Rajasthan

बुजुर्गों के लिए वरदान! स्पेक्ट्रा संस्था ने शुरू किया 50 बेड का निःशुल्क वृद्धाश्रम, अब नहीं रहेंगे बेसहारा

Alwar News: अलवर जिले में विभिन्न सामाजिक संस्थाएं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं. ये संस्थाएं शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय हैं. इसी कड़ी में खैरथल-तिजारा क्षेत्र में सामाजिक संस्था स्पेक्ट्रा अलवर ने सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है. संस्था ने ग्राम राता कला में 50 बेड की क्षमता वाला आधुनिक और सुविधायुक्त निःशुल्क वृद्धाश्रम शुरू किया है.

यह वृद्धाश्रम असहाय, उपेक्षित और अकेले जीवन यापन कर रहे बुजुर्गों के लिए सहारा और नई उम्मीद बनकर उभरा है. 50 बेड के क्षमता वाले इस आश्रम में जरूरतमंद बुजुर्गों का एडमिशन शुरू हो गया है. अगर आपके आसपास भी कोई जरूरतमंद बुजुर्ग है जिनका कोई सहारा नहीं है ऐसे बुजुर्ग यहां पर आकर निशुल्क रह सकते हैं.

देखभाल और आवश्यक सेवाएं सुनिश्चित की गईसंस्था के उप निदेशक युवराज गौड़ ने बताया कि संस्था ने प्रभु का आसरा वृद्धाश्रम शुरू किया है. जिसमें “एक नया आशियाना” “बुजर्गों के सम्मान, देखभाल और स्नेह के लिऐ समर्पित” के लिए शुरू किया है. यहां पर जरूरतमंद और असहाय लोगों के लिए शुरू किया गया है ताकि यहां पर रहकर अपना जीवन यापन कर सकें. जहां रहने वाले 50 बुजुर्गों को निशुल्क आवास, स्वच्छ पानी, कपड़े, पौष्टिक एवं संतुलित भोजन, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, देखभाल और आवश्यक सेवाएं सुनिश्चित की गई हैं.

उन्होंने बताएं कि हमारा उद्देश्य उन बुजुर्गों को सहारा देना है जो परिवार से दूर हैं या जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है, ऐसे बुजुर्गों को शांत और स्वच्छ वातावरण में उनकी अच्छे से देखभाल की जाती है. इस वृद्धाश्रम में समय समय पर धार्मिक और मनोरंजन के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं. इस पहल में स्थानीय समुदाय, स्वयंसेवकों और दानदाताओं का महत्वपूर्ण योगदान है.

बुजुर्गों के लिए एक “सम्मानजनक जीवन”संस्था के निदेशक प्रदीप पुंडीर ने बताया कि खैरथल के ग्राम राता कला गांव में शुरू हुए इस वृद्धाश्रम में केवल रहने की व्यवस्था नहीं, बल्कि बुजुर्गों के लिए एक “सम्मानजनक जीवन” का संकल्प है. यहां उन्हें परिवार जैसा माहौल, आत्मीयता भरा व्यवहार और हर वह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसकी उन्हें आवश्यकता है. उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में सामाजिक संरचना में बदलाव के चलते कई बुजुर्ग उपेक्षा और अकेलेपन का सामना कर रहे हैं. ऐसे में यह वृद्धाश्रम उनके लिए एक ऐसा सुरक्षित आश्रय बनेगा, जहां उन्हें न केवल छत मिलेगी, बल्कि अपनापन, सम्मान और स्नेह भी मिलेगा—एक सच्चे “घर” का एहसास.

वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्यवृद्धाश्रम में बुजुर्गों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जिनमें साफ-सफाई, 24 घंटे सुरक्षा, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच, योग-प्राणायाम, तथा मनोरंजन के साधन शामिल हैं. संस्था का उद्देश्य है कि यहां रहने वाले प्रत्येक वृद्धजन गरिमा के साथ स्वस्थ, प्रसन्न और सक्रिय जीवन जी सके. इस पहल को सभी ने इसे समाज के लिए एक अनुकरणीय प्रयास बताते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें न केवल जरूरतमंदों को सहारा देती हैं, बल्कि समाज में करुणा, सेवा और मानवता के मूल्यों को भी सुदृढ़ करती हैं.

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