बाड़मेर की छात्रा ने बनाया 700 का कूलर

Last Updated:April 25, 2026, 07:42 IST
Barmer Student Bhavana Desi Cooler Low Cost Innovation: बाड़मेर जिले के तिरसिंगड़ी गांव की 10वीं की छात्रा भावना ने कबाड़ के सामान से एक किफायती देसी कूलर बनाकर सबको हैरान कर दिया है. केवल 700 रुपये की लागत से तैयार इस कूलर में भावना ने खाली तेल के ड्रम, लकड़ी, वायर और एक छोटी मोटर का इस्तेमाल किया है. भावना ने करीब एक महीने तक अपने घर के पुराने कूलर के मॉडल को समझने के बाद यह देसी जुगाड़ बनाया है. रेगिस्तानी इलाकों में जहाँ गर्मी के कारण आम जनजीवन प्रभावित होता है, वहाँ यह सस्ता कूलर मध्यम और गरीब परिवारों के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है.
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बाड़मेर. प्रतिभा किसी महंगे संसाधनों की मोहताज नहीं होती, इसे सच कर दिखाया है बाड़मेर जिले के तिरसिंगड़ी गांव की एक होनहार छात्रा ने. 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली भावना ने अपनी रचनात्मक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का परिचय देते हुए एक ऐसा ‘जुगाड़ कूलर’ बनाया है, जो इस सीजन में चर्चा का विषय बन गया है. जहाँ बाजार में ब्रांडेड कूलरों की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं भावना का यह आविष्कार सिर्फ 700 रुपये की मामूली लागत में तैयार हुआ है. यह देसी तकनीक उन ग्रामीण परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण है, जो बजट की कमी के कारण भीषण गर्मी में राहत नहीं पा पाते.
भावना ने इस कूलर को बनाने के लिए घर में पड़े बेकार सामान का इस्तेमाल किया है. इसमें एक खाली तेल का ड्रम, पुराने वायर, एक छोटी पानी की मोटर और लकड़ी के ढाँचे का प्रयोग किया गया है. भावना ने बताया कि उसने अपने घर में चल रहे बड़े कूलर की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा और उसी सिद्धांत (Mechanism) को एक छोटे और किफायती मॉडल में ढाल दिया. करीब एक महीने की कड़ी मेहनत और रिसर्च के बाद यह मॉडल पूरी तरह तैयार हुआ, जो अब घर को अपनी ठंडी हवा से महका रहा है.
गाँव के लिए वरदान साबित होगी तकनीकग्रामीण इलाकों में बिजली की किल्लत और आर्थिक तंगी के बीच यह कूलर काफी प्रभावी साबित हो रहा है. यह जुगाड़ न केवल बिजली की कम खपत करता है, बल्कि इसे घर पर आसानी से मरम्मत (Repair) भी किया जा सकता है. जहाँ मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए 5 से 10 हजार का कूलर खरीदना मुश्किल होता है, वहाँ भावना का यह 700 रुपये वाला विकल्प ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकता है. इस कूलर की बनावट इतनी सरल और मजबूत है कि यह लंबे समय तक ठंडी हवा देने में सक्षम है.
भविष्य का विजन: अब बड़े मॉडल की तैयारीअपनी इस सफलता से उत्साहित भावना अब शांत बैठने वाली नहीं है. उसने बताया कि फिलहाल यह एक छोटा प्रयोग था, लेकिन अब वह इसे और भी बेहतर और बड़े आकार में बनाने की योजना बना रही है. उसका लक्ष्य है कि करीब 1500 रुपये की लागत में एक ऐसा दमदार कूलर तैयार किया जाए, जो बड़े कमरों को भी बर्फ जैसा ठंडा कर सके. बाड़मेर की इस बेटी का यह जज्बा न केवल आत्मनिर्भर भारत की झलक पेश करता है, बल्कि अन्य युवाओं को भी कबाड़ से कुछ नया सृजित करने की प्रेरणा देता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Location :
Barmer,Barmer,Rajasthan
First Published :
April 25, 2026, 07:42 IST



