बारिश में बिकने वाली इस सब्जी के आगे फेल है चिकन-मटन, स्वाद के साथ पोषण भी भरपूर! जानिए इसकी कीमत

Katarua Vegetable Benefits: भारत में जैसे ही बारिश का मौसम आता है, प्रकृति हमें कई ऐसे अनमोल तोहफ़े देती है, जो न सिर्फ़ स्वाद में बेमिसाल होते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं होते. ऐसी ही एक अनोखी और दुर्लभ सब्ज़ी है ‘कटरुआ’. यह सब्ज़ी, जो बारिश के मौसम में उत्तर प्रदेश के रुहेलखंड इलाके (खासकर पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बरेली) के जंगलों में मिलती है, नॉन-वेज पसंद करने वालों के लिए किसी दावत से कम नहीं है. ‘कटरुआ’ का स्वाद और बनावट इतनी शानदार होती है कि इसके आगे बेहतरीन चिकन और मटन भी फीके पड़ जाते हैं. शाकाहारियों के लिए इसे अक्सर ‘वेजिटेरियन मीट’ कहा जाता है. आइए जानते हैं कटरुआ’ के फ़ायदों और इसकी खासियतों के बारे में…
कटरुआ’ क्या है, और यह इतना खास क्यों है?कटरुआ असल में एक तरह का नैचुरल फंगस (जंगली मशरूम) है जो अपने आप ज़मीन के नीचे उगता है. यह कोई उगाई जाने वाली सब्ज़ी नहीं है. बारिश के मौसम में खासकर जब बिजली गिरती है यह साल के पेड़ों के नीचे मिट्टी के अंदर उगता है.
यह साल में सिर्फ़ एक या दो महीने (मानसून शुरू होने पर) बाज़ार में मिलता है, जिससे इसकी कीमत ₹800 से ₹1,500 प्रति किलोग्राम के बीच हो जाती है. ज़्यादा कीमत होने के बावजूद, लोग इसे खरीदने के लिए दौड़ पड़ते हैं.
चिकन या मटन से ज़्यादा न्यूट्रिशन वालास्वाद के अलावा कटुआ न्यूट्रिशन का पावरहाउस है. भारी और फैट वाले चिकन या मटन के उलट, यह शरीर को बिना किसी नुकसान के ताकत देता है.
प्रोटीन का पावरहाउस: इसमें अच्छी क्वालिटी का प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों के बढ़ने और उनकी मरम्मत के लिए ज़रूरी है.
कम कैलोरी और ज़ीरो फैट: मटन के उलट, इसमें सैचुरेटेड फैट नहीं होता, जिससे यह दिल की सेहत के लिए पूरी तरह सुरक्षित है.
इम्यूनिटी बढ़ाने वाला: इसमें एंटीऑक्सीडेंट और ज़रूरी विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं, जो मॉनसून के मौसम में इन्फेक्शन से बचाने में मदद करते हैं.
फाइबर से भरपूर: यह पचाने में बहुत आसान है और पेट की अच्छी सेहत को बढ़ावा देता है.
कटरुआ को पकाने का तरीका काफी हद तक मटन जैसा ही है. इसे बनाने से पहले, इसकी बाहरी काली परत को पानी से अच्छी तरह रगड़कर साफ़ किया जाता है, क्योंकि इस पर अक्सर मिट्टी लगी होती है. फिर इसे छोटे टुकड़ों में काटकर धीमी आंच पर प्याज़, अदरक, लहसुन और साबुत खुशबूदार मसालों के साथ भूना जाता है. पकने के बाद, इसकी ग्रेवी और कटरुआ के टुकड़ों का स्वाद काफी हद तक मटन जैसा ही लगता है.
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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा



