National

न पैसे की जरूरत, न पहचान की पूछताछ, ‘नेकी की टोकरी’ में जरूरतमंदों को मिलती है ताजा शीरमाल की सौगात

Last Updated:August 24, 2026, 13:00 IST

Hyderabad Hindi News: हैदराबाद के किंग कोठी में स्थित मुगल नान दुकान पर ‘नेकी की टोकरी’ पहल शुरू की गई है, जहां ज़रूरतमंदों को सम्मान के साथ ताज़ा शीरमाल मिलता है. यह पहल सुनिश्चित करती है कि कोई भूखा न सोए और समाज में दया व आपसी मदद का संदेश देती है.

ख़बरें फटाफट

हैदराबाद: तहज़ीब और मेहमाननवाज़ी के लिए मशहूर हैदराबाद शहर से इंसानियत और सामाजिक सरोकार की एक दिल छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है. शहर के ऐतिहासिक इलाके किंग कोठी में स्थित मुगल नान नामक दुकान पर शुरू की गई नेकी की टोकरी पहल इन दिनों ज़रूरतमंदों के लिए बड़ा सहारा बन रही है. इस अनूठी व्यवस्था के तहत कोई भी भूखा या बेसहारा व्यक्ति बिना किसी हिचकिचाहट के मुफ्त में ताज़ा रोटी प्राप्त कर अपनी भूख मिटा सकता है.

दुकान के बाहर दीवार पर एक टोकरी लगाई गई है जिसके ठीक ऊपर उर्दू और इंग्लिश में संदेश अंकित है “भूखे का पेट भरना सवाब है. हर ज़रूरतमंद यहां से शीरमाल ले सकता है और जिसे ऊपर वाले ने नवाज़ा है. वह यहां शीरमाल रखकर किसी भूखे का पेट भर सकता है.” यह विचार समृद्ध और वंचित वर्ग के बीच सीधे सहयोग का एक सम्मानजनक माध्यम बन गया है.

यहाँ मिलने वाली नान की कीमत मात्र 18 रुपएदुकानदारों के अनुसार यहाँ मिलने वाली नान की कीमत मात्र 18 रुपए है. इस पारंपरिक रोटी की खासियत यह है कि यदि इसे सूती कपड़े में लपेटकर सुरक्षित रखा जाए तो यह अगले दिन तक पूरी तरह नर्म और खाने योग्य बनी रहती है. सक्षम लोग यहाँ आकर अपनी सामर्थ्य अनुसार अतिरिक्त रोटियाँ खरीदकर टोकरी में रख देते हैं जबकि इलाके के ज़रूरतमंद या राहगीर अपनी आवश्यकतानुसार सम्मानपूर्वक इसे लेकर भोजन करते हैं.

नेकी की टोकरियां स्थापित की जाएंस्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों का मानना है कि भूख मिटाने का यह मॉडल बेहद व्यावहारिक और प्रभावी है. लोगों का कहना है कि इस तरह की पहल का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए. यदि प्रमुख बाज़ारों, सार्वजनिक अस्पतालों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और धार्मिक स्थलों के आसपास ऐसी नेकी की टोकरियां स्थापित की जाएं तो शहर का कोई भी व्यक्ति भूखे पेट सोने को मजबूर नहीं होगा.

आज के दौर में जहां भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग अक्सर दूसरों की ज़रूरतों को अनदेखा कर देते हैं किंग कोठी की यह छोटी सी कोशिश समाज को दया, सहानुभूति और आपसी मदद का बड़ा पैगाम दे रही है।

About the AuthorJagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

और पढ़ेंLocation :

Hyderabad,Telangana

First Published :

August 24, 2026, 13:00 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj