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‘दिमाग में क्लियर प्लान और बड़ी पारी की भूख…’ श्रीलंका के खिलाफ गॉल में गदर मचाने के बाद गरजे देवदत्त पडिक्कल

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‘क्लियर प्लान और बड़ी पारी की भूख’, गॉल में गदर मचाने के बाद गरजे पडिक्कल

Last Updated:August 16, 2026, 22:03 IST

Devdutt Padikkla Statement: श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में पहला शतक जड़कर 167 रनों की शानदार पारी खेलने वाले देवदत्त पडिक्कल ने अपनी सफलता का राज खोला है. पिछले दो सालों से मौके का इंतजार कर रहे पडिक्कल ने बताया कि स्पिनरों के खिलाफ स्पष्ट रणनीति, बेहतरीन फुटवर्क और शतक को बड़ी पारी में बदलने की भूख ने इस मुकाम तक पहुंचाया. शतक के बाद एकाग्रता बनाए रखने को अहम बताते हुए उन्होंने कहा कि कर्नाटक के दिग्गजों को देखकर उन्हें बड़ी पारी खेलने की प्रेरणा मिली. ‘क्लियर प्लान और बड़ी पारी की भूख’, गॉल में गदर मचाने के बाद गरजे पडिक्कलZoomदेवदत्त पडिक्कल ने इंटरनेशनल क्रिकेट में पहला शतक जड़ने के बाद दिया पहला रिएक्शन.

गॉल.  देवदत्त पडिक्कल ने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ अपने करियर का पहला टेस्ट शतक जड़ने में स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ उनकी रणनीति में आई स्पष्टता और शतक को बड़ी पारी में बदलने की उनकी भूख ने अहम भूमिका निभाई. पडिक्कल ने पहली पारी में टेस्ट में अपना शतक जड़ते हुए 167 रन बनाए. पिछले दो वर्षों से टेस्ट स्तर पर खुद को साबित करने के मौके का इंतजार कर रहे पडिक्कल ने कहा कि अपनी योजनाओं पर पूरी तरह अमल करने से उनका फुटवर्क बेहतर हुआ और इसी का नतीजा उन्हें अपने पहले शतक के रूप में मिला.

बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) ने  पहले टेस्ट के दूसरे दिन के खेल के बाद प्रसारकों से कहा, ‘निश्चित रूप से मैंने इस पल का सपना देखा था. पिछले दो वर्षों से मैं कड़ी मेहनत कर रहा था ताकि जब मुझे मौका मिले तो कुछ खास कर सकूं. ऐसा कर पाने से मैं बेहद खुश हूं.’ स्पिन के खिलाफ अपनी तैयारी के बारे में पडिक्कल ने कहा कि उन्होंने केवल गेंद के अनुसार प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले से स्पष्ट योजनाएं बनाने पर काफी काम किया. अपनी मजबूत क्षमता वाले क्षेत्र में गेंदबाजों पर आक्रमण करने से उन्हें परिस्थितियों को अपने नियंत्रण में रखने में मदद मिली.

देवदत्त पडिक्कल ने इंटरनेशनल क्रिकेट में पहला शतक जड़ने के बाद दिया पहला रिएक्शन.

उन्होंने कहा, ‘जब आप स्पिन खेल रहे हों तो दिमाग में कुछ योजनाएं होना जरूरी है. आप मैदान पर जाकर हर गेंद पर सिर्फ प्रतिक्रिया देने की उम्मीद नहीं कर सकते. आपके दिमाग में कुछ ऐसे शॉट होने चाहिए जिन्हें आप क्रीज पर उतरते ही खेलना चाहते हैं. इससे गेंदबाज पर भी दबाव बनाया जा सकता है.’

पडिक्कल ने अपने प्रभावी फुटवर्क का श्रेय भी अपनी रणनीति की स्पष्टता को दिया. उनका कहना था कि वह हर शॉट, यहां तक कि रक्षात्मक शॉट को भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ खेलना चाहते थे. उन्होंने कहा, ‘जब आपको यह स्पष्ट होता है कि आप क्या करना चाहते हैं तो उससे फुटवर्क में भी आत्मविश्वास आता है. मैं बस यह सुनिश्चित करना चाहता था कि मैं जो भी करूं, उसमें शत प्रतिशत प्रतिबद्धता हो.’

इस 24 साल के बल्लेबाज ने कहा कि अधिक रन बनाने की भूख ने उन्हें शतक पूरा करने के तुरंत बाद एकाग्रता खोने से बचा लिया.  उन्होंने कहा, ‘मुझे बल्लेबाजी करना पसंद है। शतक पूरा करते ही राहत महसूस होना और थोड़ा एकाग्रता गवां देना आसान है. मेरे लिए हालांकि शतक के बाद की अगली 20-30 गेंदें बेहद महत्वपूर्ण होती हैं और मैं उस दौरान पूरी तरह एकाग्र रहने की कोशिश करता हूं. शतक के बाद शुरुआती 10 गेंदें निकाल लेने के बाद मेरा काम काफी आसान हो जाता है.’

कर्नाटक के कई बल्लेबाजों को बड़ी पारियां खेलते हुए देखकर बड़े हुए पडिक्कल ने कहा कि उनके प्रदर्शन ने भी उन्हें ऐसा करने के लिए प्रेरित किया.  पडिक्कल ने कहा, ‘पिछले कई वर्षों में मैंने कर्नाटक के कई क्रिकेटरों को बड़ी पारियां और बड़े शतक बनाते देखा है. उन्हें बल्लेबाजी करते देख मेरे मन में भी वैसा ही करने की इच्छा पैदा होती थी.’ गॉल की पिच के बारे में पडिक्कल ने कहा कि दूसरे दिन पिच में स्पिनरों के लिए पकड़ थोड़ी बढ़ी थी, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि टेस्ट आगे बढ़ने के साथ पिच स्पिनरों के लिए और अधिक मददगार होगी.

उन्होंने कहा, ‘अभी बहुत ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है. पिच को वास्तव में स्पिनरों के लिए अधिक मददगार में शायद दो और सत्र लगेंगे. लेकिन हम जानते हैं कि खासकर गाले में तीसरे और चौथे दिन पिच काफी तेजी से बदलती है.’ उन्होंने उम्मीद जताई कि पिच में आने वाला बदलाव भारतीय गेंदबाजों के लिए भी मददगार साबित होगा.  अपने पहले टेस्ट शतक की अहमियत के बावजूद पडिक्कल ने जश्न मनाने में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह बड़ी उपलब्धि के बाद जमकर जश्न मनाने वालों में से हैं, तो मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा, ‘नहीं, ऐसा नहीं है. मैं थक गया हूं इसलिए अब सीधे बिस्तर पर जाने वाला हूं.’

About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

August 16, 2026, 22:03 IST

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