Rajasthan

कोटा में लगी AI Based DPP Machine | India’s First Miracle Machine in Education

Last Updated:November 10, 2025, 08:44 IST

AI Based DPP Machine: कोटा में लॉन्च हुई देश की पहली AI Based DPP Machine, जो छात्रों की हर गलती को रियल-टाइम में पकड़ती है और व्यक्तिगत लर्निंग रिपोर्ट देती है. 15 लाख से अधिक प्रश्नों के डेटा-बेस के साथ यह मशीन कोचिंग की पढ़ाई को स्मार्ट और डेटा-ड्रिवन बना रही है, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को फायदा मिल रहा है.

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देवेन्द्र सेन.

कोटा। शिक्षा नगरी कोटा, जो देशभर में कोचिंग हब के रूप में जानी जाती है, अब तकनीकी नवाचार के एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है. कोटा के प्रमुख कोचिंग संस्थानों ने छात्रों के लिए एक क्रांतिकारी तकनीक अपनाई है. AI Based DPP Machine, जिसे गर्व के साथ India’s First Miracle Machine कहा जा रहा है. यह अत्याधुनिक मशीन छात्रों की सीखने की प्रक्रिया को रियल-टाइम में ट्रैक करती है और उन्हें उनकी कमियों पर तुरंत सुधार करने का अवसर देती है. मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ID कार्ड नंबर और मोबाइल OTP के माध्यम से मशीन का उपयोग कर सकते हैं.

रियल-टाइम परफॉर्मेंस और गलती पकड़ने वाला डेटामशीन छात्रों के हल किए गए Daily Practice Papers (DPPs) का गहन विश्लेषण करती है और यह स्पष्ट रूप से बताती है कि छात्र ने किस टॉपिक या प्रश्न में गलती की. इस मशीन की सबसे बड़ी शक्ति इसमें मौजूद विशाल 15 लाख प्रश्नों का डेटा-बेस है. इतनी विशाल प्रश्न संख्या के कारण छात्र किसी भी विषय, टॉपिक या कठिनाई स्तर के अनुसार अपनी तैयारी का सटीक विश्लेषण कर सकते हैं.

छात्र और शिक्षक दोनों के लिए फायदेमंदयह तकनीक छात्रों को उनके कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें सुधारने की दिशा में मार्गदर्शन देती है. वहीं, शिक्षकों के लिए यह एक डेटा-आधारित रिपोर्टिंग टूल भी है, क्योंकि मशीन प्रत्येक छात्र की प्रदर्शन रिपोर्ट स्टोर करती है. इससे शिक्षकों को विद्यार्थियों की प्रगति का सटीक विश्लेषण करने और उन्हें व्यक्तिगत मार्गदर्शन देने में मदद मिलती है, जिससे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया (Teaching-Learning Process) अधिक प्रभावी बनती है.

कैसे काम करती है AI Based DPP Machineमशीन का उपयोग करने से पहले छात्र अपने निर्धारित टॉपिक्स पूरे करते हैं. फिर Motion Learning App के माध्यम से उन्हीं टॉपिक्स से जुड़े प्रश्न हल किए जाते हैं. यदि कोई छात्र किसी प्रश्न का गलत उत्तर देता है, तो मशीन उस गलती का पूरा डेटा स्वचालित रूप से रिकॉर्ड कर लेती है और बताती है कि गलती किस टॉपिक या कॉन्सेप्ट में हुई. इस डेटा-ड्रिवन रिपोर्ट से छात्र, शिक्षक और अभिभावक तीनों को ही छात्र की प्रगति की सही दिशा मालूम होती है.

शिक्षा को डिजिटल और स्मार्ट बनाने का उद्देश्यAI Based DPP Machine का उद्देश्य केवल शिक्षा को डिजिटल बनाना नहीं है, बल्कि सीखने की गुणवत्ता और परिणामों में सुधार लाना है. यह तकनीक छात्रों को अपनी गलतियों से सीखने, कमजोर विषयों पर ध्यान देने और तैयारी को और सटीक बनाने का अवसर देती है, जिससे कोटा ने एक बार फिर EdTech के क्षेत्र में अपनी अग्रणी पहचान स्थापित की है.

Location :

Kota,Kota,Rajasthan

First Published :

November 10, 2025, 08:37 IST

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कोटा में लॉन्च हुई इंडिया की पहली AI Miracle Machine! पढ़ाई होगी सुपर स्मार्ट!

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