Sawaimadhopur News: चीखती रही मां, मुंह में दबाकर मासूम को ले गया लेपर्ड, मौत के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

सवाई माधोपुर. रणथंभौर टाइगर रिजर्व की फलौदी रेंज के दुमोदा गांव में बीती रात घर के आंगन में परिजनों के बीच खेल रहे तीन वर्षीय मासूम की लेपर्ड के हमले में मौत के बाद उपजा विवाद आखिरकार समझाइश और आपसी सहमति के बाद शांत हो गया. ग्रामीणों और वन प्रशासन के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद मृतक के परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
जानकारी के अनुसार, दुमोदा निवासी संजय बैरवा का तीन वर्षीय बेटा दिलखुश रात में घर के आंगन में परिवार के लोगों के साथ खेल रहा था. इसी दौरान एक लेपर्ड अचानक वहां पहुंचा और बच्चे पर हमला कर उसे मुंह में दबोचकर ले गया. बच्चे की मां ने लेपर्ड के मुंह से मासूम को छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी और बेहोश होकर गिर पड़ी. परिजनों की चीख-पुकार सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और लेपर्ड का पीछा शुरू किया. पीछा करते हुए ग्रामीण गांव के नजदीक जंगल की पहाड़ी तक पहुंचे, जहां झाड़ियों में मासूम गंभीर हालत में मिला. ग्रामीण उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
वन विभाग की देरी से भड़का ग्रामीणों का आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद करीब तीन घंटे तक वन विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके अथवा अस्पताल नहीं पहुंचा. इससे नाराज ग्रामीणों ने फलौदी रेंज की वन चौकी पर तोड़फोड़ और आगजनी कर दी. आगजनी में वनकर्मी की एक बाइक भी जल गई. ग्रामीणों का कहना था कि गांवों में आए दिन हिंसक वन्यजीवों की आवाजाही रहती है, लेकिन आबादी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए वन विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं.
मांगों पर बनी सहमति
घटना के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी थी, इसके बाद आज सुबह कोतवाली थाने में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मृतक के परिजनों, ग्रामीणों और वन प्रशासन के बीच वार्ता हुई. ग्रामीणों ने 30 लाख रुपये मुआवजा, एक परिजन को सरकारी नौकरी, फलौदी रेंज के वन स्टाफ को हटाने, गांवों की सुरक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा दीवार बनाने और वन चौकी में तोड़फोड़ व आगजनी के मामले में ग्रामीणों पर कार्रवाई नहीं करने की मांग रखी.
लंबी बातचीत के बाद वन प्रशासन ने मृतक के एक परिजन को संविदा पर नौकरी देने, नियमानुसार उचित मुआवजा देने, फलौदी रेंज की फॉरेस्टर सुमन गुर्जर को वन चौकी से हटाने और घटना में लापरवाही बरतने वाले अन्य वनकर्मियों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया. साथ ही वन चौकी में तोड़फोड़ और आगजनी करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर भी सहमति बनी.
चार बहनों के बीच इकलौता भाई था दिलखुश
दिलखुश चार बहनों के बीच इकलौता भाई था, रक्षाबंधन से पहले हुई मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. इधर, डीएफओ ने बताया कि मासूम पर हमला करने वाले लेपर्ड को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमें गठित कर दी गई हैं, टीमें लगातार क्षेत्र में लेपर्ड की तलाश कर रही हैं.



