सुबह की सैर से बढ़ती है उम्र और फिटनेस, जानें मार्निंग वॉक के आठ बड़े फायद – Himachal Pradesh News

Last Updated:October 11, 2025, 12:54 IST
Bageshwar News: सेहतमंद जीवन के लिए सुबह की सैर यानी मार्निंग वॉक बेहद जरूरी मानी जाती है. यह न सिर्फ शरीर को फिट रखती है बल्कि मानसिक शांति भी देती है. 
बागेश्वर: सुबह की सैर वजन घटाने और उसे नियंत्रित रखने का सबसे आसान तरीका है. रोजाना 30 मिनट की तेज चाल से की गई वॉक शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम करती है और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाती है. डॉक्टर डीपी शुक्ला बताते हैं कि नियमित वॉक करने से कैलोरी तेजी से बर्न होती है. जिससे मोटापा नियंत्रित रहता है. खासतौर पर जो लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं. उनके लिए मार्निंग वॉक बेहद फायदेमंद साबित होती है. यह शरीर में एनर्जी लेवल को भी बढ़ाती है, और पूरे दिन हल्कापन महसूस कराती है.

मार्निंग वॉक डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. डॉक्टर डीपी शुक्ला बताते हैं कि सुबह की नियमित सैर से ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है, क्योंकि यह इंसुलिन की कार्यक्षमता को बढ़ाती है. सुबह खाली पेट की गई वॉक शरीर में ग्लूकोज के सही उपयोग को सुनिश्चित करती है. इससे डायबिटीज के मरीजों में ब्लड शुगर अचानक बढ़ने या घटने की समस्या कम होती है. साथ ही, यह शरीर की कोशिकाओं को सक्रिय रखती है और थकान को दूर करती है.

बागेश्वर के वरिष्ठ डॉक्टर डीपी शुक्ला के अनुसार सुबह की सैर का सीधा संबंध नींद की गुणवत्ता से है. नियमित रूप से वॉक करने से शरीर थकान को सही ढंग से महसूस करता है, और रात में नींद गहरी आती है. वॉक से तनाव हार्मोन ‘कॉर्टिसोल’ का स्तर कम होता है. जिससे मन शांत रहता है. जो लोग अनिद्रा या बेचैनी की समस्या से जूझ रहे हैं. उनके लिए यह प्राकृतिक इलाज है. सुबह की ताजी हवा और ऑक्सीजन से मन तरोताजा होता है और नींद की लय नियमित रहती है.

सुबह की वॉक न सिर्फ शरीर बल्कि मन को भी सुकून देती है. हल्की ठंडी हवा और प्राकृतिक वातावरण तनाव को कम करते हैं. डॉक्टर शुक्ला बताते हैं कि वॉक करने से ‘सेरोटोनिन’ और ‘एंडोर्फिन’ जैसे हार्मोन सक्रिय होते हैं. जो मूड को खुश रखते हैं. जो लोग डिप्रेशन या एंग्जायटी से जूझ रहे हैं. उनके लिए यह एक बेहतरीन थेरेपी है. हर रोज कुछ देर की सैर मन में सकारात्मक ऊर्जा लाती है, और दिनभर आत्मविश्वास बनाए रखती है.

सुबह की वॉक फेफड़ों को मजबूत बनाती है. सूर्योदय से पहले के समय में वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा अधिक होती है. जिससे फेफड़ों को शुद्ध हवा मिलती है. डॉक्टर डीपी शुक्ला बताते हैं कि नियमित वॉक से सांस लेने की क्षमता बढ़ती है और अस्थमा जैसी बीमारियों में भी राहत मिलती है. यह फेफड़ों में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के संतुलन को सुधारती है. खासतौर पर पहाड़ी इलाकों जैसे बागेश्वर में सुबह की ताजी हवा शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा देती है.

बढ़ती उम्र में हड्डियों की मजबूती बनाए रखने के लिए वॉक बेहद जरूरी है. नियमित सैर से हड्डियों का घनत्व बढ़ता है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचाव होता है. डॉक्टर शुक्ला कहते हैं कि मार्निंग वॉक से जोड़ों की जकड़न कम होती है, और लचीलापन बढ़ता है. यह शरीर में विटामिन डी के उत्पादन को भी बढ़ावा देती है. खासकर जब वॉक हल्की धूप में की जाए. इसलिए सुबह का समय हड्डियों की सेहत के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है.

सुबह की सैर से रक्त संचार बेहतर होता है. जिससे त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है. डॉक्टर डीपी शुक्ला बताते हैं कि नियमित वॉक करने से चेहरे पर चमक बढ़ती है, क्योंकि शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति ठीक रहती है. यह टॉक्सिन्स को बाहर निकालती है और त्वचा को फ्रेश लुक देती है. पसीना आने से पोर्स साफ होते हैं. जिससे मुंहासे और दाग-धब्बे कम होते हैं. वॉक के बाद चेहरे पर आने वाली प्राकृतिक लालिमा किसी भीआ कॉस्मेटिक उत्पाद से बेहतर होती है.

सुबह की वॉक मन को शांत और एकाग्र बनाती है. डॉक्टर डीपी शुक्ला के अनुसार वॉक करते समय मस्तिष्क को अधिक ऑक्सीजन मिलती है. जिससे सोचने-समझने की क्षमता में सुधार होता है. यह दिनभर का मूड सेट करती है और कार्यक्षमता बढ़ाती है. विद्यार्थी और ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए सुबह की वॉक मानसिक फोकस बनाए रखने में बहुत मददगार होती है. नियमित रूप से वॉक करने वाले लोग अधिक सकारात्मक और आत्मविश्वासी महसूस करते हैं.
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October 11, 2025, 12:54 IST
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