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आपके शरीर में मची उथल-पुथल के बारे में क्‍या-क्‍या बताते हैं आपके नाखून?

क्‍या आप जानते हैं कि आपके नाखून आपको ये बता सकते हैं कि आपके शरीर के भीतर क्‍या चल रहा है? नाखून आपके शरीर की अंदरूनी सेहत का एक छोटा सा डैशबोर्ड होते हैं. यानी शरीर के भीतर क्‍या उथल-पुथल मची है, उसका छोटा सा स‍िगनल आपको नाखूनों के रंग, आकार, टेक्सचर और शेप में आए बदलाव के जरिए पता चल सकता है. कई बार एनीमिया, लिवर या किडनी रोग, फेफड़ों की बीमारी, संक्रमण या विटामिन की कमी जैसे सारे मामले आप अपने नााखूनों में आए बदलाव से आसानी से समझ सकते हैं.

नाखून कैसे सेहत बताते हैं?Healthline की र‍िपोर्ट की मानें तो नाखून नाइट्रोजन-युक्त प्रोटीन केराटिन से बने होते हैं और उंगलियों की नोक पर खून की नसों के पास होते हैं, इसलिए शरीर में ऑक्सीजन, आयरन, प्रोटीन या हार्मोन का असर यहाँ जल्दी दिखता है. यानी अपने नाखूनों में आने वाले बदलाव पर नजर रखकर आप बहुत ही शुरुआती स्‍तर पर परेशानी को पकड़ सकते हैं.

चल‍िए बताते हैं आपके कौनसे नाखून पर आने वाले न‍िशान क्‍या-क्‍या बताते हैं.

रंग के बदलाव– पीले नाखून: अक्सर फंगल इन्फेक्शन (नाखून की फफूंद), कभी-कभी लंग डिजीज (जैसे क्रोनिक ब्रोंकाइटिस) या स्‍मोकिंग का असर की वजह से हो सकते हैं.– सफेद नाखून : अधिकांश हिस्सा सफेद, सिर्फ ऊपर पतली गुलाबी पट्टी—यह लिवर सिरोसिस, किडनी फेल्योर, या हार्ट फेल्योर से जुड़ा हो सकता है. यानी अगर ऐसा आपको लगे तो एक बार चेकअप जरूर कराएं.– फीके नाखून: अगर आपके नाखूनों में आपको गुलाबीपन कम लग रहा है, ये फीके से लग रहे हैं, तो ये एनीम‍िया यानी खून की कमी, आयरन या प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकते है.– नीले नाखून: खून में ऑक्सीजन कम (सांस या दिल की समस्या), या सर्दी में खराब सर्कुलेशन की वजह से ऐसा हो सकता है.– लाल आधा-चाँद (ल्यूनूला): यह संकेत कभी-कभी ल्यूपस, रुमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी ऑटोइम्यून बीमारियों से जुड़ा हो सकता है.

नाखून के आकार में बदलाव – नाखून के बीच में गड्ढा—अक्सर आयरन-डेफिशिएंसी एनीमिया या पोषण की कमी की वजह से होता है. वहीं अगर आपके नाखून गोल और उभरे हुए, उंगलियाँ मोटी हैं तो यह फेफड़ों, दिल या लिवर की पुरानी बीमारियों का इशारा हो सकता है. इसके अलावा अगर आपके नाखूनों पर सीधी लाइनें जैसी आकृति नजर आ रही है, तो ये अक्सर उम्र के साथ सामान्य है, जबकि अगर लेटी हुई लाइनें यानी हॉर‍िजेंटल लाइनें हैं तो ये किसी गंभीर बीमारी, बुखार, या बहुत ज्यादा तनाव के बाद नाखून की ग्रोथ रुकने का निशान हो सकती हैं. वहीं भुरभुरे, मोटे या खराब नाखून अक्सर फंगल इन्फेक्शन, कभी-कभी थायरॉइड या सोरायसिस की तरफ इशारा करते हैं.

clevelandclinic में बताया गया है कि अगर आपके नाखून पर काली/भूरी सीधा यानी लंबी लाइन हो तो, भले ही ये एक ही नाखून पर हो, लेकिन अगर ये धीरे-धीरे बढ़े, तो यह नेल मेलेनोमा (कैंसर) का संकेत हो सकता है. ऐसे में तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ.

कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?– नाखून का रंग अचानक बदलना (नीला, गहरा पीला, काला)– सूजन, या संक्रमण बार-बार होना– एक ही नाखून पर काली लकीर या धब्बा बढ़ना– नाखून बहुत भुरभुरे, मुड़ने वाले या चम्मच जैसे हो जाएँ

हालांकि इस बात का भी ध्‍यान रखें कि नाखून का हर बदलाव गंभीर बीमारी नहीं होता. कई बार यह चोट, नेल पॉलिश, या साधारण संक्रमण से भी होता है. लेकिन अगर बदलाव लंबे समय तक रहें, कई नाखूनों में हों, या अन्य लक्षणों (थकान, सांस की तकलीफ, वजन घटना) के साथ हों, तो डॉक्टर से जांच करवाना समझदारी है.

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