Jalore News I सुंदेलाव तालाब में सैकड़ों मछलियों की मौत I rajasthan news

Last Updated:July 10, 2026, 20:19 IST
जालोर के ऐतिहासिक सुंदेलाव तालाब में सैकड़ों मछलियों की मौत से हड़कंप मच गया है. तालाब की सतह पर तैरती मृत मछलियों को देखकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है. लोगों ने प्रदूषण, सीवरेज के पानी और मछली पकड़ने के लिए केमिकल के इस्तेमाल की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच और तत्काल सफाई की मांग की है.
जालोर. शहर के ऐतिहासिक सुंदेलाव तालाब से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां सैकड़ों की संख्या में मरी हुई मछलियां तालाब की सतह पर तैरती नजर आ रही हैं. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. सुंदेलाव तालाब, जो शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान माना जाता है, आज प्रदूषण और लापरवाही का शिकार बनता जा रहा है. तालाब के पानी में लगातार गिर रहे सीवरेज और नालों के गंदे पानी ने इसकी स्थिति को गंभीर बना दिया है. हाल ही में सामने आई इस घटना ने समस्या को और गहरा कर दिया है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मछली पकड़ने का टेंडर लेने वाले ठेकेदार मछलियों को पकड़ने के लिए पानी में जहरीले केमिकल डाल रहे हैं, जिससे इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हो रही है. हालांकि इस आरोप की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लोगों की मांग है कि इसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाए.
तालाब का पानी पूरा खराब
स्थानीय निवासियों का कहना है कि तालाब में बार-बार मछलियां मर रही हैं, इससे साफ है कि पानी पूरी तरह खराब हो चुका है. हमें शक है कि ठेकेदार केमिकल डाल रहे हैं. प्रशासन को तुरंत जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. शहर के विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों ने इस मामले को लेकर नगर परिषद और प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा है. ज्ञापन में मांग की गई है कि तालाब की तत्काल सफाई करवाई जाए और मृत मछलियों को बाहर निकाला जाए, ताकि पानी और अधिक प्रदूषित न हो. लोगों का कहना है कि तालाब में पड़ी मृत मछलियों से बदबू फैल रही है और इससे महामारी फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है. ऐसे में प्रशासन को जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए. सामाजिक कार्यकर्ता महेश कुमार ने लोकल18 को बताया कि सुंदेलाव तालाब सिर्फ एक जल स्रोत नहीं, बल्कि शहर की आस्था का भी प्रमुख केंद्र है.
तालाब के किनारे हनुमान जी, माताजी के मंदिर और कबीर आश्रम स्थित हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं. लोग यहां मछलियों को दाना डालकर पुण्य भी कमाते हैं. लेकिन अब तालाब की बिगड़ती हालत और मछलियों की मौत ने इस आस्था स्थल की पवित्रता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. यह सिर्फ मछलियों की मौत का मामला नहीं है, यह हमारी धरोहर के खत्म होने का संकेत है. अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और बिगड़ सकती है. स्थानीय निवासियों ने यह भी मांग की है कि तालाब में गिर रहे सीवरेज और नालों के पानी को तुरंत डायवर्ट किया जाए. साथ ही मछलियों की मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए पानी की लैब टेस्टिंग करवाई जाए. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
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Location :
Jalor,Rajasthan



