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बनाने निकले थे ‘बिग ट्री’, ₹23 करोड़ खर्च कर बनाया ऐसा मुजस्समा, देखते ही लोग बोले- गिरा दो भाई इसको!

दक्षिण कोरिया में एक ऐसा टावर बना है, जिसे देखकर लोग हैरान भी हैं और नाराज भी. शहर ने इसे अपनी नई पहचान बनाने के लिए बनाया था. लेकिन हालत ऐसी हुई कि टावर आज तक आम लोगों के लिए आधिकारिक तौर पर खोला ही नहीं जा सका.

मामला दक्षिण कोरिया के औद्योगिक शहर चांगवॉन का है. वहां देसांग पार्क में करीब 34.4 अरब वॉन यानी लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से 40 मीटर ऊंचा बिग ट्री बनाया गया. लेकिन जिस टावर को शहर की नई पहचान बनना था, वही अब लोगों के बीच ‘गंजा पेड़’ और ‘शर्म का पेड़’ जैसे नामों से मशहूर हो गया है.

पेड़ की जगह दिख रहा स्टील का ढांचा

बिग ट्री का डिजाइन काफी अलग तरह का था. प्लानिंग के मुताबिक, 40 मीटर के ढांचे के ऊपर करीब 20 मीटर ऊंचा एक कृत्रिम पेड़ बनाया जाना था. इस कृत्रिम पेड़ पर पत्तियां भी होतीं और पूरा ढांचा दूर से एक बड़े पेड़ जैसा दिखाई देता. लेकिन बाद में यह हिस्सा ही योजना से हटा दिया गया.

शहर प्रशासन का कहना है कि कृत्रिम पत्तियों के गिरने से लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता था. इसलिए पेड़ को हटाकर उसकी जगह टावर पर लाइटिंग लगाने का फैसला किया गया. नतीजा यह हुआ कि लोगों के सामने एक बड़े पेड़ की जगह खाली स्टील का ढांचा खड़ा रह गया.

लोगों ने कहा- ये कैसा पेड़ है?

जब पिछले साल टावर को पहली बार लोगों के सामने पेश किया गया तो स्थानीय लोगों ने इसकी जमकर आलोचना की. लोगों का कहना था कि जो डिजाइन उन्हें पहले दिखाया गया था, असल में बनाया गया ढांचा उससे बिल्कुल अलग नजर आता है.

अगस्त में टावर को 2 हफ्ते के ट्रायल के लिए खोला गया. इस दौरान 1868 लोगों से इसकी शक्ल-सूरत को लेकर राय ली गई. इनमें करीब 85 फीसदी लोगों ने टावर के लुक को बदसूरत बताया. कुछ लोगों ने तो इसे पूरी तरह गिराने तक की मांग कर दी. हालात इतने खराब हुए कि टावर का आधिकारिक उद्घाटन जो 1 अक्टूबर को होना था उसे टाल दिया गया.

अब जनता बताएगी- इसे कैसे सुधारा जाए?

अब चांगवॉन प्रशासन ने इस विवाद को खत्म करने के लिए नया तरीका अपनाया है. शहर ने पूरे दक्षिण कोरिया के लोगों से कहा है कि वे बिग ट्री को बेहतर बनाने के लिए अपने आइडिया दें. यह प्रतियोगिता 2 सितंबर तक चलेगी. इसमें लोग टावर के डिजाइन, सुरक्षा, सुविधाओं और भविष्य में इसके इस्तेमाल को लेकर सुझाव दे सकते हैं.

सबसे अच्छे सुझावों की घोषणा सितंबर में की जाएगी और संभव है कि इन्हीं सुझावों के आधार पर टावर का नया डिजाइन तैयार किया जाए. हालांकि, शहर ने अभी यह तय नहीं किया है कि सुधार पर कितना पैसा खर्च होगा. एक अधिकारी के मुताबिक, अगर काम सबसे तेज गति से भी किया गया तो बिग ट्री के अगले साल से पहले खुलने की संभावना कम है.

गड़बड़ी की जांच की मांग

जून में शहर प्रशासन ने डेवलपर की तरफ के 2 लोगों के खिलाफ पुलिस जांच की मांग भी की. इन पर निर्माण लागत बढ़ाकर दिखाने की संभावित गड़बड़ी का संदेह जताया गया. हालांकि, शहर ने ऑडिट की पूरी रिपोर्ट सबके सामने नहीं रखी है. प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट में ऐसी जानकारी है, जो पुलिस जांच और भविष्य में होने वाली कानूनी कार्रवाई को प्रभावित कर सकती है.

अब 23 करोड़ का बिग ट्री कब खुलेगा?

जिस टावर को चांगवॉन की नई पहचान बनना था, वह अब शहर के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. पहले लोगों ने इसके डिजाइन को नकार दिया, फिर उद्घाटन टल गया. अब इसकी लागत तथा निर्माण प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं.

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