Rajasthan

फेरे खत्म होते ही किताबों की ओर दौड़ी दुल्हन! शादी के जोड़े में ही पहुंची परीक्षा देने, देखकर सब रह गए हैरान

Last Updated:April 25, 2026, 13:39 IST

Pali Hindi News: शिक्षा के प्रति समर्पण की एक अनोखी और प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है, जहां एक दुल्हन ने शादी के तुरंत बाद अपनी परीक्षा को प्राथमिकता दी. फेरे खत्म होते ही वह सीधे मंडप से परीक्षा केंद्र पहुंच गई, वह भी अपने शादी के जोड़े में. इस घटना ने सभी को चौंका दिया और समाज में एक मजबूत संदेश दिया कि शिक्षा का महत्व किसी भी परिस्थिति में कम नहीं होना चाहिए. दुल्हन के इस फैसले की हर तरफ सराहना हो रही है, क्योंकि उसने पारंपरिक रस्मों के बीच भी अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा. यह कहानी खासकर युवाओं और छात्राओं के लिए प्रेरणा बन रही है, जो अपने सपनों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं.

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शादी या पढ़ाई? दुल्हन ने लिया ऐसा फैसला जिसने बदल दी सोच, देने पहुंची एग्जामZoomशादी छोड़कर परीक्षा देने पहुंची दुल्हन

पाली. कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो कोई भी जिम्मेदारी आपकी राह में बाधा नहीं बन सकती. ऐसा ही एक उदाहरण राजस्थान के पाली जिले के जैतारण में देखने को मिला. यहाँ एक नवविवाहिता ने सात फेरों के तुरंत बाद ससुराल जाने के बजाय परीक्षा केंद्र जाने का फैसला किया, ताकि उसका एक साल खराब न हो. दुल्हन के लिबास में सजी ममता को कॉलेज में पर्चा हल करते देख हर कोई दंग रह गया.

राजकीय महाविद्यालय जैतारण के प्राचार्य राकेश वर्मा ने बताया कि निमाज निवासी ममता कुमावत (पुत्री धर्माराम कुमावत) का विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ. फेरों की रस्में पूरी हुईं. विवाह की रस्मों के तुरंत बाद जहां विदाई की तैयारी शुरू होनी थी, वहीं ममता ने अपने पिता और दूल्हे समेत ससुराल पक्ष के सामने अपनी एम.ए. राजनीति विज्ञान (तृतीय सेमेस्टर) की परीक्षा देने की इच्छा प्रकट की. ममता के इस फैसले का दूल्हे और ससुराल पक्ष ने न केवल सम्मान किया, बल्कि उसे सहर्ष अनुमति भी दी.

दुल्हन के जोड़े में पहुंची परीक्षा केंद्रममता हाथों में मेहंदी, सोलह श्रृंगार और भारी भरकम लाल जोड़े में सीधे मंडप से राजकीय महाविद्यालय जैतारण पहुंचीं. परीक्षा केंद्र पर इस ‘दुल्हन परीक्षार्थी’ को देखकर स्टाफ और अन्य विद्यार्थी हैरान रह गए. ममता ने सामान्य परीक्षार्थियों की तरह अपनी सीट पर बैठकर राजनीति विज्ञान का पेपर हल किया. प्राचार्य और कॉलेज स्टाफ ने ममता के इस कदम की सराहना की और उसका उत्साहवर्धन किया.

परीक्षा के बाद हुई विदाई की रस्म ममता ने बताया कि उनके लिए शिक्षा और करियर उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि वैवाहिक जीवन. उन्होंने कहा कि विदाई की रस्में परीक्षा समाप्त होने के बाद ही पूरी की जाएंगी. इस दौरान उनके मायके और ससुराल, दोनों पक्षों के परिजन कॉलेज के बाहर उनका हौसला बढ़ाने के लिए मौजूद रहे. परिजनों के इस सहयोग ने यह साबित कर दिया कि आज समाज की सोच बदल रही है और बेटियों की शिक्षा के लिए परिवार हर चुनौती को स्वीकार करने को तैयार हैं.

सोशल मीडिया पर मिली खूब सराहनादुल्हन के वेश में परीक्षा देती ममता की तस्वीरें अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं. शिक्षा के प्रति उनके इस समर्पण की कॉलेज प्रशासन, स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है. लोग इसे महिला सशक्तिकरण और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की एक वास्तविक और सफल तस्वीर मान रहे हैं. ममता का यह फैसला उन हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो अक्सर शादी के बाद अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती हैं.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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First Published :

April 25, 2026, 13:39 IST

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