शरीर में किस चीज की कमी से झड़ने लगती हैं आंखों की पलकें? बाल भी हो जाते हैं कम, जानें उपचार

आंखों की पलकों का झड़ना अक्सर लोग सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. रोजाना एक-दो पलकें गिरना सामान्य हो सकता है, क्योंकि पलकों का भी अपना ग्रोथ और शेडिंग साइकिल होता है. लेकिन अगर पलकें लगातार कम हो रही हैं, गुच्छों में गिर रही हैं या साथ ही सिर के बाल भी तेजी से झड़ने लगे हैं, तो इसके पीछे कोई स्वास्थ्य समस्या हो सकती है. विशेषज्ञों के मुताबिक पोषक तत्वों की कमी, हार्मोनल गड़बड़ी, त्वचा की समस्या और कुछ ऑटोइम्यून बीमारियां इसके कारण बन सकती हैं.
बालों और पलकों के कमजोर होने के पीछे आयरन की कमी एक संभावित कारण हो सकती है. शरीर में आयरन की कमी होने पर बालों की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है और ज्यादा हेयर फॉल देखने को मिल सकता है. खासकर महिलाओं में आयरन की कमी के कारण बाल झड़ने की शिकायत देखी जाती है. आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो शरीर की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाता है. इसकी कमी होने पर बालों की ग्रोथ से जुड़ी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. हालांकि केवल पलकें झड़ने को आयरन की कमी का पक्का संकेत नहीं माना जा सकता.
जिंक और बायोटिन की कमी भी हो सकती है जिम्मेदार
कुछ मामलों में जिंक और बायोटिन की कमी भी पलकों की ग्रोथ को प्रभावित कर सकती है. Cleveland Clinic के अनुसार बायोटिन, जिंक और आयरन की कमी का पलकों की ग्रोथ में भूमिका हो सकती है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति में पलकें झड़ने का कारण विटामिन या मिनरल की कमी ही हो. बिना जांच के सप्लीमेंट लेना सही तरीका नहीं है, क्योंकि खासकर बायोटिन की ज्यादा मात्रा कुछ ब्लड टेस्ट के नतीजों को प्रभावित कर सकती है.
सिर्फ पोषण की कमी नहीं, थायरॉइड भी हो सकता है कारण
अगर पलकों के साथ सिर के बाल, भौंहों या शरीर के दूसरे हिस्सों के बाल भी कम हो रहे हैं तो थायरॉइड की समस्या को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. हाइपोथायरॉइडिज्म और हाइपरथायरॉइडिज्म दोनों ही बालों के झड़ने से जुड़े हो सकते हैं. थायरॉइड से जुड़ी हेयर लॉस की स्थिति में सिर के अलावा भौंहों और पलकों के बाल भी प्रभावित हो सकते हैं. सही कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टर जरूरत के मुताबिक थायरॉइड और आयरन से जुड़े ब्लड टेस्ट करा सकते हैं.
पलकें झड़ने के दूसरे कारण भी समझें
पलकों का गिरना हमेशा शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी की वजह से नहीं होता. पलकों में सूजन यानी ब्लेफेराइटिस, आंखों के आसपास की त्वचा की समस्या, एलर्जी, कुछ दवाएं, मेकअप से होने वाली जलन और ऑटोइम्यून बीमारियां भी इसका कारण बन सकती हैं. Alopecia areata जैसी स्थिति में शरीर के अलग-अलग हिस्सों के बाल झड़ सकते हैं. इसलिए अगर पलकों के साथ भौंहों और सिर के बालों में भी अचानक पैची या ज्यादा गिरावट दिख रही है तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है.
उपचार कैसे किया जाता है?
पलकों के झड़ने का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है. अगर जांच में आयरन, जिंक या किसी दूसरे पोषक तत्व की कमी सामने आती है तो डॉक्टर डाइट में बदलाव या जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं. आयरन की कमी होने पर आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे पालक, ब्रोकली, मटर, टोफू और आयरन युक्त मांस को डाइट में शामिल किया जा सकता है. विटामिन C वाले खाद्य पदार्थों के साथ आयरन युक्त भोजन लेने से आयरन के अवशोषण में मदद मिलती है. लेकिन बिना जांच के आयरन या दूसरे सप्लीमेंट शुरू नहीं करने चाहिए.
अगर समस्या थायरॉइड, एलर्जी, पलकों की सूजन या किसी ऑटोइम्यून बीमारी की वजह से है तो पहले उस बीमारी का उपचार किया जाता है. साथ ही आंखों को बार-बार रगड़ने, पलकों को खींचने और कठोर मेकअप रिमूवर इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. अगर पलकें अचानक बहुत ज्यादा झड़ रही हैं, आंखों में लालिमा या सूजन है, भौंहों के बाल भी गिर रहे हैं या सिर पर गोल-गोल पैच में बाल कम हो रहे हैं, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ या आंखों के डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है.



