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राजेश खन्ना की ब्लॉकबस्टर देख बना एक्टर, धर्मेंद्र की फिल्म से चमक उठी थी किस्मत, राहुल रॉय संग भी कर चुका काम

Last Updated:June 22, 2026, 04:01 IST

कई एक्टर ऐसे होते हैं, जिन्होंने अपनी एक्टिंग से नहीं, बल्कि अपनी पर्सनॉलिटी के जरिए याद किए जाते हैं. टॉम अल्टर ऐसे ही कलाकार थे. फिल्मों, थिएटर, टेलीविजन और खेल पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान बनाने वाले टॉम अल्टर ने न सिर्फ सैकड़ों यादगार किरदार निभाए, बल्कि 15 साल के सचिन तेंदुलकर का पहला टीवी इंटरव्यू लेकर भी इतिहास रच दिया.आज ही के दिन 22 जून साल 1950 को उनका जन्म हुआ था.

नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा और थिएटर की दुनिया में टॉम अल्टर एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई. 22 जून 1950 को मसूरी में जन्मे टॉम अल्टर का परिवार मूल रूप से अमेरिका से था. उनके दादा-दादी एम्मेट और मार्था अल्टर 1916 में ईसाई मिशनरी के तौर पर भारत आए थे. 1947 के विभाजन के दौरान परिवार बंट गया. उनके दादा-दादी लाहौर में रह गए, जबकि माता-पिता भारत आकर मसूरी के पास राजपुर में बस गए.

फिल्म ‘आराधना’ देखने के बाद टॉम अल्टर के मन में अभिनय का जुनून पैदा हुआ. उन्होंने राजेश की फिल्म देखकर ठान ली थी कि वह भी एक्टर बनेंगे. इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एफटीआईआई) में दाखिला लिया और 1974 में गोल्ड मेडल के साथ पढ़ाई पूरी की.

मुंबई पहुंचने पर उनकी गोरी रंगत की वजह से उन्हें अक्सर अंग्रेज अफसर या विदेशी खलनायक जैसे किरदार दिए गए. लेकिन अपनी बेहतरीन संवाद अदायगी और हिंदी-उर्दू पर मजबूत पकड़ के दम पर उन्होंने इन भूमिकाओं को भी यादगार बना दिया.

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सत्यजीत रे की फिल्म ‘शतरंज के खिलाड़ी’ में कैप्टन वेस्टन का किरदार हो, ‘क्रांति’ और ‘गांधी’ जैसी फिल्मों के ऐतिहासिक रोल हों या फिर ‘परिंदा’ में अंडरवर्ल्ड डॉन मूसा की भूमिका, टॉम अल्टर ने हर किरदार में अपनी छाप छोड़ी. ‘राम तेरी गंगा मैली’ में निभाया गया उनका करम सिंह का किरदार भी खूब पसंद किया गया.

टॉम ऑल्टर को पहचान देव आनंद की फिल्म ‘साहेब बहादुर’ मिली थी. लेकिन इससे पहली वह धर्मेंद्र के साथ फिल्म चरस में काम कर चुके हैं. इस फिल्म में उन्होंने चीफ कस्टम ऑफिसर का किरदार निभाया था. उन्होंने ज्यादातर फिल्मों में विलेन का रोल निभाया था.

टॉम अल्टर को खेलों से भी गहरा लगाव था. 1983 में भारत की विश्व कप जीत के बाद उन्होंने सुनील गावस्कर की अगुवाई वाली ‘इंडियन इलेवन’ टीम के लिए अमेरिका में एक प्रदर्शनी मैच खेला और एक विकेट भी हासिल किया.खेल पत्रकारिता में भी उनके नाम एक अनोखी उपलब्धि दर्ज है. 19 जनवरी 1989 को मुंबई के सीसीआई नेट्स पर उन्होंने एक 15 साल के शर्मीले और घुंघराले बालों वाले लड़के का पहला टीवी इंटरव्यू लिया था. वह लड़का आगे चलकर क्रिकेट का सबसे बड़ा सितारा बना – सचिन तेंदुलकर.

1990 में आई महेश भट्ट की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘आशिकी’ में भी उन्होंने काम किया था.फिल्म में उन्होंने’आर्नी कैंपबेल’ (Arnie Campbell) का किरदार निभाया था. वह फिल्म में एक सख्त और नेगेटिव गर्ल्स हॉस्टल वॉर्डन की भूमिका में थे, जो राहुल (राहुल रॉय) और अनु (अनु अग्रवाल) को मिलने से रोकता था.

टेलीविजन के दौर में भी टॉम अल्टर ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया. ‘जबान संभाल के’ में चार्ल्स स्पेंसर्स, ‘जुनून’ में केशव कालसी और बच्चों के लोकप्रिय शो ‘शक्तिमान’ में महागुरु के किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई.साल 2016 में उन्हें त्वचा के दुर्लभ और आक्रामक कैंसर स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा का पता चला. गंभीर बीमारी से जूझने के बावजूद उन्होंने मार्च 2017 में अपने नाटक ‘संस ऑफ बाबर’ का मंचन किया. आखिरकार 29 सितंबर 2017 को यह बहुमुखी कलाकार दुनिया को अलविदा कह गया.

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