महाराष्ट्र के राजापुरी आम का करौली में जलवा! आधा किलो तक वजन, खुशबू ऐसी कि देखते ही खरीदने को मजबूर हो रहे लोग

Last Updated:July 07, 2026, 20:30 IST
Karauli Agriculture News: महाराष्ट्र की प्रसिद्ध राजापुरी आम की किस्म अब राजस्थान के करौली जिले में भी अपनी अलग पहचान बना रही है. इस खास आम की सबसे बड़ी विशेषता इसका बड़ा आकार है, जिसका वजन लगभग आधा किलो (500 ग्राम) तक पहुंच जाता है. स्वादिष्ट गूदे के साथ इसकी मनमोहक खुशबू लोगों को पहली नजर में आकर्षित कर रही है. स्थानीय बाजारों में राजापुरी आम की मांग लगातार बढ़ रही है और ग्राहक इसके आकार, सुगंध और गुणवत्ता की खूब तारीफ कर रहे हैं. किसानों के लिए भी यह किस्म अच्छी आय का जरिया बनती जा रही है क्योंकि बड़े आकार और बेहतर गुणवत्ता के कारण इसे बाजार में बेहतर कीमत मिल रही है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि उचित देखभाल और आधुनिक तकनीकों के साथ राजापुरी आम की खेती किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है.
गर्मियों का मौसम आते ही बाजारों में फलों के राजा आम की बहार छा जाती है. वैसे तो देशभर में आम की सैकड़ों किस्में लोगों की पसंद हैं, लेकिन इन दिनों करौली की फल मंडी में एक खास किस्म सबसे ज्यादा चर्चा बटोर रही है.
अपने बड़े आकार, आकर्षक खुशबू और खट्टे-मीठे स्वाद के कारण राजापुरी आम ने खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. स्थिति यह है कि लोग इसकी सुगंध से ही प्रभावित हो रहे हैं और स्वाद चखने के बाद इसे दोबारा खरीदने की इच्छा जता रहे हैं.
फल व्यापारियों के अनुसार इस बार करौली की मंडियों में राजापुरी आम की मांग लगातार बढ़ रही है. बदामी, लंगड़ा, दशहरी और सफेदा जैसी लोकप्रिय किस्मों के बीच भी राजापुरी अपनी अलग पहचान बना रहा है. इसका सबसे बड़ा आकर्षण इसका आकार है.
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एक राजापुरी आम का वजन करीब 450 से 500 ग्राम तक होता है, इसलिए एक किलो में सामान्यतः केवल दो आम ही आते हैं.<br />स्थानीय खरीदारों का कहना है कि राजापुरी आम का स्वाद अन्य किस्मों से अलग है. शहर निवासी देवेंद्र व्यास बताते हैं कि उन्होंने कई तरह के आम खाए हैं, लेकिन राजापुरी का स्वाद सबसे अलग और बेहतरीन लगा
इसमें मिठास के साथ हल्का-सा खट्टापन स्वाद को और भी खास बना देता है. इस आम का आकार काफी बड़ा है और इसका गूदा भरपूर होता है. खाने में यह बेहद स्वादिष्ट लगता है और इसकी खुशबू भी लंबे समय तक बनी रहती है.
फल विक्रेताओं का कहना है कि राजापुरी आम की एक और विशेषता इसकी छोटी गुठली है. बड़े आकार के बावजूद इसमें गूदे की मात्रा अधिक होती है, जिससे ग्राहकों को भरपूर फल मिलता है. यही वजह है कि लोगों को यह आम तेजी से पसंद किया जा रहा है.
व्यापारी जुबेर खान के अनुसार राजापुरी आम की प्रमुख पैदावार महाराष्ट्र में होती है. वहां से यह आम राजस्थान के शहरों में पहुंचता है. उन्होंने बताया कि यह आम अत्यधिक मीठा नहीं होता, बल्कि इसमें मिठास और हल्के खट्टेपन का संतुलित स्वाद होता है, जो इसे अन्य किस्मों से अलग बनाता है. करौली की फल मंडी में इन दिनों राजापुरी आम 80 से 100 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है.
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