SMS Hospital Addiction Treatment | जयपुर SMS अस्पताल में नशा मुक्ति के लिए IPD सेंटर शुरू

Last Updated:August 26, 2026, 09:09 IST
SMS Hospital Addiction Treatment: जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में नशे की लत छुड़ाने के लिए 10 बेड का नया आईपीडी (IPD) फैसेलिटी सेंटर शुरू किया गया है. मनोचिकित्सा केंद्र के तहत संचालित इस सेंटर में शराब, अफीम, स्मैक, गांजा और तंबाकू का आदी 20 से 45 वर्ष के युवाओं का पूरी तरह नि:शुल्क इलाज किया जाएगा. National Drug Dependence Treatment Center (NDDTC) के माध्यम से मरीजों को दवाइयां और काउंसलिंग दी जाएगी, ताकि वे नशा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट सकें.
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सवाई मानसिंह अस्पताल में शुरू हुआ IPD फैसेलिटी सेंटर, नशे की लत से मिलेगा बिल्कुल फ्री इलाज
Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में आमजन को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक और बड़ा नवाचार किया गया है. अस्पताल में अब शराब, स्मैक, अफीम, गांजा, गुटखा, तंबाकू और सिगरेट जैसे जानलेवा नशों की लत छुड़ाने के लिए एक विशेष आईपीडी (IPD) फैसेलिटी सेंटर की शुरुआत की गई है. इस सेंटर के माध्यम से नशे के आदी मरीजों को पूरी तरह से नि:शुल्क (फ्री) इलाज, दवाएं और परामर्श प्रदान किया जाएगा.
यह विशेष सुविधा एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अधीन मनोचिकित्सा केंद्र के अंतर्गत शुरू की गई है. शुरुआती चरण में नशे की लत छुड़ाने के लिए भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 10 बेड का विशेष वार्ड (IPD) तैयार किया गया है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, आने वाले समय में मरीजों की संख्या और मांग को देखते हुए इन बेड की संख्या में इजाफा किया जाएगा. इस केंद्र में नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (NDDTC) के तहत विशेष दवाइयां और जरूरी चिकित्सीय सामान उपलब्ध कराए जाएंगे.
NDDTC की तरफ से मिलेगी नि:शुल्क दवाएं और थेरेपी
एसएमएस अस्पताल के एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी के नोडल अधिकारियों और मनोचिकित्सकों के अनुसार, इस आईपीडी फैसेलिटी सेंटर का सबसे बड़ा लाभ उन मरीजों को मिलेगा जो लंबे समय से गंभीर रूप से नशे के एडिक्ट हैं. यहां केवल नशा छुड़ाने की शुरुआती दवाएं ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक नशे की तलब को कंट्रोल करने वाली दवाएं भी नि:शुल्क दी जाएंगी. इसमें अफीम और स्मैक जैसे ओपिओइड नशे के लिए मेडिकेशन असिस्टेड ट्रीटमेंट (MAT) के साथ-साथ गांजा, शराब और नींद की गोलियों की लत से राहत दिलाने का इलाज शामिल है.
20 से 45 वर्ष के युवाओं में नशे की लत अधिक, काउंसलिंग की भी व्यवस्था
अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, नशे की गिरफ्त में आने वाले अधिकांश मरीजों की उम्र 20 से 45 वर्ष के बीच है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र में मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों की भी गहन काउंसलिंग की सुविधा शुरू की गई है, ताकि इलाज के बाद मरीज दोबारा नशे के दलदल में न फंसे. अस्पताल प्रशासन का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को बिना किसी संकोच के सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 26, 2026, 09:09 IST



