शौक से शुरू हुआ सफर, आज मेहंदी से पोर्ट्रेट बनाकर देशभर में छा गईं उदयपुर की युवी वैष्णव

Last Updated:August 05, 2026, 12:48 IST
Udaipur Mehendi Portrait Artist: उदयपुर की मेहंदी आर्टिस्ट युवी वैष्णव अपनी अनोखी कला के जरिए खास पहचान बना रही हैं. बचपन से मेहंदी लगाने की शौकीन युवी अब मेहंदी के कोन से देवी-देवताओं और आम लोगों के जीवंत पोर्ट्रेट बना रही हैं. रॉयल वेडिंग्स में काम करने के बाद उन्होंने इस कला की शुरुआत की थी. अत्यधिक बारीक और चुनौतीपूर्ण होने के कारण एक पोर्ट्रेट तैयार करने में 3 दिन से लेकर 1 महीने तक का समय लगता है. उनकी यह लगन और हुनर सोशल मीडिया और कला प्रेमियों के बीच काफी सराहना बटोर रहा है.
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Udaipur: कहते हैं कि हुनर और मेहनत के दम पर कोई भी इंसान अपनी अलग पहचान बना सकता है. उदयपुर की रहने वाली युवी वैष्णव इसकी बेहतरीन मिसाल हैं. बचपन से ही मेहंदी लगाने का शौक रखने वाली युवी ने अपनी कला को नया आयाम देते हुए मेहंदी से पोर्ट्रेट बनाना शुरू किया है. आज वे देवी-देवताओं से लेकर आम लोगों के बेहद आकर्षक और बारीक पोर्ट्रेट तैयार कर रही हैं, जिसकी वजह से शहर से लेकर सोशल मीडिया तक उनकी खास पहचान बन चुकी है.
युवी वैष्णव बताती हैं कि शुरुआत में वे हाथों पर पारंपरिक और आधुनिक मेहंदी डिजाइन बनाती थीं. समय के साथ उन्हें कई रॉयल वेडिंग्स (शाही शादियों) में दुल्हनों और उनके परिवार के सदस्यों को मेहंदी लगाने का अवसर मिला. इसी दौरान उनके मन में कुछ नया और लीक से हटकर करने का विचार आया, जिसके बाद उन्होंने कैनवास और हाथों पर मेहंदी की मदद से जीवंत पोर्ट्रेट चित्र उकेरने की शुरुआत की.
कड़ी मेहनत और धैर्य से मिली सफलतापोर्ट्रेट आर्ट की शुरुआती राह युवी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही. मेहंदी के कोन से किसी व्यक्ति के चेहरे के हाव-भाव, आंखें, बाल और अन्य सूक्ष्म बारीकियों को सटीकता से उकेरना आसान नहीं था. कई बार घंटों की मशक्कत के बाद भी मनचाहा परिणाम नहीं मिलता था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. लगातार अभ्यास और धैर्य के दम पर उन्होंने इस कठिन कला में ऐसी महारत हासिल कर ली कि अब उनके बनाए पोर्ट्रेट देखकर हर कोई हैरान रह जाता है.
एक पोर्ट्रेट बनाने में लगता है एक महीने तक का समयआज युवी वैष्णव भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, महादेव सहित कई देवी-देवताओं के साथ-साथ आम लोगों के व्यक्तिगत पोर्ट्रेट भी मेहंदी से तैयार करती हैं. युवी के अनुसार, एक पोर्ट्रेट को पूरा करने में काफी समय और एकाग्रता की आवश्यकता होती है. कई जटिल पोर्ट्रेट को पूरा करने में एक महीने तक का समय लग जाता है, वहीं कुछ चित्र लगातार तीन दिनों तक रोजाना 8 से 9 घंटे बैठकर बारीक काम के बाद तैयार हो पाते हैं. उनकी यह मेहनत अब उदयपुर सहित पूरे देश में सराहना बटोर रही है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Udaipur,Udaipur,Rajasthan
First Published :
August 05, 2026, 12:48 IST



