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BRICS Rare Smiles : कभी जिनपिंग को ठहाके लगाते देखा है? BRICS जैसी तस्वीरों के लिए तरस गए ट्रंप, देखें RIC की यारी

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कभी जिनपिंग को ठहाके लगाते देखा है? BRICS जैसी 7 तस्वीरों के लिए तरस गए ट्रंप

Last Updated:September 12, 2026, 21:55 IST

BRICS समिट की तस्वीरों में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पीएम मोदी के साथ ठहाके लगाते दिख रहे हैं. तीनों नेता एक-दूसरे का हाथ थामे हुए हैं. हमेशा गंभीर रहने वाले जिनपिंग का ये अंदाज बहुत कम देखने को मिलता है. इसके बिल्कुल उलट अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ इनकी मुलाकातें बहुत कोल्ड रहती थीं. वो केवल एक फोर्मेलिटी जैसी लगती थीं.

अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को हमेशा बेहद गंभीर और रफ-टफ चेहरे वाले हाव-भाव में देखा जाता है. लेकिन BRICS सम्मेलन की इन तस्वीरों में उनका एक बिल्कुल अलग और रेयर अंदाज देखने को मिल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ खड़े जिनपिंग ठहाके लगाते दिख रहे हैं. ये तस्वीर इस बात का सबूत है कि गैर-पश्चिमी ब्लॉक के नेताओं के बीच डिप्लोमैटिक औपचारिकता से परे एक अलग ही दोस्ती है.

इसके ठीक उलट अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन के साथ तस्वीरों को देखें. ट्रंप के साथ शी जिनपिंग का हाथ मिलाना महज एक फॉर्मेलिटी और सख्त कूटनीतिक मजबूरी नजर आता है. जिनपिंग के चेहरे पर वो मुस्कान गायब है जो उन्हें भारतीय और रूसी नेतृत्व के साथ बातचीत के दौरान दिखती है. ट्रंप और जिनपिंग की बॉडी लैंग्वेज में एक-दूसरे के प्रति तनाव और अविश्वास साफ झलकता है.

इसके ठीक उलट अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन के साथ तस्वीरों को देखें. ट्रंप के साथ शी जिनपिंग का हाथ मिलाना महज एक फॉर्मेलिटी और सख्त कूटनीतिक मजबूरी नजर आता है. जिनपिंग के चेहरे पर वो मुस्कान गायब है जो उन्हें भारतीय और रूसी नेतृत्व के साथ बातचीत के दौरान दिखती है. ट्रंप और जिनपिंग की बॉडी लैंग्वेज में एक-दूसरे के प्रति तनाव और अविश्वास साफ झलकता है.

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BRICS के मंच से सामने आई तस्वीरों में पीएम मोदी, पुतिन और जिनपिंग एक-दूसरे का हाथ थामे दिखते हैं. ये सिर्फ कैमरों के लिए पोज देना नहीं है, बल्कि आपस में मजबूत भरोसे का सीधा सबूत है. तीनों नेताओं के बीच की ट्यूनिंग और बॉडी लैंग्वेज ये साबित करती है कि मतभेदों से परे इनके आपसी रिश्ते कितने सहज हैं. ट्रंप जैसे पश्चिमी नेता शायद ऐसी दोस्ती और ठहाकों तस्वीरों के लिए हमेशा तरसते ही रह जाते हैं.

पुतिन जब भी ट्रंप से मिलते हैं तो अमेरिकी राष्ट्रपति जितनी भी कोशिश कर लें, दोनों के बीच एक दूरी हमेशा बनी रहती है. लेकिन जब पुतिन पीएम मोदी और शी जिनपिंग के साथ होते हैं, तो उनका चेहरा मुस्कुराहटों और माहौल ठहाकों से खिल उठता है. ये कंट्रास्ट दिखाता है कि पुतिन किस ब्लॉक के साथ खुद को मानसिक रूप से ज्यादा कम्फर्टेबल महसूस करते हैं.

डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां अक्सर टैरिफ, धमकियों और ‘अमेरिका फर्स्ट’ के कड़े रुख पर टिकी रही हैं. इसके जवाब में BRICS और RIC के नेता एक ऐसा मंच तैयार कर रहे हैं जहां बराबरी का सम्मान दिखता है. तस्वीरों में दिखने वाली ये गर्मजोशी दिखाती है कि अब पश्चिमी दबाव के सामने बाकी दुनिया झुकने वाली नहीं है. इन नेताओं के बीच का ये अनौपचारिक जुड़ाव ग्लोबल साउथ की एक नई ताकत की कहानी बयां करता है.

वाशिंगटन में सुपरपावर नेताओं के साथ मुलाकातों में अक्सर तस्वीरें बहुत नपी-तुली और सीरियस होती हैं. ट्रंप और शी जिनपिंग का हैंडशेक केवल ट्रेड वॉर और बयानों की तल्खी के बीच एक औपचारिकता जैसा लगता है. लेकिन BRICS की तस्वीरों में नेताओं का एक-दूसरे से खुलकर हंसना और हाथ थामना दिखावे से परे है. यही वजह है कि ये तस्वीरें सोशल मीडिया से लेकर ग्लोबल मीडिया तक जबरदस्त चर्चा का विषय बनी हुई हैं.

इन तस्वीरों का एक सबसे दिलचस्प पहलू ये भी है कि पीएम मोदी इस पूरे फ्रेम के सेंटर में नजर आ रहे हैं. भारत की आजाद और संतुलित विदेश नीति का ही नतीजा है कि रूस और चीन दोनों के साथ समीकरण सहज बने हुए हैं. सीमा विवाद के बावजूद जिनपिंग का इस तरह हंसना और हाथ मिलाना भारत के कूटनीतिक प्रभाव को हाइलाइट करता है. अमेरिका जैसे देशों के लिए भी ये तस्वीर एक बड़ा संकेत है कि भारत दुनिया को जोड़ने वाले सबसे मजबूत पुल की भूमिका निभा रहा है.

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September 12, 2026, 21:47 IST

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