‘मुझ पर कोई दबाव नहीं था…’ श्रीलंका के खिलाफ फिफ्टी ठोक ध्रुव जुरेल ने गंभीर और शुभमन गिल को कहा शुक्रिया

होमखेलक्रिकेट
‘मुझ पर कोई दबाव नहीं था…’जुरेल ने गंभीर और गिल को कहा शुक्रिया
Last Updated:August 16, 2026, 21:39 IST
Dhruv Jurel Statement after Fifty: ध्रुव जुरेल ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के दूसरे दिन 51 रन की जुझारू पारी खेलकर फॉर्म में वापसी की. खराब फॉर्म के दौर में भी दबाव से इनकार करते हुए जुरेल ने अपनी इस सफलता का श्रेय मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल के भरोसे को दिया. उन्होंने कहा कि उनका ध्यान व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर नहीं, बल्कि टीम की जरूरत पर रहता है. जुरेल ने देवदत्त पडिक्कल की 167 रन की शतकीय पारी की भी जमकर तारीफ की.जुरेल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे दिन शानदार अर्धशतक जड़ा.
गॉल. ध्रुव जुरेल ने कहा है कि पिछली सात पारियों में अर्धशतक नहीं बना पाने के बावजूद उन पर किसी तरह का ‘दबाव’ नहीं था. और इस कठिन दौर में उनका हौसला बढ़ाने के लिए उन्होंने हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल का आभार जताया. जुरेल ने पहले टेस्ट के दूसरे दिन 68 गेंद में 51 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली जिसकी बदौलत भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पहली पारी में स्टंप तक नौ विकेट पर 460 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया.
दिन का खेल समाप्त होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में ध्रुव जुरेल (Dhruv Jurel) ने कहा, ‘सच कहूं तो मुझ पर कोई दबाव नहीं था. मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है. मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान यही है कि मैं देश के लिए खेल रहा हूं. जब भी मैं कप्तान या मुख्य कोच से बात करता हूं, वे हमेशा बताते हैं कि मुझे क्या करना है और मैच की स्थिति क्या है। उसी हिसाब से खेलने के लिए कहते हैं. बल्लेबाजी करने से पहले मैं किसी व्यक्तिगत उपलब्धि के बारे में नहीं सोचता. मैं सिर्फ मैदान पर जाकर वही करने की कोशिश करता हूं, जिसकी टीम को जरूरत होती है.’
जुरेल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे दिन शानदार अर्धशतक जड़ा.
जुरेल ने बताया कि टेस्ट सीरीज से पहले वह इसी मैदान पर भारत ए के लिए खेल चुके थे और उस अनुभव का उन्हें काफी फायदा मिला. उन्होंने कहा, ‘हम यहां 10 दिन पहले आ गए थे. हमने कोलंबो में अभ्यास किया और उससे पहले भारत ए के लिए खेले. यहां हमने चार-पांच अभ्यास सत्र भी किए. ऐसी पिचों पर जितना ज्यादा बल्लेबाजी करें, उतने ही बेहतर होते हैं. इससे मेरी बल्लेबाजी में सुधार हुआ, यहां के माहौल और परिस्थितियों को समझने में मदद मिली. यह अनुभव वास्तव में काफी उपयोगी रहा.’
इस 25 साल के बल्लेबाज ने कहा कि बारिश और गीली आउटफील्ड के कारण दो सत्र गंवाने के बाद टीम की योजना ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की थी, लेकिन लापरवाही से नहीं. उन्होंने कहा, ‘हमारी योजना ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की थी. ऐसा नहीं था कि पहली ही गेंद से बेखौफ होकर बड़े शॉट खेलने लगें. हम समझदारी से क्रिकेट खेलना चाहते थे, निचले क्रम में अच्छी साझेदारियां बनाना चाहते थे और जितने अधिक रन हो सकें, उतने बनाने की कोशिश कर रहे थे.’
उनका मानना है कि पिच अब भी बल्लेबाजी के लिए अच्छी है और तीसरे दिन भारतीय गेंदबाजों को लंबा स्पेल डालना पड़ सकता है. भारतीय विकेटकीपर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमें भी श्रीलंका के गेंदबाजों की तरह लंबे स्पेल डालने होंगे और लगातार सही लाइन-लेंथ बनाए रखनी होगी. इसमें कोई बड़ी रणनीति नहीं है. हमें सिर्फ अच्छी जगह गेंद डालनी है और चीजों को सरल रखना है. अगर हमें मैच जीतना है तो पूरे जज्बे के साथ खेलना होगा और विपक्षी टीम के सभी 20 विकेट लेने होंगे.’
जुरेल ने अपने साथी बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल की 167 रन की शानदार पारी की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने पहले भारत ए के लिए रन बनाए और अब यहां भी शानदार बल्लेबाजी की. उन्हें जब भी मौका मिलता है, वे रन बनाते हैं. एक साथी क्रिकेटर के तौर पर यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि वह भारत के लिए इतना अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.’
About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर
कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
और पढ़ेंLocation :
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
August 16, 2026, 21:39 IST



