मजबूत लकड़ी और शानदार डिजाइन! बरेली के नक्काशीदार फर्नीचर बने ऑफिस से लेकर होटल तक की शान, कीमत ₹4500 से शुरू

बरेली: उत्तर प्रदेश का बरेली शहर आज सिर्फ झुमके और बांस के लिए ही नहीं, बल्कि अपने मजबूत, टिकाऊ और आकर्षक लकड़ी के फर्नीचर के लिए भी पूरे देश में एक बड़ी पहचान बना चुका है. सदियों पुरानी कुटीर उद्योग की यह परंपरा आज आधुनिक फर्नीचर उद्योग का रूप ले चुकी है. बरेली के सिकलापुर और बांस मंडी जैसे मशहूर बाजारों से हर साल हजारों सोफा सेट, डाइनिंग टेबल और ऑफिस का फर्नीचर देश के अलग-अलग राज्यों तक भेजा जाता है.
फर्नीचर डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गोयल बताते हैं कि बरेली का बांस और फर्नीचर उद्योग इस शहर की स्थापना जितना ही पुराना माना जाता है. मान्यता है कि बरेली का नाम “बासू बरल” से जुड़ा है और तराई क्षेत्र होने के कारण यहां बांस बहुत ज्यादा होता था, जिससे यह इलाका “बांस बरेली” के नाम से प्रसिद्ध हुआ. पहले यहां केवल बांस और बेंत से घरेलू सामान बनते थे, लेकिन समय के साथ यह आधुनिक लकड़ी के फर्नीचर और नक्काशीदार सोफों का एक बहुत बड़ा केंद्र बन गया.
हिंदू-मुस्लिम कारीगर मिलकर तैयार करते हैंप्रदीप कुमार गोयल ने बताया कि आज बरेली में हिंदू और मुस्लिम कारीगर मिलकर इस कुटीर उद्योग को आगे बढ़ा रहे हैं. यहां तैयार होने वाला फर्नीचर अपनी मजबूत लकड़ी, बेहतरीन फिनिशिंग और शानदार लुक के लिए जाना जाता है. सबसे अच्छी बात यह है कि यहां ग्राहकों की पसंद और उनकी जरूरत के अनुसार कस्टमाइज्ड फर्नीचर तैयार किया जाता है, जिससे लोग सीधे यहां खिंचे चले आते हैं.
शीशम और सागौन की लकड़ी से बनते हैं आलीशान सेटयहां घरेलू फर्नीचर के साथ-साथ ऑफिस, स्कूल, होटल और रेस्ट हाउस के लिए भी हर तरह का फर्नीचर तैयार किया जाता है. सोफों की वैरायटी की बात करें तो यहां महाराजा स्टाइल हैंड-कार्व्ड सोफा, एल-शेप सोफा, सोफा कम बेड और आधुनिक डिजाइन वाले प्रीमियम सोफा सेट विशेष रूप से लोकप्रिय हैं. इन उत्पादों को बनाने में शीशम, सागौन और साल की मजबूत लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है, जो सालों-साल खराब नहीं होते.
बड़े राज्यों और विदेशों तक होती है सप्लाईबरेली के सिकलापुर और बांस मंडी से तैयार होने वाला फर्नीचर केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है. यहां से दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पंजाब, हरियाणा, बिहार, जयपुर, लखनऊ, कानपुर और उत्तराखंड के हल्द्वानी व रुद्रपुर सहित देश के कई बड़े शहरों में माल भेजा जाता है. कुछ प्रीमियम और बारीक नक्काशी वाले खास फर्नीचर तो विदेशों तक भी सप्लाई किए जाते हैं.
मात्र 4500 रुपये से शुरुआती कीमतकीमत की बात करें तो बरेली के बाजारों में एक सामान्य लकड़ी का सोफा या दीवान सेट लगभग 4,500 रुपये से 8,000 रुपये की शुरुआती कीमत में आसानी से मिल जाता है. वहीं, अगर आप हाथ से की गई बारीक नक्काशी, सागौन की लकड़ी और महाराजा डिजाइन वाले आलीशान सोफा सेट लेते हैं, तो उनकी कीमत 1.5 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये या उससे भी अधिक तक जाती है. यही वजह है कि देशभर के व्यापारी और ग्राहक सीधे बरेली आकर अपनी पसंद का फर्नीचर बनवाना पसंद करते हैं.



