रेणुकास्वामी हत्याकांड: दर्शन के करीबी प्रदोष ने कोर्ट में मांगी माफी, सरकारी गवाह बनने की जताई इच्छा

Last Updated:August 10, 2026, 23:41 IST
कन्नड़ अभिनेता दर्शन से जुड़े रेणुकास्वामी हत्याकांड में नया अपडेट आया है. मामले में आरोपी नंबर 14 प्रदोष ने कोर्ट में माफी की अर्जी दाखिल कर सरकारी गवाह बनने की इच्छा जाहिर की है. अपनी याचिका में उसने हत्या से पहले हुई कथित मारपीट और बाद में मामले को छिपाने की कोशिशों को लेकर भी कई दावे किए हैं. हालांकि, प्रदोष की ओर से लगाए गए इन आरोपों की अभी कोर्ट में पुष्टि होना बाकी है.
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एक्टर का साथी बनेगा सरकारी गवाह!
नई दिल्ली. कन्नड़ सिनेमा के अभिनेता दर्शन थूगुदीपा से जुड़े बहुचर्चित रेणुकास्वामी हत्याकांड को लेकर नई खबर सामने आई है. आरोपी नंबर 14 प्रदोष एस की ओर से सरकारी गवाह बनने के लिए दाखिल 11 पन्नों की अर्जी ने इस केस को नया मोड़ दिया है. प्रदोष ने अदालत के सामने माफी मांगते हुए अपील करते हुए हत्याकांड, बर्बरता और उसके बाद सबूतों को मिटाने की साजिश की पूरी जानकारी दी है.
प्रदोष के मुताबिक, रेणुकास्वामी को दर्शन ने कथित तौर पर पवित्रा गौड़ा को भेजे गए मैसेज को लेकर बुलाया था. इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई. अर्जी में दावा किया गया है कि पवित्रा गौड़ा को भी वहां बुलाया गया और उसने भी कथित तौर पर रेणुकास्वामी के साथ मारपीट की.
प्रदोष ने किया दावा
प्रदोष के मुताबिक उस वक्त दूसरे आरोपियों ने भी उसके साथ मारपीट की. प्रदोष ने आरोप लगाया कि नंदिश, पवन और नागराज ने लकड़ी के डंडों और नायलॉन की रस्सी का इस्तेमाल किया. उसने यह भी दावा किया कि रेणुकास्वामी को एक वाहन से लटकाने की कोशिश की गई थी. अर्जी में प्रदोष ने आरोप लगाया कि दर्शन ने भी कथित तौर पर रस्सी से रेणुकास्वामी के हाथ और पीठ पर वार किए. उसके मोबाइल फोन में मौजूद मैसेज भी वहां पढ़े जा रहे थे.
प्रदोष ने बीच-बचाव का किया दावा
प्रदोष का कहना है कि उसने कई बार मारपीट रोकने की कोशिश की थी. उसने कथित तौर पर बाकी लोगों को चेतावनी दी कि लगातार हमला करने से रेणुकास्वामी की जान जा सकती है. उसके मुताबिक, खाना और पानी देने के बाद भी उसके साथ मारपीट जारी रही. प्रदोष ने दावा किया कि जब रेणुकास्वामी की हालत बिगड़ी तो उसने दोबारा बीच में आकर उसे बचाने की कोशिश की.
सरकारी गवाह बनने की मांग
प्रदोष ने कोर्ट से ये भी गुहार लगाई है कि अगर उसे माफी देकर सरकारी गवाह बनाया जाता है, तो वह हत्या से जुड़े घटनाक्रम और दूसरे आरोपियों के बारे में भी पूरी जानकारी देने को तैयार है. अगर कोर्ट उसकी मांग स्वीकार करता है, तो उसकी गवाही अभियोजन पक्ष के लिए अहम हो सकती है.
बता दें कि प्रदोष की याचिका में ये भी साफ किया गया है कि हत्या के बाद कथित तौर पर सबूतों को मिटाने और मामले की कहानी बदलने की भी कोशिशों की गई. उसका दावा है कि आरोपियों के बीच ऐसी कहानी तैयार करने पर चर्चा हुई, जिससे पुलिस की जांच को गुमराह किया जा सके. प्रदोष ने आरोप लगाया कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई. उसके मुताबिक, शव को सफेद स्कॉर्पियो में ले जाकर सुमनहल्ली के पास एक नाले में फेंक दिया गया. अर्जी में यह भी दावा किया गया है कि कुछ लोगों को पुलिस के सामने सरेंडर करने की तैयारी कराई जा रही थी.
About the AuthorMunish KumarSenior sub editor
न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…
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First Published :
August 10, 2026, 23:41 IST



