पहाड़ों की गोद में छिपा करौली का रहस्यमयी पार्वती कुंड! सालभर बहता है दूधिया जल, ग्रामीण मानते हैं चमत्कारी धाम

Last Updated:July 08, 2026, 15:22 IST
Parvati Kund Karauli: करौली जिले की पहाड़ियों के बीच स्थित पार्वती कुंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और रहस्यमयी दूधिया जलधारा के लिए प्रसिद्ध है. स्थानीय लोगों के अनुसार इस कुंड में सालभर दूध जैसा सफेद पानी बहता रहता है, जिसे कई ग्रामीण चमत्कारी मानते हैं. मानसून के दौरान यहां का नजारा और भी मनमोहक हो जाता है, जब आसपास की हरियाली और बहता जल पर्यटकों को आकर्षित करता है. पार्वती कुंड धार्मिक श्रद्धालुओं के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों और ट्रैवल फोटोग्राफरों के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र है. यह स्थल करौली के छिपे हुए पर्यटन स्थलों में गिना जाता है, जहां हर साल बड़ी संख्या में लोग दर्शन और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचते हैं. यदि आप राजस्थान में मानसून के दौरान किसी शांत, खूबसूरत और अनोखी जगह की तलाश में हैं.
करौली जिले के कोटे गांव में पहाड़ियों के बीच स्थित प्राचीन पार्वती कुंड आज भी लोगों के लिए आस्था और कौतूहल का केंद्र बना हुआ है. ग्रामीणों का दावा है कि इस कुंड से वर्षों से लगातार दूधिया रंग का पानी निकल रहा है, जो भीषण गर्मी और अकाल के समय भी कभी नहीं सूखता. यही वजह है कि आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पानी लेने और स्नान करने पहुंचते हैं.
स्थानीय लोगों के अनुसार पार्वती कुंड का पानी पूरे वर्ष एक समान बना रहता है. हजारों लोग प्रतिदिन इसका उपयोग करते हैं, लेकिन इसके जलस्तर में कभी कमी नहीं आती. ग्रामीण इसे दैवीय कृपा मानते हैं और कहते हैं कि जितना पानी निकाला जाता है, उतना ही दोबारा कुंड में भर जाता है.
गांव निवासी दिनेश सैनी बताते हैं कि उनके बुजुर्ग भी इस कुंड के बारे में यही बताते आए हैं कि यहां का पानी सदियों से लगातार निकल रहा है. उनका कहना है कि पानी का रंग हल्का दूधिया है और इसकी शुद्धता सामान्य फिल्टर पानी से भी बेहतर मानी जाती है.
Add as Preferred Source on Google
कुंड के पास रहने वाले संत राजानंद सरस्वती का कहना है कि यह स्थान प्राचीन काल से संतों की तपोस्थली रहा है. उनके अनुसार पहाड़ियों और गुफाओं में अनेक संतों ने तपस्या की थी और पार्वती कुंड उसी आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है. श्रद्धालु इस जल को गंगाजल के समान पवित्र मानते हैं.
ग्रामीणों का यह भी दावा है कि इस पानी से स्नान करने पर चर्म रोगों में लाभ मिलता है. हालांकि इस संबंध में कोई वैज्ञानिक या चिकित्सीय पुष्टि उपलब्ध नहीं है.
स्थानीय निवासी शिवराज सिंह का कहना है कि हम इस कुंड के पानी की जयपुर लेबोरेटरी में जांच भी करा चुके हैं. जांच के दौरान यह निकलकर आया कि यह पानी फिल्टर पानी से भी काफी मात्रा में शुद्ध हैं. इस पानी में फिल्टर पानी से भी ज्यादा मात्रा में कई गुणकारी तत्व मौजूद मिले.
स्थानीय ग्रामीण बताते हैं कि आसपास के क्षेत्र में 200 फीट गहराई तक बोरवेल करने पर भी कई बार पानी नहीं मिलता, लेकिन पार्वती कुंड में हर मौसम में जल उपलब्ध रहता है. यही कारण है कि सूखे के समय भी ग्रामीणों के लिए यह कुंड जीवनदायिनी साबित होता है.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|



