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India New Zealand Deal : पीएम मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा का बड़ा नतीजा, रक्षा से व्यापार तक हुए ये 18 समझौते; UNSC में भारत को मिला समर्थन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों ने नया ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया. पीएम मोदी और कीवी प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों ने अपने रिश्तों को औपचारिक रूप से सामरिक साझेदारी में बदलने का फैसला किया और इसके लिए ‘भारत-न्यूजीलैंड सामरिक साझेदारी: रोडमैप 2030’ को मंजूरी दी. इसके साथ ही रक्षा, व्यापार, खेल, पशुपालन, आपदा प्रबंधन, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग समेत कुल 18 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए.

संयुक्त बयान में दोनों देशों ने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर काम किया जाएगा. दोनों प्रधानमंत्रियों, विदेश मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद और वार्षिक बैठकों का भी फैसला लिया गया है. साथ ही दोनों देशों की संसदों के बीच सहयोग बढ़ाने और सांसदों के आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहित किया जाएगा.

रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर खास जोर

इस बैठक में वर्ष 2025 के भारत-न्यूजीलैंड रक्षा सहयोग समझौते को प्रभावी ढंग से लागू करने पर सहमति बनी. रक्षा मंत्रालयों और तीनों सेनाओं के बीच संवाद को नियमित बनाने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा कंबाइंड टास्क फोर्स-150 के तहत समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे सहयोग की सराहना की गई.

दोनों देशों ने समुद्री सहयोग व्यवस्था (MCA), हाइड्रोग्राफी सहयोग और पारस्परिक लॉजिस्टिक सहायता व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी सहमति जताई. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए वार्षिक समुद्री सुरक्षा संवाद शुरू करने का भी फैसला लिया गया.

7 अरब डॉलर तक कारोबार पहुंचाने का लक्ष्य

भारत और न्यूजीलैंड ने आर्थिक सहयोग को नई दिशा देते हुए वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय वस्तु और सेवा व्यापार को बढ़ाकर 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है. दोनों देशों ने व्यवसायों को निवेश और व्यापार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने तथा हाल ही में संपन्न भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का स्वागत किया. दोनों पक्षों ने इस समझौते को जल्द लागू करने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई.

आतंकवाद पर एकजुट रुख

दोनों देशों के संयुक्त बयान में आतंकवाद के सभी स्वरूपों की कड़ी निंदा की गई. विशेष रूप से 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले और 10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के लाल किला क्षेत्र के पास हुए आतंकी हमले की दोनों देशों ने कड़े शब्दों में निंदा की.

भारत और न्यूजीलैंड ने आतंकवाद की फंडिंग, सुरक्षित ठिकानों और ऑनलाइन आतंकी नेटवर्क को खत्म करने की आवश्यकता पर जोर दिया. दोनों देशों ने ज्वाइंट एंटी टेरर वर्क ग्रुप स्थापित करने का स्वागत किया और संयुक्त राष्ट्र तथा FATF जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई. साथ ही संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठनों, उनके समर्थकों और वित्तपोषकों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग भी की गई.

UNSC में भारत की सदस्यता को समर्थन

न्यूजीलैंड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की स्थायी सदस्यता के लिए भारत के दावे का एक बार फिर समर्थन दोहराया. दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मंचों पर शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए समन्वय बढ़ाने का भी संकल्प लिया.

नई सामरिक साझेदारी, 18 समझौतों और ‘रोडमैप 2030’ के साथ भारत और न्यूजीलैंड के संबंध अब केवल पारंपरिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि रक्षा, हिंद-प्रशांत सुरक्षा, व्यापार, निवेश और आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देश मिलकर दीर्घकालिक साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे.

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