्में, ताउम्र रहा मां न बन पाने का मलाल

Last Updated:June 25, 2026, 21:31 IST
हिंदी सिनेमा की दिग्गज एक्ट्रेस बिंदू ने सालों बाद पहली बार मां न बन पाने का दुख जाहिर किया है. अपने दौर में हिट पर हिट फिल्में देने वाली एक्ट्रेस ने कभी इस विषय पर बात नहीं की. लेकिन अब एक्ट्रेस ने पहली बार खुलासा किया है कि 6 महीने की प्रेग्नेंसी में उनका मिसकैरेज हो गया था. इसके बाद वह कभी दोबारा मां नहीं बन सकी थी.
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एक्ट्रेस ने नेगेटिव रोल से बनाई पहचान
नई दिल्ली. 70-80 के दौर की जानी मानी एक्ट्रेस बिंदू उस दौर में ऐसी विलेन रहीं, जिन्होंने खलनायिकाओं को नई पहचान दी थी. अपने डांस और अपने नेगेटिव किरदारों से उन्होंने मेकर्स और दर्शकों को अपना दीवाना बना रखा था. धर्मेंद्र, जितेंद्र, अमिताभ और राजेश खन्ना समेत हर स्टार के साथ उन्होंने काम कर रखा था. करियर में बड़ी सफलता पाकर भी उन्हें ताउम्र इस बात का मलाल रहा.
अपने करियर में बिंदू ने यूं तो हर तरह की फिल्मों में काम किया. लेकिन हीरोइन बनने का सपना उनका अधूरा ही रह गया. साल 1971 में आई फिल्म ‘कटी पतंग’ से तो वह रातोंरात स्टार बन गई थीं. कैबरे डांसर शब्बो का किरदार निभाकर बिंदू ने उस दौर में खूब वाहवाही लूटी थी. एक्ट्रेस ने बाली उम्र में ही पड़ोसी से लगा लिया था दिला.लेकिन मां बनने का सुख वह कभी नहीं पा सकी. अब उनका दर्द छलका है.
ससुरालवाले से खिलाफ जाकर रचाई शादी
बिंदू ने असल जिंदगी में काफी दुख देखा था. महज 15 साल की उम्र में उनकी मुलाकात बिजनेसमैन चंपकलाल जावेरी से हुई थी. इसके बाद 18 की उम्र में उन्होंने शादी की. लेकिन इस शादी से उनके ससुराल वाले खुश नहीं थे, क्योंकि बिंदू ने बता दिया था कि उनके पिता गुजर चुके है और उन पर उनकी बहनों की जिम्मेदारी है, तो वह घर छोड़कर ससुराल वाले घर नहीं जा सकेंगी. उनके पति भी उनकी शर्त मान गए और उन्होंने शादी कर ली. लेकिन इनके बाद उनके घर वालों ने चंपकलाल को बेदखल कर दिया.
ताउम्र रहा गोद सुनी होने का मलाल
विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में पहली बार बिंदू ने अपना ये दर्द बयां किया कि वह मां नहीं बन पाई थीं. उन्होंने बताया कि शादी के बाद घर चलाने के लिए उन्होंने फिल्मों में काम करना शुरू किया. निगेटिव रोल किए, कैबरे डांस तक की भूमिका निभाई. लेकिन कभी उनके पति ने इस पर कुछ नहीं कहा. लेकिन उन्हें हमेशा ही बच्चे की कमी खलती रही. उन्होंने बताया कि 6 महीने की प्रेग्नेंसी के बाद उनका मिसकैरिज हो गया था.
अपनी बात आगे रखते हुए उन्होंने कहा कि प्रेग्नेंसी के चक्कर में उन्होंने दो-तीन फिल्में छोड़ दी थी. लेकिन 6 महीने के बाद मेरा मिसकैरेज हो गया. इसके बाद मैं डॉक्टर पैट्रिक स्टेपटो (जिन्होंने टेस्ट ट्यूब बेबी का इंवेंशन किया था) तक के पास गई थी. मैं लंदन गई थी.लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ.लेकिन इस दौरान मेरे पति ने मेरा हरपल साथ दिया. फिर मुझे लगा कि अगर अपने नसीब में ही नहीं है तो इसके पीछे भागना बेकार है. लेकिन मुझे बस एक अफसोस रह गया कि मैं मां नहीं बन सकी.
About the AuthorMunish KumarSenior sub editor
न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें
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