Rajasthan

अच्छी बारिश की कामना के लिए चारभुजा जी के दरबार में 11 क्विंटल महाप्रसादी अर्पित, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Last Updated:July 05, 2026, 23:29 IST

Udaipur Hindi News: राजस्थान में आस्था और परंपरा का अनूठा उदाहरण देखने को मिला, जहां मेनारिया समाज ने अच्छी वर्षा, हरियाली और समृद्धि की कामना के साथ भगवान चारभुजा जी को 11 क्विंटल महाप्रसादी अर्पित की. इस विशेष धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और क्षेत्र में अच्छी बारिश तथा भरपूर फसल की प्रार्थना की. धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान से भूमि की प्यास बुझाने और किसानों की खुशहाली की कामना की. महाप्रसादी के बाद भक्तों में प्रसाद का वितरण भी किया गया. यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रकृति, कृषि और समाज के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देता है.

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उदयपुर: मेवाड़ में अच्छी बारिश की कामना से जुड़ी वर्षों पुरानी परंपरा एक बार फिर आस्था के साथ निभाई गई,. उदयपुर जिले के ग्राम पानेरियों की मादड़ी में मेनारिया समाज ने भगवान श्री चारभुजा जी की महाप्रसादी का आयोजन कर समय पर अच्छी वर्षा, किसानों की खुशहाली और क्षेत्र की समृद्धि की सामूहिक प्रार्थना की. धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता का यह आयोजन होली चौक नोहरे में आयोजित हुआ, जिसमें समाज के सैकड़ों परिवार शामिल हुए.

मेनारिया समाज की ओर से आयोजित इस महाप्रसादी में भगवान चारभुजा जी को 11 क्विंटल चूरमा, चावल और दाल का भोग अर्पित किया गया.भोग के बाद प्रसादी का वितरण किया गया, जिसमें करीब 700 परिवारों के लगभग 10000 महिला, पुरुष और बच्चों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया. पूरे आयोजन में समाज के प्रत्येक परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग देकर इसे सामूहिक उत्सव का स्वरूप दिया.

परंपरा रियासत काल से चली आ रहीग्राम सभा अध्यक्ष बद्रीलाल मेनारिया ने बताया कि यह परंपरा रियासत काल से चली आ रही है. उस समय अधिकांश लोग कृषि पर निर्भर थे और जब वर्षा में विलंब होता था तो भगवान इन्द्र को प्रसन्न करने के लिए चारभुजा जी की महाप्रसादी आयोजित की जाती थी.उनका कहना है कि बदलते समय के बावजूद समाज आज भी उसी आस्था और विश्वास के साथ इस परंपरा का निर्वहन कर रहा है.

मेनारिया समाज की एक विशेष परंपराउन्होंने बताया कि मेनारिया समाज की एक विशेष परंपरा यह भी है कि किसी भी सामूहिक प्रसादी या भोज में सबसे पहले समाज की माताओं और बहनों को भोजन कराया जाता है.इसके बाद पुरुष प्रसादी ग्रहण करते हैं. यह परंपरा समाज में नारी सम्मान और समानता की भावना को दर्शाती है. ग्राम सभा के प्रवक्ता कैलाश मेनारिया ने बताया कि समाज का वर्षों का अनुभव रहा है कि इस महाप्रसादी के आयोजन के बाद अधिकांश समय पूरे मेवाड़ संभाग में अच्छी वर्षा होती है. इसी विश्वास के साथ हर वर्ष यह आयोजन पूरे उत्साह और श्रद्धा से किया जाता है.

मेनारिया समाज के सैकड़ों युवाओं ने बढ़-चढ़कर जिम्मेदारी निभाईकार्यक्रम की व्यवस्थाओं में मेनारिया समाज के सैकड़ों युवाओं ने बढ़-चढ़कर जिम्मेदारी निभाई. प्रसादी बनाने से लेकर वितरण, बैठक व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं तक युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली. समाज के बुजुर्गों और युवाओं ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया. मेनारिया समाज का यह आयोजन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आस्था, कृषि संस्कृति से जुड़ाव और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण भी है. अच्छी बारिश की कामना के साथ किया गया यह सामूहिक आयोजन मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं को आज भी मजबूती से जीवित रखे हुए है.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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