Dholpur News: गौ सम्मान, एकता और फिटनेस का संदेश लेकर 200 KM दौड़ी मालोनी खुर्द की युवा टोली

Last Updated:August 19, 2026, 11:03 IST
Dholpur News: धौलपुर जिले के मालोनी खुर्द गांव के युवाओं ने सोरों गंगा जी से करीब 200 किलोमीटर की डाक कांवड़ यात्रा महज 15 घंटे में पूरी कर मिसाल पेश की. युवाओं ने लगातार दौड़ते हुए गांव पहुंचकर प्राचीन शिव मंदिर में गंगाजल से भगवान महादेव का जलाभिषेक किया. यात्रा के जरिए युवाओं ने भक्ति के साथ फिटनेस, नशामुक्ति, गौ सम्मान, एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया.
धौलपुर. सावन के पवित्र महीने में देशभर में कांवड़ यात्रा का दौर शुरू हो जाता है, शिव भक्त अलग-अलग पवित्र स्थानों से गंगाजल लेकर भगवान महादेव का जलाभिषेक कर रहे हैं. इसी बीच धौलपुर जिले के मालोनी खुर्द गांव के युवाओं की टोली ने सोरों गंगा जी से मालोनी खुर्द गांव तक करीब 200 किलोमीटर की डाक कांवड़ यात्रा पूरी कर मिसाल पेश की है. युवा कावड़ियों ने यह डाक कावड़ यात्रा करीब 15 घंटे में पूरी की 200 किलोमीटर की डाक कावड़ यात्रा 15 घंटे बिना कही रुके दौड़कर पूरी करना बहुत ही चुनौती पूर्ण होता है.
डाक कावड़ यात्री सतेन्द्र समाधिया ने बताया कि मालोनी खुर्द गांव के सुनील त्यागी, सोमेश शर्मा, जोगिंदर बघेल, बॉबी सक्सेना, वंश समाधिया, अनिल शर्मा, आर्यन, काना समाधिया, अनुज सक्सेना, लवकुश सक्सेना, अनिल बघेला, सुमित बघेला, हिमांशु शर्मा,अमित,पवन और अमन सहित युवाओं की टोली रविवार सुबह सोरों गंगा जी के लिए रवाना हुई. रात करीब 8 बजे टोली सोरों गंगा जी पहुंची. यहां सभी कांवड़ियों ने गंगा जी में स्नान किया और रात 9 बजे महादेव का जयकारा लगाते हुए डाक कांवड़ लेकर अपने गांव मालोनी खुर्द के लिए रवाना हो गए.
देश में एकता व भाईचारा बनाए रखने का संदेश
सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे डाक कांवड़िए मालोनी खुर्द गांव पहुंचे, यहां गांव के प्राचीन शिव मंदिर में कांवड़ के गंगाजल से भगवान महादेव का जलाभिषेक किया. करीब 200 किलोमीटर के सफर के दौरान कांवड़िए लगातार महादेव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे. यात्रा का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं था. युवाओं ने भारत सरकार से गाय माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग और देश में एकता व भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया. डाक कावड़ यात्री सुनील त्यागी ने बताया कि आज कई युवा नशे और गलत संगत की वजह से अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते.
डाक कांवड़ के माध्यम से युवाओं को फिट रहने और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने का संदेश भी दिया गया है. पंडित विशंभर दयाल शर्मा ने बताया कि डाक कांवड़ सामान्य कांवड़ यात्रा से कठिन मानी जाती है. इसमें कांवड़ उठाने के बाद शिव धाम पहुंचने तक रुकने का नियम नहीं माना जाता. कांवड़िए लगातार चलते या दौड़ते हैं. कई बार टोली के सदस्य बारी-बारी से कांवड़ लेकर दौड़ते हैं और दूसरे साथी वाहन से साथ चलते हैं. यही वजह है कि डाक कांवड़ को कठिन और अनुशासन वाली यात्रा माना जाता है. इस कावड़ यात्रा में युवाओं ने भक्ति के साथ फिटनेस, गौ सम्मान, एकता और भाईचारे का सकारात्मक संदेश दिया है.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Dhaulpur,Rajasthan
First Published :
August 19, 2026, 11:03 IST



