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North Korea Missile: अमेरिका-दक्षिण कोरिया वॉर गेम स्टार्ट ही करने वाले थे कि किम जोंग ने दाग दी बैलिस्टिक मिसाइल

Last Updated:August 12, 2026, 08:17 IST

North Korea News: अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बड़े सैन्य अभ्यास से पहले उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल दागकर तनाव बढ़ा दिया है. दक्षिण कोरिया और जापान के मुताबिक, बुधवार सुबह उत्तर कोरिया के वॉनसान इलाके से मिसाइल लॉन्च की गई, जिसने 700 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की. यह एक हफ्ते के भीतर प्योंगयांग की दूसरी कथित बैलिस्टिक मिसाइल गतिविधि है. खास बात यह है कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया 17 अगस्त से 11 दिनों का Ulchi Freedom Shield सैन्य अभ्यास शुरू करने वाले हैं. उत्तर कोरिया इन अभ्यासों को हमले की तैयारी बताता रहा है. ऐसे में मिसाइल लॉन्च को शक्ति प्रदर्शन और चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है.Amazon Prime DayTop Deals InsideUS-दक्षिण कोरिया वॉर गेम से पहले किम जोंग का धमाका, दागी बैलिस्टिक मिसाइलZoomअमेरिका-दक्षिण कोरिया के Ulchi Freedom Shield सैन्य अभ्यास से पहले उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल दागी. (फोटो AP)

South Korea-America Military Drills: किम जोंग उन खौफ का दूसरा नाम है. नॉर्थ कोरिया के शासक किम के नाम से अमेरिका और दक्षिण कोरिया में हड़कंप मचा रहता है. ऐसा इसलिए क्योंकि किम कब क्या कर दें यह किम जोंग उन के अलावा कोई नहीं जानता. उन्होंने इस बार भी ऐसा ही कुछ किया है. दरअसल अमेरिका और दक्षिण कोरिया का बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू होने वाला है. इससे ठीक पहले उत्तर कोरिया ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ा दिया है. दक्षिण कोरिया और जापान के मुताबिक उत्तर कोरिया ने बुधवार सुबह समुद्र की तरफ एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी. मिसाइल ने करीब 700 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की. यह एक हफ्ते के भीतर प्योंगयांग की दूसरी कथित बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च है. खास बात टाइमिंग है. अमेरिका और दक्षिण कोरिया 17 अगस्त से अपना सालाना Ulchi Freedom Shield सैन्य अभ्यास शुरू करने वाले हैं. ऐसे में किम जोंग उन की सरकार का मिसाइल टेस्ट महज हथियारों की टेस्टिंग नहीं माना जा रहा. यह साफ तौर पर शक्ति प्रदर्शन और चेतावनी का संदेश भी हो सकता है. नॉर्थ कोरिया पहले भी ऐसे सैन्य अभ्यासों को लेकर बेहद आक्रामक प्रतिक्रिया देता रहा है.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण कोरिया की सेना ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 6 बजे वॉनसान इलाके से एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई. मिसाइल को ईस्ट सी यानी सी ऑफ जापान की दिशा में जाते हुए ट्रैक किया गया. दक्षिण कोरियाई ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के मुताबिक मिसाइल ने 700 किलोमीटर से ज्यादा उड़ान भरी. जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल के लॉन्च की पुष्टि की और कहा कि मिसाइल गिर चुकी है. हालांकि जापान की ओर से लॉन्च की विस्तृत जानकारी तत्काल साझा नहीं की गई. दक्षिण कोरिया ने निगरानी बढ़ा दी है और अमेरिका तथा जापान के साथ मिसाइल लॉन्च से जुड़ी जानकारी साझा की जा रही है.

यह उत्तर कोरिया की एक हफ्ते के भीतर दूसरी कथित बैलिस्टिक मिसाइल गतिविधि है. (AP)

किम जोंग का मिसाइल टेस्ट क्यों है खास?

उत्तर कोरिया का यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि यह अमेरिका-दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास से कुछ दिन पहले आया है. दक्षिण कोरिया और अमेरिका 17 अगस्त से 11 दिनों तक Ulchi Freedom Shield अभ्यास करने वाले हैं. दक्षिण कोरियाई सेना के करीब 18,000 जवान इसमें हिस्सा लेंगे. हर साल होने वाला यह अभ्यास उत्तर कोरिया को खासा परेशान करता है. प्योंगयांग इसे संभावित हमले की तैयारी या आक्रमण की रिहर्सल बताता रहा है. इसके उलट अमेरिका और दक्षिण कोरिया का कहना है कि यह अभ्यास रक्षात्मक प्रकृति का है.
उत्तर कोरिया ने पिछले सालों में भी इन सैन्य अभ्यासों के आसपास मिसाइल टेस्ट और तीखे बयानों के जरिए प्रतिक्रिया दी है. इसलिए इस बार भी मिसाइल लॉन्च की टाइमिंग को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. क्यून्यांग यूनिवर्सिटी के उत्तर कोरिया मामलों के विशेषज्ञ लिम ईउल-चुल ने न्यूज एजेंसी AFP से कहा कि प्योंगयांग ने कभी भी दक्षिण कोरिया-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास को बिना प्रतिक्रिया के नहीं जाने दिया है. उनके मुताबिक यह संदेश हो सकता है कि उत्तर कोरिया आगामी अभ्यास पर करीब से नजर रख रहा है और जरूरत महसूस होने पर उकसावे वाली कार्रवाई कर सकता है.

एक हफ्ते में दूसरी मिसाइल, जून के बाद फिर तेज हुई गतिविधि

यह उत्तर कोरिया की एक हफ्ते के भीतर दूसरी कथित बैलिस्टिक मिसाइल गतिविधि है. 6 अगस्त को दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने उत्तर कोरिया से एक शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च का पता लगाया था. उस समय प्योंगयांग ने कथित लॉन्च की पुष्टि नहीं की थी. अब बुधवार का लॉन्च सामने आया है. इससे संकेत मिलता है कि उत्तर कोरिया की मिसाइल गतिविधियों पर एक बार फिर क्षेत्रीय देशों की नजर बढ़ गई है. इस घटनाक्रम के बीच जापान के साथ उत्तर कोरिया का तनाव भी लगातार बढ़ रहा है. प्योंगयांग ने जुलाई से अब तक कई बार टोक्यो की रक्षा नीति पर निशाना साधा है. मंगलवार को उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया ने जापान की नई रक्षा श्वेत पत्र को लेकर भी कड़ा बयान दिया. उत्तर कोरिया ने इसे दोबारा आक्रमण की मानसिकता वाला दस्तावेज बताया और आरोप लगाया कि जापान अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने को सही ठहराने के लिए प्योंगयांग को सबसे बड़ा रणनीतिक खतरा बता रहा है.

अमेरिका-दक्षिण कोरिया का वॉर गेम 17 अगस्त से, 18 हजार सैनिक होंगे शामिल

Ulchi Freedom Shield सैन्य अभ्यास 17 अगस्त से शुरू होकर 11 दिनों तक चलेगा. दक्षिण कोरिया के मुताबिक अभ्यास का स्तर पिछले सालों की तरह ही रहने की उम्मीद है. इसमें करीब 18000 दक्षिण कोरियाई सैनिक हिस्सा लेंगे. अमेरिका और दक्षिण कोरिया का कहना है कि इस तरह के अभ्यास उनकी संयुक्त रक्षा क्षमता और सैन्य तैयारियों को मजबूत करने के लिए होते हैं.
लेकिन उत्तर कोरिया इसे अलग नजर से देखता है. प्योंगयांग लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को अपने खिलाफ हमले की तैयारी बताता रहा है. यही वजह है कि अभ्यास से पहले या उसके दौरान उत्तर कोरिया की ओर से मिसाइल टेस्ट और आक्रामक बयान सामने आते रहे हैं. इस बार मिसाइल लॉन्च ने उस पुराने तनाव को फिर हवा दे दी है.

जापान भी निशाने पर, रक्षा नीति को लेकर किम सरकार नाराज

उत्तर कोरिया की नाराजगी सिर्फ अमेरिका और दक्षिण कोरिया तक सीमित नहीं है. जापान के खिलाफ भी प्योंगयांग लगातार बयान दे रहा है. उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया ने मंगलवार को जापान की रक्षा नीति पर हमला बोला. उसने जापान के रक्षा श्वेत पत्र को ‘पुनः आक्रमण की मानसिकता’ वाला दस्तावेज बताया. उत्तर कोरिया का आरोप है कि जापान प्योंगयांग को सबसे बड़ा रणनीतिक खतरा बताकर अपने हथियारों और सैन्य क्षमता के विस्तार को सही ठहराने की कोशिश कर रहा है. जापान दूसरी तरफ उत्तर कोरिया के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को अपनी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानता है. ऐसे में अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के बीच बढ़ता सैन्य सहयोग प्योंगयांग की चिंता को और बढ़ा रहा है.

यूक्रेन युद्ध में भी उत्तर कोरिया की भूमिका पर सवाल

उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियों को लेकर सिर्फ कोरियाई प्रायद्वीप में ही चर्चा नहीं है. यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद करने को लेकर भी प्योंगयांग पर गंभीर आरोप लगते रहे हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मंगलवार को दावा किया कि रूस ने यूक्रेन पर हमले में उत्तर कोरिया की बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया. जेलेंस्की के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन के जापोरिज्जिया शहर में एक स्टील प्लांट पर हुए हमले में सात कर्मचारियों की मौत हुई और इसमें उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया. यह दावा ऐसे समय आया है जब रूस और उत्तर कोरिया के सैन्य संबंधों को लेकर पश्चिमी देश लगातार चिंता जताते रहे हैं. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है.

अब आगे क्या? मिसाइल टेस्ट के बाद बढ़ सकती है टेंशन

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उत्तर कोरिया आने वाले दिनों में और मिसाइल परीक्षण करेगा. सैन्य अभ्यास शुरू होने में अभी समय है और प्योंगयांग पहले भी अभ्यासों को लेकर प्रतिक्रिया देता रहा है. इसलिए बुधवार का लॉन्च आने वाले घटनाक्रम की शुरुआत भी हो सकता है. दक्षिण कोरिया ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है और अमेरिका तथा जापान के साथ संपर्क बनाए रखा है. अगर उत्तर कोरिया लगातार मिसाइल टेस्ट करता है या सैन्य बयानबाजी और तेज होती है, तो कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ सकता है. अमेरिका और दक्षिण कोरिया की तरफ से अभ्यास जारी रखने की स्थिति में प्योंगयांग की प्रतिक्रिया पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी. फिलहाल इतना साफ है कि किम जोंग उन ने वॉर गेम शुरू होने से पहले अपनी मौजूदगी का अहसास जरूर करा दिया है.

About the AuthorSumit KumarSenior Sub Editor

सुमित कुमार हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…

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August 12, 2026, 08:11 IST

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